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अन्य: बच्चों को बांटी घटिया ड्रेस, सात माह में नहीं टिक सकी दोनों यूनिफार्म
Updated Sun, 18 Mar 2018 02:04 AM IST
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बच्चों को बांटी घटिया ड्रेस
ललितपुर।
परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को यूनिफार्म मिले हुए अभी पूरे सात माह भी नहीं बीते हैं और बच्चों की दोनों यूनिफार्म फट गई हैं। बच्चों को फटी यूनिफार्म या बिना यूनिफार्म के ही स्कूल आना पड़ रहा है। निरीक्षण के दौरान मामला सामने आने पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने एक प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापकों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई शुरू कर दी है।
शनिवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंबरीष कुमार ने विकासखंड जखौरा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय नदनवारा का औचक निरीक्षण किया। इस विद्यालय में एक प्रधानाध्यापिका, चार सहायक अध्यापक और एक शिक्षामित्र तैनात हैं। छह शिक्षकों का स्टाफ होने के बाद भी विद्यालय में कुल 202 छात्रांकन के सापेक्ष मात्र 73 छात्र उपस्थित मिले। निरीक्षण के दौरान बीएसए ने पाया कि विद्यालय में सभी बच्चों को ड्रेस, जूता-मोजा और स्वेटर वितरण किया जा चुका है, लेकिन बच्चों को जो यूनिफार्म बांटी गई है, वह काफी घटिया गुणवत्ता की बांटी गई है। कक्षा पांचवीं के छात्र सौरभ की यूनिफार्म का एक सेट, अनुज, मनोज, संजीव व रामलाल की यूनिफार्म का एक सेट पूरी तरह से फट चुका है। वहीं, छात्र-छात्राओं जय सिंह, निशा, जितेंद्र, हरीसिंह, मनेेज व पप्पू की यूनिफार्म के दोनों की सेट फट चुकी हैं। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने प्रधानाध्यापिका उर्मिला देवी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई शुरू करते हुए तीनों के भीतर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में बीएसए ने विद्यालय में छात्र-छात्राओं का शैक्षिक स्तर का मूल्यांकन भी किया, जिसमें विद्यालय की शैक्षिक गुणवत्ता भी ठीक नहीं पाई गई। इस पर उन्होंने समस्त स्टाफ को छात्र-छात्राओं की शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार लाने के निर्देश दिए हैं। बीएसए ने कक्षा पांच के एक छात्र से 18 का पहाड़ा पूछा तो वहीं सुना सका। वहीं, उन्होंने दो छात्र और एक छात्रा से हिंदी की पुस्तक पढ़वाई तो तीनों की बच्चे हिंदी की पुस्तक नहीं पढ़ सके। इस पर नाराजगी व्यक्त करने हुए बीएसए ने समस्त स्टाफ को हिदायत दी है कि यदि अगली बार विद्यालय के शैक्षिक स्तर में सुधार नहीं आता है तो समस्त स्टाफ के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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ललितपुर।
परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को यूनिफार्म मिले हुए अभी पूरे सात माह भी नहीं बीते हैं और बच्चों की दोनों यूनिफार्म फट गई हैं। बच्चों को फटी यूनिफार्म या बिना यूनिफार्म के ही स्कूल आना पड़ रहा है। निरीक्षण के दौरान मामला सामने आने पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने एक प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापकों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई शुरू कर दी है।
शनिवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंबरीष कुमार ने विकासखंड जखौरा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय नदनवारा का औचक निरीक्षण किया। इस विद्यालय में एक प्रधानाध्यापिका, चार सहायक अध्यापक और एक शिक्षामित्र तैनात हैं। छह शिक्षकों का स्टाफ होने के बाद भी विद्यालय में कुल 202 छात्रांकन के सापेक्ष मात्र 73 छात्र उपस्थित मिले। निरीक्षण के दौरान बीएसए ने पाया कि विद्यालय में सभी बच्चों को ड्रेस, जूता-मोजा और स्वेटर वितरण किया जा चुका है, लेकिन बच्चों को जो यूनिफार्म बांटी गई है, वह काफी घटिया गुणवत्ता की बांटी गई है। कक्षा पांचवीं के छात्र सौरभ की यूनिफार्म का एक सेट, अनुज, मनोज, संजीव व रामलाल की यूनिफार्म का एक सेट पूरी तरह से फट चुका है। वहीं, छात्र-छात्राओं जय सिंह, निशा, जितेंद्र, हरीसिंह, मनेेज व पप्पू की यूनिफार्म के दोनों की सेट फट चुकी हैं। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने प्रधानाध्यापिका उर्मिला देवी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई शुरू करते हुए तीनों के भीतर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में बीएसए ने विद्यालय में छात्र-छात्राओं का शैक्षिक स्तर का मूल्यांकन भी किया, जिसमें विद्यालय की शैक्षिक गुणवत्ता भी ठीक नहीं पाई गई। इस पर उन्होंने समस्त स्टाफ को छात्र-छात्राओं की शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार लाने के निर्देश दिए हैं। बीएसए ने कक्षा पांच के एक छात्र से 18 का पहाड़ा पूछा तो वहीं सुना सका। वहीं, उन्होंने दो छात्र और एक छात्रा से हिंदी की पुस्तक पढ़वाई तो तीनों की बच्चे हिंदी की पुस्तक नहीं पढ़ सके। इस पर नाराजगी व्यक्त करने हुए बीएसए ने समस्त स्टाफ को हिदायत दी है कि यदि अगली बार विद्यालय के शैक्षिक स्तर में सुधार नहीं आता है तो समस्त स्टाफ के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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