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मोबाइल पर रोक बनी परेशानी का सबब
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मोबाइल पर रोक बनी परेशानी का सबब
ललितपुर। मतदान के दौरान केंद्र में मोबाइल फोन ले जाने पर लगाई गई रोक कई मतदाताओं के लिए परेशानी का सबब बनी। कइयों को मोबाइल रखने के लिए घर वापस लौटना पड़ा तो आसपास परिचितों को तलाशते नजर आए। वहीं, कुछ मतदाताओं ने मोबाइल पर रोक को नजरअंदाज कर दिया। मतदाताओं ने मतदान करने की फोटो सोशल मीडिया पर शेयर की हैं।
चिलचिलाती धूप में ठिठके कदम
मतदान पर चिलचिलाती धूप भारी पड़ी है। दोपहर एक बजे से लेकर शाम चार बजे तक शहरी मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतार काफी छोटी दिखी। इस दौरान इक्का-दुक्का मतदाता ही मतदान करने पहुंचे। यह स्थिति प्राथमिक विद्यालय रामनगर दो, श्रीराम कान्वेंट स्कूल, राजकीय बालिका इंटर कालेज, नगर बालिका इंटर कालेज व प्राथमिक विद्यालय सिविल लाइन में देखी गई।
मतदाताओं की चुप्पी से रही बैचेनी
इस चुनाव में मतदाताओं ने किसी भी प्रत्याशी के पक्ष में खुलकर कुछ भी नहीं बोला। जबकि, पार्टी से जुड़े कार्यकर्ता अपने-अपने प्रत्याशी का नाम लेते रहे। इससे लोग हवा का रुख नहीं समझ पाए। कई लोगों ने तो विभिन्न मतदान केंद्रों का भ्रमण किया। इसके बाद भी वह मतदाताओं के रुझान को नहीं जान सके।
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नजर नहीं आया चुनाव जैसा माहौल
इस चुनाव में लोगों का चुनाव के प्रति खास उत्साह नजर नहीं आया। तमाम लोग चुनाव से हटकर अपने काम में लगे रहे। इससे चुनावी बस्तों पर भीड़ नहीं दिखी। कई राजनीतिक दलों के बस्ते विभिन्न मतदान केंद्रों से नदारद दिखे।
फोटो 26
कैप्सन-
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कई मतदाताओं के नाम सूची से गायब
पहले की तरह इस बार के चुनाव में मतदाताओं को सूची दुरुस्त नहीं होने का खामियाजा भुगतना पड़ा। कई लोगों को वोट डालने से वंचित होना पड़ा। किसी मतदाता को समय से पर्ची उपलब्ध नहीं हो सकी, जिससे उन्हें परेशान होना पड़ा तो कई मतदाता सूची में नाम नहीं होने की वजह से मतदान करने से छूट गए। इन्हीं में से एक सिविल लाइन तृतीय निवासी महेंद्र दुबे हैं। उनका कहना है कि जब वह श्री वर्णी जैन इंटर कालेज में मतदाता पहचान पत्र लेकर पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि उनका नाम मतदाता सूची में नहीं है। परिवार के अन्य सदस्यों के नाम भी नदारद नजर आए। महेंद्र दुबे का पुत्र देहली से मतदान करने आया था लेकिन सूची में नाम नहीं होने से मायूस नजर आया। इसी तरह रावरपुरा स्कूल में कई मतदाताओं के नाम सूची से गायब होने के कारण वह मतदान नहीं कर सके।
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ललितपुर। मतदान के दौरान केंद्र में मोबाइल फोन ले जाने पर लगाई गई रोक कई मतदाताओं के लिए परेशानी का सबब बनी। कइयों को मोबाइल रखने के लिए घर वापस लौटना पड़ा तो आसपास परिचितों को तलाशते नजर आए। वहीं, कुछ मतदाताओं ने मोबाइल पर रोक को नजरअंदाज कर दिया। मतदाताओं ने मतदान करने की फोटो सोशल मीडिया पर शेयर की हैं।
चिलचिलाती धूप में ठिठके कदम
मतदान पर चिलचिलाती धूप भारी पड़ी है। दोपहर एक बजे से लेकर शाम चार बजे तक शहरी मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतार काफी छोटी दिखी। इस दौरान इक्का-दुक्का मतदाता ही मतदान करने पहुंचे। यह स्थिति प्राथमिक विद्यालय रामनगर दो, श्रीराम कान्वेंट स्कूल, राजकीय बालिका इंटर कालेज, नगर बालिका इंटर कालेज व प्राथमिक विद्यालय सिविल लाइन में देखी गई।
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मतदाताओं की चुप्पी से रही बैचेनी
इस चुनाव में मतदाताओं ने किसी भी प्रत्याशी के पक्ष में खुलकर कुछ भी नहीं बोला। जबकि, पार्टी से जुड़े कार्यकर्ता अपने-अपने प्रत्याशी का नाम लेते रहे। इससे लोग हवा का रुख नहीं समझ पाए। कई लोगों ने तो विभिन्न मतदान केंद्रों का भ्रमण किया। इसके बाद भी वह मतदाताओं के रुझान को नहीं जान सके।
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नजर नहीं आया चुनाव जैसा माहौल
इस चुनाव में लोगों का चुनाव के प्रति खास उत्साह नजर नहीं आया। तमाम लोग चुनाव से हटकर अपने काम में लगे रहे। इससे चुनावी बस्तों पर भीड़ नहीं दिखी। कई राजनीतिक दलों के बस्ते विभिन्न मतदान केंद्रों से नदारद दिखे।
फोटो 26
कैप्सन-
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कई मतदाताओं के नाम सूची से गायब
पहले की तरह इस बार के चुनाव में मतदाताओं को सूची दुरुस्त नहीं होने का खामियाजा भुगतना पड़ा। कई लोगों को वोट डालने से वंचित होना पड़ा। किसी मतदाता को समय से पर्ची उपलब्ध नहीं हो सकी, जिससे उन्हें परेशान होना पड़ा तो कई मतदाता सूची में नाम नहीं होने की वजह से मतदान करने से छूट गए। इन्हीं में से एक सिविल लाइन तृतीय निवासी महेंद्र दुबे हैं। उनका कहना है कि जब वह श्री वर्णी जैन इंटर कालेज में मतदाता पहचान पत्र लेकर पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि उनका नाम मतदाता सूची में नहीं है। परिवार के अन्य सदस्यों के नाम भी नदारद नजर आए। महेंद्र दुबे का पुत्र देहली से मतदान करने आया था लेकिन सूची में नाम नहीं होने से मायूस नजर आया। इसी तरह रावरपुरा स्कूल में कई मतदाताओं के नाम सूची से गायब होने के कारण वह मतदान नहीं कर सके।