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आजादी के नायक थे चंद्रशेखर आजाद
Lalitpur
Updated Thu, 28 Feb 2013 05:31 AM IST
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ललितपुर। अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद के शहीद दिवस के अवसर पर भारत विकास परिषद ने एक कार्यक्रम आयोजित किया। इस अवसर पर घंटाघर पर स्थित आजाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया इसके पश्चात आयोजित गोष्ठी में वक्ताओं ने उनको आजादी का नायक बताया।
घंटाघर पर आयोजित गोष्ठी की अध्यक्षता नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने की। डा. प्रबल सक्सेना ने गोष्ठी में कहा कि अमर शहीद चंद्रशेखर ने मौत को गले लगाया, लेकिन भारत माता के नाम को नहीं छोड़ा। वे फिरंगियों को देश से खदेड़ना चाहते थे लेकिन अंग्रेजों ने उनको मौत की नींद सुला दी। अन्य वक्ताओं ने आजाद के बचपन के संस्मरण सुनाएं। इस अवसर पर पवन कुमार जैन, वैभव जैन, संजीव सौरया, अजय रावत, डा. संजीव कड़की, अमित शाह, कौशल किशोर, दीपक नामदेव, अजित सराफ, महादेव प्रसाद, हरी बाबू शर्मा, डा. संदीप कड़की, प्रदीप चौबे, दीपक सिंघई आदि उपस्थित रहे।
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घंटाघर पर आयोजित गोष्ठी की अध्यक्षता नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने की। डा. प्रबल सक्सेना ने गोष्ठी में कहा कि अमर शहीद चंद्रशेखर ने मौत को गले लगाया, लेकिन भारत माता के नाम को नहीं छोड़ा। वे फिरंगियों को देश से खदेड़ना चाहते थे लेकिन अंग्रेजों ने उनको मौत की नींद सुला दी। अन्य वक्ताओं ने आजाद के बचपन के संस्मरण सुनाएं। इस अवसर पर पवन कुमार जैन, वैभव जैन, संजीव सौरया, अजय रावत, डा. संजीव कड़की, अमित शाह, कौशल किशोर, दीपक नामदेव, अजित सराफ, महादेव प्रसाद, हरी बाबू शर्मा, डा. संदीप कड़की, प्रदीप चौबे, दीपक सिंघई आदि उपस्थित रहे।
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