{"_id":"25-26921","slug":"Lalitpur-26921-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"नक्शा पास कराए बगैर धड़ल्ले से हो रहा निर्माण ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नक्शा पास कराए बगैर धड़ल्ले से हो रहा निर्माण
Lalitpur
Updated Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
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ललितपुर। नगर सीमा के अंदर नक्शा पास किए बगैर सिर्फ नगर पालिका परिषद ने ही दुकानों का निर्माण नहीं कराया बल्कि विभिन्न सरकारी विभाग विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण को ठेंगा दिखाकर निर्माण कार्य करवाने में जुटे हुए हैं। सिद्धन रोड स्थित नई तहसील व जेल की नई दीवार इसका उदाहरण है। बावजूद इसके प्राधिकरण ने उक्त विभागों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की।
नगर सीमा के अंदर सुनियोजित विकास पर विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण नजर रखता है। किसी भी भवन के निर्माण से पहले प्राधिकरण से बाकायदा नक्शा पास करवाना पड़ता है। जहां गैर सरकारी नक्शे के लिए विभाग जहां फीस वसूल करता है वहीं सरकारी निर्माण को फीस की छूट शासन ने दे रखी है। इस रियायत का सबसे अधिक बेजा इस्तेमाल सरकारी विभागों ने ही किया है। नक्शा पास करवाना तो दूर निर्माण कार्य से पहले संबंधित विभाग के अधिकारियों ने नक्शे के लिए विनिमित क्षेत्र प्राधिकरण में आवेदन तक नहीं किया। बीते दिनों विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण ने ऐसे ही निर्माण कार्य को गिराने के लिए नगर पालिका परिषद को नोटिस जारी किया है। मजेदार बात यह है कि नगर पालिका परिषद के अलावा भी कई महकमे बिना नक्शा पास करवाए नगर सीमा के भीतर धड़ल्ले से निर्माण कार्य करवाने में जुटे हुए हैं। सिद्धन रोड के पास दो करोड़ सैंतालीस लाख नवासी हजार रुपये की लागत से नये तहसील भवन का निर्माण कार्य पैक्स पैड करवा रहा है। नियमानुसार निर्माण एजेंसी को विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण में नक्शे के लिए आवेदन करना था पर ऐसा नहीं किया गया। यही हाल जेल के बाहरी हिस्से में बनाई जा रही दीवार का है। नगर के बीचोबीच इस निर्माण कार्य की भी सूचना विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण को नहीं दी गई। अहम पहलू यह भी है कि विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण ने भी उक्त दोनों विभागों को नोटिस तक जारी नहीं किया। नपा के खिलाफ कठोर कार्रवाई की तुलना लोग इन निर्माण कार्यों से करने लगे हैं।
कांशीराम आवासों को भी मिला अभयदान!
ललितपुर। बहुजन समाज पार्टी की सरकार के दौरान मान्यवर कांशीराम शहरी आवासीय योजना को विनियमिति क्षेत्र प्राधिकरण ने शायद अभयदान दे दिया था। यही वजह है कि विभाग ने गरीबों के लिए बनाई गई बहुमंजिली इमारतों को मूर्त रूप देने वाले विभाग को एक भी नोटिस जारी नहीं किया।
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नगरीय सीमा के अंदर गरीबी रेखा के नीचे झोपड़ियों व कच्चे भवनों में जीवन गुजार रहे लोगों के लिए बहुजन समाज पार्टी की सरकार ने मान्यवर कांशीराम शहरी आवासीय योजना संचालित की। इसके तहत नगर में भी खिरिकापुरा, गोविंद नगर, आईटीआई के पास सहित कई स्थानों पर बहुमंजली इमारतों का निर्माण कराया गया। लेकिन, निर्माण कार्य करवाने वाले अवास विकास ने विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण के नियमों की ओर ध्यान नहीं दिया। इमारत तैयार हो गई और लोगों को आवास भी आवंटित कर दिए गए पर विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण की नींद नहीं टूटी। नियमानुसार बिना नक्शा पास कराए हो रहे निर्माण कार्य को रोकने के लिए विभागीय अधिकारियों को नोटिस जारी करना चाहिए पर सरकार की प्राथमिकता के आगे विभाग के उक्त नियम बौने पड़ गए। नोटिस तो दूर विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण अधिकारियों व कर्मचारियों ने निर्माण स्थल का निरीक्षण तक नहीं किया। इन भवनों के संबंध में किए गए सवालों का विभागीय अधिकारी भी कोई जवाब नहीं दे सके।
