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हाईकोर्ट के जज की अध्यक्षता वाली समिति करे जांच : जैन

Wed, 24 Sep 2025 02:07 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 24 Sep 2025 02:07 AM IST
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A committee headed by a High Court judge should investigate: Jain
ललितपुर। बजाज फाइनेंस फ्रॉड मामले में शिवम राठौर के जेल जाने के बाद पिता लक्ष्मीनारायण राठौर द्वारा आत्महत्या कर लेने और पुलिस पर आरोप लगाने के मामले में मंगलवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री के नेतृत्व में कांग्रेस का डेलिगेशन ललितपुर आया। यहां उन्होंने मृतक के परिवार से बातकर घटना के संबंध में जानकारी ली। वहीं टीम ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। टीम ने शासन से हाईकोर्ट के सिटिंग जज की अध्यक्षता में मामले की जांच कराए जाने और पीड़ित परिवार को पचास लाख रुपये की आर्थिक मदद देने और दोषी पुलिस कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
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कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल मंगलवार को दोपहर दो बजे मोहल्ला रामनगर स्थित पीड़ित राठौर परिवार से मिलने पहुंचा। जहां प्रतिनिधि मंडल ने परिवार के लोगों से मिलकर मृतक लक्ष्मीनारायण के प्रति शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं और परिजनों से घटना के संबंध में जानकारी ली। इस पर परिजनों ने बताया कि शिवम राठौर को किस प्रकार मामले में शामिल किया, इसकी सच्चाई पूर्व केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखी।
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पूर्व केंद्रीय मंत्री ने परिवार को विश्वास दिलाया कि कांग्रेस पार्टी पूरी मजबूती के साथ इस न्याय की लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने कहा कि राठौर परिवार का यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा, उन्हें न्याय जरूर मिलेगा। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और राष्ट्रीय अध्यक्ष का संदेश लेकर यहां आए हैं। उन्होंने कहा कि राठौर परिवार पूरी ईमानदार से मुहर बनाने का काम करता था। इस परिवार के साथ अन्याय हुआ, शिवम को जेल भेजा गया। आरोप लगाया कि दबाव के कारण पहले मुहर बनवाई गईं, फिर इसी घबराहट में लक्ष्मीनारायण ने मध्य प्रदेश में आत्महत्या कर ली। जब उनके अंतिम संस्कार के लिए ले जा रहे थे, तो उन पर मुकदमा लिखा, जिसमें कांग्रेस व सपा के नेताओं व अन्य पर झूठे मुकदमे लिखने का आरोप लगाया।
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पूर्व केंद्रीय मंत्री ने शासन से इस मामले की हाईकोर्ट के सिटिंग जज की अध्यक्षता में जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के शासन काल में भी कभी ऐसा नहीं हुआ कि कोई बेटा अपने पिता को मुखाग्नि देने आया हो और उसके हाथ में हथकड़ी लगी हो। वहां वह भाग नहीं सकता था। यह मानवाधिकार का उल्लंघन किया गया है। यहां तक कि अस्थि विसर्जन के लिए भी प्रशासन नहीं पसीज रहा है, शिवम जेल में है।

उन्होंने मांग की है कि इस मामले में मुकदमा खत्म हो, पीड़ित परिवार को पचास लाख की आर्थिक मदद दी जाए और परिवार के एक सदस्य को नौकरी शासन दे। इसके साथ ही उन्होंने षड़यंत्र करने वाले पुलिस अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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