{"_id":"25-52812","slug":"Lalitpur-52812-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूरी जमीन न मिलने पर आत्मदाह धमकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूरी जमीन न मिलने पर आत्मदाह धमकी
Lalitpur
Updated Thu, 13 Nov 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सैदपुर (ललितपुर)। कसबा सैदपुर सहित कई गांव में हुई चकबंदी में जमकर धांधली की गई। बुधवार को लगाई गई चौपाल में एक महिला ने पूरी जमीन नहीं मिलने पर आत्मदाह करने की धमकी दे डाली। इससे अधिकारियों के होश उड़ गए। चौपाल में दर्जनों गांव के सैकड़ों किसानों ने समस्याएं रखीं।
कसबा सैदपुर सहित दर्जनों गांव में सालों से चकबंदी प्रक्रिया चल रही है। इसमें अधिकारियों-कर्मचारियों ने जमकर मनमानी की। इसके चलते उपजाऊ वाले किसानों को बंजर या अनुपजाऊ जमीन मिल गई। किसी को जल भराव वाली जमीन मिली। इससे किसानों ने मोर्चा खोल दिया था। जिलाधिकारी जुहेर बिन सगीर के निर्देश पर बुधवार को कस्बा सैदपुर स्थित पंचायत भवन में चकबंदी अधिकारियों ने एक चौपाल का आयोजन किया, इसमें दर्जनों गांव के सैकड़ों किसानों ने अपने प्रार्थनापत्र दिए। किसानों ने बताया कि चकबंदी के नाम पर उनके साथ अन्याय किया है, जिससे परिवार भुखमरी के कगार पर खड़ा हो गया है। बन्दोवस्त अधिकारी देवेन्द्र कुमार गुप्ता को एक ग्रामीण रामसरन प्रजापति ने बताया कि उसकी तीन एकड़ उपजाऊ जमीन के बदले चकबंदी कर्मचारियों ने नहर के माइनर के पास जमीन का चक नाप दिया, जिससे वह खेती से वंचित हो गया। रामसहाय दीक्षित ने बताया की मूल जोत से हटाकर दलदली जमीन पर चक बना दिया है, जिसमें पानी भरे रहने के कारण खेती करना संभव नहीं है। भौड़ीबारी पत्नी मठोले रैकवार ने बताया कि उनकी सड़क किनारे की जमीन पर घर बना था एवं पेड़ लगे थे ुउन्हें उस जमीन से बेदखल करते हुए करते हुए खराब स्थान पर जमीन नाम दी है। अंगूरी पत्नी रामस्वरुप बरार ने बताया की उसे चकबंदी में कम जमीन दी गई है, जिससे वह काफी परेशान है। अगर उसको जमीन पूरी नहीं दी गई तो वह आत्मदाह कर लेगी, इससे अधिकारियों के होश उड़ गए और जल्द से जल्द हल करने का आश्वासन दिया। अन्य किसानों की समस्याओं पर भी अधिकारियों की ओर से आश्वासन दिए गए। चौपाल में चकबंदी अधिकारी पारसनाथ यादव, सुरेश चंद अनुरागी, ओमप्रकाश सोनी, अवधेश गुप्ता, राजनारायण सविता सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे ।
विज्ञापन
कसबा सैदपुर सहित दर्जनों गांव में सालों से चकबंदी प्रक्रिया चल रही है। इसमें अधिकारियों-कर्मचारियों ने जमकर मनमानी की। इसके चलते उपजाऊ वाले किसानों को बंजर या अनुपजाऊ जमीन मिल गई। किसी को जल भराव वाली जमीन मिली। इससे किसानों ने मोर्चा खोल दिया था। जिलाधिकारी जुहेर बिन सगीर के निर्देश पर बुधवार को कस्बा सैदपुर स्थित पंचायत भवन में चकबंदी अधिकारियों ने एक चौपाल का आयोजन किया, इसमें दर्जनों गांव के सैकड़ों किसानों ने अपने प्रार्थनापत्र दिए। किसानों ने बताया कि चकबंदी के नाम पर उनके साथ अन्याय किया है, जिससे परिवार भुखमरी के कगार पर खड़ा हो गया है। बन्दोवस्त अधिकारी देवेन्द्र कुमार गुप्ता को एक ग्रामीण रामसरन प्रजापति ने बताया कि उसकी तीन एकड़ उपजाऊ जमीन के बदले चकबंदी कर्मचारियों ने नहर के माइनर के पास जमीन का चक नाप दिया, जिससे वह खेती से वंचित हो गया। रामसहाय दीक्षित ने बताया की मूल जोत से हटाकर दलदली जमीन पर चक बना दिया है, जिसमें पानी भरे रहने के कारण खेती करना संभव नहीं है। भौड़ीबारी पत्नी मठोले रैकवार ने बताया कि उनकी सड़क किनारे की जमीन पर घर बना था एवं पेड़ लगे थे ुउन्हें उस जमीन से बेदखल करते हुए करते हुए खराब स्थान पर जमीन नाम दी है। अंगूरी पत्नी रामस्वरुप बरार ने बताया की उसे चकबंदी में कम जमीन दी गई है, जिससे वह काफी परेशान है। अगर उसको जमीन पूरी नहीं दी गई तो वह आत्मदाह कर लेगी, इससे अधिकारियों के होश उड़ गए और जल्द से जल्द हल करने का आश्वासन दिया। अन्य किसानों की समस्याओं पर भी अधिकारियों की ओर से आश्वासन दिए गए। चौपाल में चकबंदी अधिकारी पारसनाथ यादव, सुरेश चंद अनुरागी, ओमप्रकाश सोनी, अवधेश गुप्ता, राजनारायण सविता सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे ।
विज्ञापन