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लापरवाही : कैसे होगी ग्राम पंचायत धौर्रा और जाखलौन की निगरानी जब ‘तीसरी आंख’ बंद पड़ी
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त्रिनेत्र अभियान : दो ग्राम पंचायतों में 40 लाख से लगे थे 84 सीसीटीवी कैमरे, एक साल से 74 खराब पड़े
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर-जाखलौन। जनपद की दो ग्राम पंचायतों की निगरानी और सुरक्षा को देखते हुए 40 लाख रुपये की लागत से लगाए गए 84 सीसीटीवी कैमरों में करीब एक साल से 74 खराब पड़े हुए हैं। इन कैमरों को जिला पंचायत राज विभाग में बनाए गए इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर से जोड़ा गया था लेकिन खराब पड़े कैमरों की जानकारी विभागीय अफसर को नहीं है। इन कैमरों की केबल आज भी गांव की सड़कों पर टूटी पड़ी है। इसके बाद भी जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया।
तत्कालीन जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने ब्लॉक बिरधा की ग्राम पंचायत धौर्रा और जाखलौन को त्रिनेत्र अभियान के तहत कैमरे से लैस किया गया था। इस मॉडल की प्रदेश व देश में सराहना की गई थी। इस पर केंद्र सरकार ने उन्हें पुरस्कृत करते हुए अन्य ग्राम पंचायतों में सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए बजट जारी किया था।
त्रिनेत्र योजना में ग्राम पंचायत धौर्रा में 42 जगह कैमरे लगाए गए थे। इनमें से 36 कैमरे बंद पड़े हैं। जाखलौन में लगाए गए 42 कैमरों में 38 बंद चल रहे हैं। इन कैमरों को इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर से जोड़ा गया था। अराजकतत्वों ने इनकी केबल काटकर जमीन पर फेंक दी। कैमरे लगाने का उद्देश्य गांव में होने वाली अप्रिय घटनाओं पर अंकुश लगाने की थी लेकिन पिछले एक वर्ष में ही कैमरे शोपीस बन गए। दोनों ग्राम पंचायतों की सीसीटीवी कैमरे को सीधे जिला मुख्यालय पर स्थापित इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर से जोड़ा गया था लेकिन लाखों खर्च होने के बाद भी इसका लाभ नहीं मिल रहा है।
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पहले भी वायरलेस कैमरे लगाने की कहीं गई थी बात
करीब एक साल पहले जब कैमरे के तार कट गए थे तो तत्कालीन डीपीआरओ नवीन मिश्रा ने वायरलेस कैमरे लगाने की योजना तैयार की थी लेकिन फिर योजना पर कोई कार्य नहीं किया गया। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही वायरलैस कैमरे लगवाए जाएंगे।
वर्जन
अराजकतत्वों ने धौर्रा में कैमरे के तार तोड़ दिए, जिससे अपराधी तीसरी आंख की नजर में न आएं। पंचायती राज विभाग अपने खंभे लगवाने की योजना तैयार कर रहा है। कैमरे भी नई तकनीक के लगेंगे, जिससे तार टूटने की समस्या नहीं होगी। - धीरज सिंह यादव, ग्राम प्रधान धौर्रा।
इस योजना के तहत चयनित गांवों में वायरलेस कैमरे लगवाए जा रहे हैं। इन दोनों ग्राम पंचायतों में भी सीसीटीवी कैमरे बदलवा कर वायरलेस कैमरे लगवाए जाएंगे। - कुंवर सिंह यादव, डीपीआरओ
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अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर-जाखलौन। जनपद की दो ग्राम पंचायतों की निगरानी और सुरक्षा को देखते हुए 40 लाख रुपये की लागत से लगाए गए 84 सीसीटीवी कैमरों में करीब एक साल से 74 खराब पड़े हुए हैं। इन कैमरों को जिला पंचायत राज विभाग में बनाए गए इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर से जोड़ा गया था लेकिन खराब पड़े कैमरों की जानकारी विभागीय अफसर को नहीं है। इन कैमरों की केबल आज भी गांव की सड़कों पर टूटी पड़ी है। इसके बाद भी जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया।
तत्कालीन जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने ब्लॉक बिरधा की ग्राम पंचायत धौर्रा और जाखलौन को त्रिनेत्र अभियान के तहत कैमरे से लैस किया गया था। इस मॉडल की प्रदेश व देश में सराहना की गई थी। इस पर केंद्र सरकार ने उन्हें पुरस्कृत करते हुए अन्य ग्राम पंचायतों में सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए बजट जारी किया था।
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त्रिनेत्र योजना में ग्राम पंचायत धौर्रा में 42 जगह कैमरे लगाए गए थे। इनमें से 36 कैमरे बंद पड़े हैं। जाखलौन में लगाए गए 42 कैमरों में 38 बंद चल रहे हैं। इन कैमरों को इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर से जोड़ा गया था। अराजकतत्वों ने इनकी केबल काटकर जमीन पर फेंक दी। कैमरे लगाने का उद्देश्य गांव में होने वाली अप्रिय घटनाओं पर अंकुश लगाने की थी लेकिन पिछले एक वर्ष में ही कैमरे शोपीस बन गए। दोनों ग्राम पंचायतों की सीसीटीवी कैमरे को सीधे जिला मुख्यालय पर स्थापित इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर से जोड़ा गया था लेकिन लाखों खर्च होने के बाद भी इसका लाभ नहीं मिल रहा है।
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पहले भी वायरलेस कैमरे लगाने की कहीं गई थी बात
करीब एक साल पहले जब कैमरे के तार कट गए थे तो तत्कालीन डीपीआरओ नवीन मिश्रा ने वायरलेस कैमरे लगाने की योजना तैयार की थी लेकिन फिर योजना पर कोई कार्य नहीं किया गया। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही वायरलैस कैमरे लगवाए जाएंगे।
वर्जन
अराजकतत्वों ने धौर्रा में कैमरे के तार तोड़ दिए, जिससे अपराधी तीसरी आंख की नजर में न आएं। पंचायती राज विभाग अपने खंभे लगवाने की योजना तैयार कर रहा है। कैमरे भी नई तकनीक के लगेंगे, जिससे तार टूटने की समस्या नहीं होगी। - धीरज सिंह यादव, ग्राम प्रधान धौर्रा।
इस योजना के तहत चयनित गांवों में वायरलेस कैमरे लगवाए जा रहे हैं। इन दोनों ग्राम पंचायतों में भी सीसीटीवी कैमरे बदलवा कर वायरलेस कैमरे लगवाए जाएंगे। - कुंवर सिंह यादव, डीपीआरओ