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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   96 million will examine relief distribution

96 करोड़ की राहत राशि वितरण की होगी जांच

Mon, 01 Feb 2016 12:51 AM IST
ब्यूरो
ब्यूरो Updated Mon, 01 Feb 2016 12:51 AM IST
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ललितपुर। ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से जिले के प्रभावित किसानों को बांटी गई राहत राशि की जांच होगी। इसके लिए डीएम ने दो सदस्यीय टीम गठित कर जांच करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान बैंक स्टेटमेंट, लाभार्थी के नाम, लेखपालों के नाम के साथ-साथ कृषकों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
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गत वर्ष रबी फसल के सीजन में हुई ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से किसानों को भारी क्षति हुई थी। कुल मिला कर जिले के 2,89,593 किसानों का 355,12,15,541 रुपये का नुकसान हुआ था। इसके सापेक्ष 176.32 करोड़ रुपये की राहत राशि वितरित हो सकी है।
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तमाम कृषकों का आरोप है कि राजस्व कर्मियों की मनमानी से भेदभावपूर्ण तरीके से वितरण किया गया है। यही नहीं, सुविधा शुल्क का भी खेल खूब चला है। इस तरह की शिकायतें मिलने पर जिलाधिकारी डा. रूपेश कुमार ने 96 करोड़ रुपये की राहत राशि के वितरण पर जांच बैठा दी है।
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उन्होंने वित्त और लेखाधिकारी (बेसिक शिक्षा) डोगरा शक्ति को तहसील तालबेहट, महरौनी, मड़ावरा और प्रभारी सहायक कोषाधिकारी मनमोहन सोनी को तहसील ललितपुर व पाली में जांच की जिम्मेदारी सौंपी है।

जांच अधिकारियों ने संबंधित बैंकों के स्टेटमेंट, लेखपालों के नाम और लाभार्थी के नाम जुटाने आरंभ कर दिए हैं। जांच में बैंक स्टेटमेंट से लेखपालों द्वारा उपलब्ध कराए ब्योरा से मिलान किया जाएगा, साथ ही संबंधित गांवों में पहुंचकर कृषकों के बयान दर्ज किए जाएंगे।

गौरतलब है कि तत्कालीन डीएम जुहेर बिन सगीर ने भी राहत राशि के वितरण की जांच कराई थी। इसमें तहसील तालबेहट के अंतर्गत राहत राशि के वितरण में गड़बड़ियां पकड़ी गई थीं। कई लेखपालों के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई हुई थी। वर्तमान जांच में भी कई मामले उजागर होने की संभावना जताई जा रही है।


उबर नहीं पा रहे कृषक
एक के बाद एक विभीषिका कृषकों को झेलनी पड़ रही है। पिछले साल की रबी फसल ओलावृष्टि व अतिवृष्टि से प्रभावित हुई थी। इसमें जिले की 12,84,64,160 हेक्टेयर क्षेत्रफल में खड़ी फसल बर्बाद हुई थी। वहीं, अब सूखे ने अन्नदाताओं की कमर तोड़कर रख दी है। शासन की राहत राशि से जीवनयापन की उम्मीद बंधी तो राजस्व कर्मियों ने खेल कर दिया।
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