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नगर सीमा के अंदर सुनियोजित विकास पर विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण नजर रखता है। किसी भी भवन के निर्माण से पहले प्राधिकरण से बाकायदा नक्शा पास करवाना पड़ता है। जहां गैर सरकारी नक्शे के लिए विभाग जहां फीस वसूल करता है वहीं सरकारी निर्माण को फीस की छूट शासन ने दे रखी है। इस रियायत का सबसे अधिक बेजा इस्तेमाल सरकारी विभागों ने ही किया है। नक्शा पास करवाना तो दूर निर्माण कार्य से पहले संबंधित विभाग के अधिकारियों ने नक्शे के लिए विनिमित क्षेत्र प्राधिकरण में आवेदन तक नहीं किया। बीते दिनों विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण ने ऐसे ही निर्माण कार्य को गिराने के लिए नगर पालिका परिषद को नोटिस जारी किया है। मजेदार बात यह है कि नगर पालिका परिषद के अलावा भी कई महकमे बिना नक्शा पास करवाए नगर सीमा के भीतर धड़ल्ले से निर्माण कार्य करवाने में जुटे हुए हैं। सिद्धन रोड के पास दो करोड़ सैंतालीस लाख नवासी हजार रुपये की लागत से नये तहसील भवन का निर्माण कार्य पैक्स पैड करवा रहा है। नियमानुसार निर्माण एजेंसी को विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण में नक्शे के लिए आवेदन करना था पर ऐसा नहीं किया गया। यही हाल जेल के बाहरी हिस्से में बनाई जा रही दीवार का है। नगर के बीचोबीच इस निर्माण कार्य की भी सूचना विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण को नहीं दी गई। अहम पहलू यह भी है कि विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण ने भी उक्त दोनों विभागों को नोटिस तक जारी नहीं किया। नपा के खिलाफ कठोर कार्रवाई की तुलना लोग इन निर्माण कार्यों से करने लगे हैं।
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कांशीराम आवासों को भी मिला अभयदान!
ललितपुर। बहुजन समाज पार्टी की सरकार के दौरान मान्यवर कांशीराम शहरी आवासीय योजना को विनियमिति क्षेत्र प्राधिकरण ने शायद अभयदान दे दिया था। यही वजह है कि विभाग ने गरीबों के लिए बनाई गई बहुमंजिली इमारतों को मूर्त रूप देने वाले विभाग को एक भी नोटिस जारी नहीं किया।
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नगरीय सीमा के अंदर गरीबी रेखा के नीचे झोपड़ियों व कच्चे भवनों में जीवन गुजार रहे लोगों के लिए बहुजन समाज पार्टी की सरकार ने मान्यवर कांशीराम शहरी आवासीय योजना संचालित की। इसके तहत नगर में भी खिरिकापुरा, गोविंद नगर, आईटीआई के पास सहित कई स्थानों पर बहुमंजली इमारतों का निर्माण कराया गया। लेकिन, निर्माण कार्य करवाने वाले अवास विकास ने विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण के नियमों की ओर ध्यान नहीं दिया। इमारत तैयार हो गई और लोगों को आवास भी आवंटित कर दिए गए पर विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण की नींद नहीं टूटी। नियमानुसार बिना नक्शा पास कराए हो रहे निर्माण कार्य को रोकने के लिए विभागीय अधिकारियों को नोटिस जारी करना चाहिए पर सरकार की प्राथमिकता के आगे विभाग के उक्त नियम बौने पड़ गए। नोटिस तो दूर विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण अधिकारियों व कर्मचारियों ने निर्माण स्थल का निरीक्षण तक नहीं किया। इन भवनों के संबंध में किए गए सवालों का विभागीय अधिकारी भी कोई जवाब नहीं दे सके।