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पति समेत आठ पर दहेज उत्पीड़न का मुकदमा
Lalitpur
Updated Sat, 21 Jun 2014 05:36 AM IST
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ललितपुर। नगर की एक युवती को प्रेम जाल में फंसाकर स्थानीय युवक ने धर्म परिवर्तन कराकर उससे निकाह कर लिया। शादी के बाद दहेज की खातिर ससुराल में उसे शारीरिक यातनाएं दी गईं, जिससे उसका गर्भपात हो गया, इसके बाद उसे घर से निकाल दिया गया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने पति समेत आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पीड़िता का आरोप है कि एक स्थानीय युवक ने उसे दो वर्ष पूर्व प्रेम जाल में फंसा लिया था। 15 मई 2012 को उसका धर्म परिवर्तन कराया गया। 19 मई 2012 को झांसी में उसके साथ निकाह कर लिया, इसके बाद वह अपने पति के साथ ससुराल में रहने लगी। जहां, सास, ससुर, जेठ एवं जेठानी ने दहेज के रूप में दो लाख रुपया, पांच तोला सोना एवं मोटरसाइकिल न मिलने पर उसे बहू मानने से इंकार कर दिया और उसके पति का दूसरा विवाह कराने का फरमान सुना दिया। मांग पूरी न होने पर उसे तरह- तरह से प्रताड़ित किया जाने लगा। वह चुपचाप सब कुछ सहन करती रही। 13 मई 2014 को शाम साढ़े सात बजे ससुरालीजनों ने मिलकर उसकी पिटाई की, जिससे उसका गर्भपात हो गया। इसके बाद ससुरालीजनों ने उसे घर से निकाल दिया, जबकि वह अपने पति के साथ रहना चाहती थी। 31 मई 2014 को ससुराल पक्ष के लोग 50 - 50 रुपये के खाली स्टाम्प लेकर उसके पास आए और जबरन हस्ताक्षर कराने का प्रयास करने लगे। इंकार करने पर कुछ दिन सोचने का समय देकर चले गए। 20 अप्रैल 2014 को स्टाम्प पर हस्ताक्षर लेने के लिए उसके साथ मारपीट की गई। इस दौरान उसे अपमानित किया गया। शराबियों को उसके पास भेजकर अश्लील हरकतें कराई गईं, जिससे परेशान होकर उसने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर आपबीती सुनाई। इस बात की भनक लगने पर ससुरालीजन उस पर राजीनामा को दबाव बनाने लगे। पीड़िता के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक विजय यादव ने मुकदमा दर्ज करने के निर्देश जारी कर दिए। कोतवाली पुलिस ने नदीपुरा निवासी पति आकिल एवं ससुराल पक्ष के अब्दुल गनी, रुखसाना, जाकिर, मसर्रतजहां, राबिया, जफर मिस्त्री एवं मंगेश खां के अलावा तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 498 ए, 323, 504, 506, 313, 294 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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पीड़िता का आरोप है कि एक स्थानीय युवक ने उसे दो वर्ष पूर्व प्रेम जाल में फंसा लिया था। 15 मई 2012 को उसका धर्म परिवर्तन कराया गया। 19 मई 2012 को झांसी में उसके साथ निकाह कर लिया, इसके बाद वह अपने पति के साथ ससुराल में रहने लगी। जहां, सास, ससुर, जेठ एवं जेठानी ने दहेज के रूप में दो लाख रुपया, पांच तोला सोना एवं मोटरसाइकिल न मिलने पर उसे बहू मानने से इंकार कर दिया और उसके पति का दूसरा विवाह कराने का फरमान सुना दिया। मांग पूरी न होने पर उसे तरह- तरह से प्रताड़ित किया जाने लगा। वह चुपचाप सब कुछ सहन करती रही। 13 मई 2014 को शाम साढ़े सात बजे ससुरालीजनों ने मिलकर उसकी पिटाई की, जिससे उसका गर्भपात हो गया। इसके बाद ससुरालीजनों ने उसे घर से निकाल दिया, जबकि वह अपने पति के साथ रहना चाहती थी। 31 मई 2014 को ससुराल पक्ष के लोग 50 - 50 रुपये के खाली स्टाम्प लेकर उसके पास आए और जबरन हस्ताक्षर कराने का प्रयास करने लगे। इंकार करने पर कुछ दिन सोचने का समय देकर चले गए। 20 अप्रैल 2014 को स्टाम्प पर हस्ताक्षर लेने के लिए उसके साथ मारपीट की गई। इस दौरान उसे अपमानित किया गया। शराबियों को उसके पास भेजकर अश्लील हरकतें कराई गईं, जिससे परेशान होकर उसने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर आपबीती सुनाई। इस बात की भनक लगने पर ससुरालीजन उस पर राजीनामा को दबाव बनाने लगे। पीड़िता के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक विजय यादव ने मुकदमा दर्ज करने के निर्देश जारी कर दिए। कोतवाली पुलिस ने नदीपुरा निवासी पति आकिल एवं ससुराल पक्ष के अब्दुल गनी, रुखसाना, जाकिर, मसर्रतजहां, राबिया, जफर मिस्त्री एवं मंगेश खां के अलावा तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 498 ए, 323, 504, 506, 313, 294 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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