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तालबेहट में शीघ्र रुकेगी उत्कल एक्सप्रेस
Lalitpur
Updated Mon, 10 Jun 2013 05:30 AM IST
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तालबेहट (ललितपुर)। तालबेहट के वाशिंदों के लिए एक खुशखबरी हैं। पुरी और हरिद्वार के बीच चलने वाली उत्कल एक्सप्रेस का यहां शीघ्र ही ठहराव होगा। यह आश्वासन केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने एक पत्रकार वार्ता के दौरान यहां के लोगों को दिया। उन्होंने माना कि क्षेत्र में व्याप्त समस्याओं के लिए जनप्रतिनिधि भी जिम्मेदार हैं।
विद्युत समस्या के समाधान के लिए पारीछा में होने वाले आंदोलन की तैयारी के लिए मंगलवार का तालबेहट आए केंद्रीय मंत्री ने निरीक्षण गृह में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि पारीछा में बनने वाली विद्युत नेशनल ग्रिड में न जा कर सीधे स्टेट की मैनपुरी ग्रिड में जाती है। इससे बुंदेलखंड की जनता को परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब बुंदेलखंड में विद्युत के बनने से यहां का पानी, किसानों के खेत प्रदूषित हो रहे है, तो फिर यहां के किसानों को विद्युत के लिए क्यों परेशान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पारीछा में होने वाले आंदोलन की कोई समय सीमा तय नहीं है। उन्होंने कहा कि पूरे बुंदेलखंड में समस्याओं की भरमार है। इनके निराकरण के लिए मंत्री ने स्वयं को जिम्मेदार मानते हुए अन्य दलों के जनप्रतिनिधियों को भी दोषी ठहराया। उन्होंने कहा कि समस्याओं के निराकरण के लिए जनप्रतिनिधियों को दलगत राजनीति से ऊपर उठ कर सोचना होगा।
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विद्युत समस्या के समाधान के लिए पारीछा में होने वाले आंदोलन की तैयारी के लिए मंगलवार का तालबेहट आए केंद्रीय मंत्री ने निरीक्षण गृह में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि पारीछा में बनने वाली विद्युत नेशनल ग्रिड में न जा कर सीधे स्टेट की मैनपुरी ग्रिड में जाती है। इससे बुंदेलखंड की जनता को परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब बुंदेलखंड में विद्युत के बनने से यहां का पानी, किसानों के खेत प्रदूषित हो रहे है, तो फिर यहां के किसानों को विद्युत के लिए क्यों परेशान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पारीछा में होने वाले आंदोलन की कोई समय सीमा तय नहीं है। उन्होंने कहा कि पूरे बुंदेलखंड में समस्याओं की भरमार है। इनके निराकरण के लिए मंत्री ने स्वयं को जिम्मेदार मानते हुए अन्य दलों के जनप्रतिनिधियों को भी दोषी ठहराया। उन्होंने कहा कि समस्याओं के निराकरण के लिए जनप्रतिनिधियों को दलगत राजनीति से ऊपर उठ कर सोचना होगा।
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