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एडीएम ने लगाये और जानवरो ने खाये पौधे
Updated Mon, 23 Jul 2018 01:09 AM IST
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एडीएम के लगाए पौधे जानवरों ने खाए
महरौनी। सरकार भले ही पर्यावरण को शुद्ध करने व प्रदूषण को रोकने के उद्देश्य से भारी सरकारी धन खर्च कर पौधों को लगाती है, लेकिन वन विभाग के कर्मचारी उनकी सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं है। कुछ
ऐसा ही पिछले दिनों हुआ जब एडीएम द्वारा सीएचसी में लगाए गए पौधों को सुरक्षा के अभाव में जानवर उन्हें खा गए।
हर साल बरसात के मौसम में हजारों पौधे लगाए जाते है, लेकिन धरातल पर जीवित पौधों की संख्या आधी से ज्यादा कम रह जाती है। दो सप्ताह पूर्व महरौनी में आयोजित तहसील संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान अपर जिलाधिकारी समेत अन्य जिला स्तरीय व तहसील स्तरीय अधिकारियों द्वारा वन विभाग ने वन महोत्सव का आयोजन कर सामुदायिक विकास भवन के पास अनेक पौधे लगाने का आयोजन किया गया था। एक दो दिन तो पौधे सही सलामत रहे, लेकिन जैसे ही आज उस स्थान को देखा गया तो उन्हें जानवरो ने खा चुके थे। किसी भी पौधे में पत्ती नहीं बची थी।
बड़ा सवाल है कि पौधे लगाने का कार्य तो हर साल होता है। वन विभाग भारी धन खर्च कर वन महोत्सव पौधरोपण कार्यक्रम जैसी योजनाओं के द्वारा पौधे लगाने का कार्य करती है, लेकिन विभागीय लापरवाही व अनदेखी के कारण पौधे जानवरों द्वारा नष्ट कर देते है। नगरवासियों ने रोपे गए पौधो की सुरक्षा के लिए जाली लगाने की मांग की है।
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महरौनी। सरकार भले ही पर्यावरण को शुद्ध करने व प्रदूषण को रोकने के उद्देश्य से भारी सरकारी धन खर्च कर पौधों को लगाती है, लेकिन वन विभाग के कर्मचारी उनकी सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं है। कुछ
ऐसा ही पिछले दिनों हुआ जब एडीएम द्वारा सीएचसी में लगाए गए पौधों को सुरक्षा के अभाव में जानवर उन्हें खा गए।
हर साल बरसात के मौसम में हजारों पौधे लगाए जाते है, लेकिन धरातल पर जीवित पौधों की संख्या आधी से ज्यादा कम रह जाती है। दो सप्ताह पूर्व महरौनी में आयोजित तहसील संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान अपर जिलाधिकारी समेत अन्य जिला स्तरीय व तहसील स्तरीय अधिकारियों द्वारा वन विभाग ने वन महोत्सव का आयोजन कर सामुदायिक विकास भवन के पास अनेक पौधे लगाने का आयोजन किया गया था। एक दो दिन तो पौधे सही सलामत रहे, लेकिन जैसे ही आज उस स्थान को देखा गया तो उन्हें जानवरो ने खा चुके थे। किसी भी पौधे में पत्ती नहीं बची थी।
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बड़ा सवाल है कि पौधे लगाने का कार्य तो हर साल होता है। वन विभाग भारी धन खर्च कर वन महोत्सव पौधरोपण कार्यक्रम जैसी योजनाओं के द्वारा पौधे लगाने का कार्य करती है, लेकिन विभागीय लापरवाही व अनदेखी के कारण पौधे जानवरों द्वारा नष्ट कर देते है। नगरवासियों ने रोपे गए पौधो की सुरक्षा के लिए जाली लगाने की मांग की है।
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