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बैंकों के गलती से 7151 किसानों को नहीं मिल सका खरीफ फसल का बीमा क्लेम

Sun, 05 Apr 2020 11:51 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 05 Apr 2020 11:51 PM IST
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7151 farmers does received bima claim caused by bank mistake
ललितपुर। केंद्र सरकार ने भले ही किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से नष्ट होने वाली फसलों के नुुकसान की भरपाई के लिए योजना चलाई हो, लेकिन उनके नुमांइदे ही योजनाओं को पलीता लगा रहे हैं। ऐसी ही स्थिति जिले के 7151 किसानों की है, जिनका बैंकों ने फसल बीमा का प्रीमियम तो काट लिया, लेकिन डाटा पोर्टल पर अपलोड नहीं किया है। इससे अब इन्हें बीमा क्लेम नहीं मिल पा रहा है।
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केंद्र सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं से नष्ट हुई फसलों से होने वाले नुकसान से राहत देने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना शुरू की है। इसमें किसानों को अपनी फसलों के दस्तावेज व डाटा के साथ प्रीमियम राशि देनी होती है। राशि प्राप्त करने के बाद बीमा कपंनी के कर्मचारी किसान का डाटा पोर्टल पर अपलोड करते हैं। वहीं, किसान क्रेडिट कार्ड के ऋणी किसानों की फसलों के बीमा की प्रीमियम राशि बैंक द्वारा स्वयं ही काट ली जाती है। इसका डाटा भी बैंकों द्वारा ही फसल बीमा पोर्टल पर अपलोड करना होता है।
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लेकिन, कुछ कर्मचारी उदासीनता के चलते योजनाओं को पलीता लगा रहे हैं। इससे किसानों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसी ही स्थिति जिले में बीमा क्लेम की बनी हुई है। यहां पर बीते वर्ष 2019 में जिले के लगभग डेढ़ लाख किसान ऋणी थे। इनकी खरीफ की फसल का बीमा प्रीमियम बैंकों ने काट लिया था। लेकिन, इनमें से 7151 किसानों का डाटा बैंक कर्मचारियों ने उदासीनता के चलते अपलोड नहीं किया। इसके बाद प्रधानमंत्री किसान बीमा का पोर्टल बंद हो गया और इन किसानों का बीमा क्लेम अटक गया। विभागीय कर्मचारियों ने पत्राचार किए, लेकिन पोर्टल नहीं खुल सका है। इससे अब इन किसानों को खरीफ 2019 की फसल का बीमा क्लेम नहीं मिल पाया है।
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फसल बीमा कंपनी के पोर्टल पर जिन किसानों का डाटा अपलोड नहीं हुआ है। उनमें अधिकांश किसान या तो घर छोड़कर बाहर रह रहे हैं, या फिर उनकी मृत्यु हो चुकी है।
- एस के श्रीवास्तव, एलडीएम
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