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शिक्षक संघ में उभरे विरोध के स्वर
Lalitpur
Updated Sun, 18 Nov 2012 12:00 PM IST
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ललितपुर। पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के चुनाव में विरोध के स्वर फूटने लगे हैं। संघर्ष समिति के पूर्व पदाधिकारी ने जनपदस्तरीय पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए संगठन की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इस संबंध में उन्होंने प्रांतीय अध्यक्ष व महामंत्री को त्याग पत्र भेज दिया है।
पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के चुनाव निर्धारित समय से लेट हो गए हैं। बीते माह ब्लाक स्तरीय चुनाव प्रारंभ हुए लेकिन, जिले के चुनाव का कार्यक्रम तय नहीं हो सका है। इस बात को लेकर संगठन के कई पदाधिकारी, व कार्यकर्ता नाराज हैं। संगठन के अंदर घमासान मचा हुआ है। संघर्ष समिति के पूर्व महामंत्री हेमंत तिवारी के इस्तीफे से अंतर्कलह उभरकर सामने आ गया है। उन्होंने प्रांतीय अध्यक्ष को भेजे त्याग पत्र में जिलास्तरीय पदाधिकारियों पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जिले में बैठे पदाधिकारी शिक्षकों की समस्याओं के प्रति उदासीन बने हुए हैं। पिछले डेढ़ वर्ष से संगठन की बैठक आहूत नहीं की गई है। इसके अलावा सदस्यता अभियान चलाने से कन्नी काट रहे हैं। बीते दिनों पुरानी सदस्यता पर ही ब्लाक स्तरीय चुनाव करा लिए गए। इस दौरान तमाम कार्यकर्ताओं को चुनाव कार्यक्रम की सूचना तक नहीं दी गई। विकासखंड जखौरा में चालीस अध्यापकों की उपस्थिति में चुनाव कराया गया जबकि बिरधा में पंद्रह व तालबेहट में बीस अध्यापक ही चुनाव में शामिल हुए। इसके अतिरिक्त रक्तदान जैसे रचनात्मक कार्यों में भी संगठन उदासीन बना हुआ है। उन्होंने इन आरोपों को आधार बनाते हुए तत्काल संगठन की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इस सूचना से संगठन के पदाधिकारियों में खलबली मच गई है।
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पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के चुनाव निर्धारित समय से लेट हो गए हैं। बीते माह ब्लाक स्तरीय चुनाव प्रारंभ हुए लेकिन, जिले के चुनाव का कार्यक्रम तय नहीं हो सका है। इस बात को लेकर संगठन के कई पदाधिकारी, व कार्यकर्ता नाराज हैं। संगठन के अंदर घमासान मचा हुआ है। संघर्ष समिति के पूर्व महामंत्री हेमंत तिवारी के इस्तीफे से अंतर्कलह उभरकर सामने आ गया है। उन्होंने प्रांतीय अध्यक्ष को भेजे त्याग पत्र में जिलास्तरीय पदाधिकारियों पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जिले में बैठे पदाधिकारी शिक्षकों की समस्याओं के प्रति उदासीन बने हुए हैं। पिछले डेढ़ वर्ष से संगठन की बैठक आहूत नहीं की गई है। इसके अलावा सदस्यता अभियान चलाने से कन्नी काट रहे हैं। बीते दिनों पुरानी सदस्यता पर ही ब्लाक स्तरीय चुनाव करा लिए गए। इस दौरान तमाम कार्यकर्ताओं को चुनाव कार्यक्रम की सूचना तक नहीं दी गई। विकासखंड जखौरा में चालीस अध्यापकों की उपस्थिति में चुनाव कराया गया जबकि बिरधा में पंद्रह व तालबेहट में बीस अध्यापक ही चुनाव में शामिल हुए। इसके अतिरिक्त रक्तदान जैसे रचनात्मक कार्यों में भी संगठन उदासीन बना हुआ है। उन्होंने इन आरोपों को आधार बनाते हुए तत्काल संगठन की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इस सूचना से संगठन के पदाधिकारियों में खलबली मच गई है।
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