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मनरेगा से पेयजल समस्या का होगा समाधान
Updated Fri, 07 Jul 2017 07:43 PM IST
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मनरेगा से पेयजल समस्या का होगा समाधान
ललितपुर।
जिले के 93 गांवों की पेयजल समस्या के निस्तारण का रास्ता साफ हो गया है। सीडीओ ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से चिह्नित ग्रामों में जल संरक्षण, जल संवर्धन, आंगनबाड़ी केंद्र, पौधरोपण, तालाब निर्माण जैसे कार्यों की स्वीकृति प्रदान कर दी है। गांवों में 1095 काम प्रारंभ भी हो गए हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में 93 ग्राम ऐसे चिह्नित हुए हैं, जहां साल भर पेयजल समस्या बनी रहती है। गर्मियों ने दिनों में पेयजल की विकराल स्थिति हो जाती है। प्रशासनिक अफसरों ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए इसके स्थायी समाधान के प्रयास तेज कर दिए हैं। मनरेगा के तहत तीन माह की कार्ययोजना तैयार की गई है। इसमें जल संरक्षण, जल संवर्धन, पौधरोपण, तालाब निर्माण, चेकडेमों की सिल्ट सफाई के कार्य कराए जाएंगे। वन विभाग को इन कार्यों के लिए 15 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। वहीं, लघु सिंचाई विभाग 63 चेकडैम में सिल्ट सफाई का काम कराएगा। कुल मिलाकर चिह्नित 93 गांवों में 1218.70 लाख रुपये व्यय होंगे। विभिन्न ग्राम पंचायतों में स्वीकृत काम प्रारंभ कर दिए हैं। उपायुक्त श्रम रोजगार नरेंद्र देव द्विवेदी ने बताया कि इस समय 1095 कार्य गति पकड़े हुए हैं एवं 119 काम पूर्ण हो गए हैं। उन्होंने लघु सिंचाई विभाग के कामों पर संतोष जाहिर किया है।
इन गांवों में काम हुए शुरू
वन विभाग ने जंगलों से सटे 11 गांवों की कार्ययोजना बनाई है। इसमें ग्राम सौजना, पिपरा, राजपुर, कुर्रट, दांगली, छिपाई (पठला), हंसारी, बादरौन, महरौनीखुर्द, दैलवारा, दूधई शामिल हैं। इसमें काम शुरू कर दिया गया है।
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ब्लाकवार स्थिति पर एक नजर
ब्लाक समस्याग्रस्त वर्तमान में कराए जा रहे काम
ग्रामों की संख्या बंधी तालाब चेकडैम सिल्ट सफाई
बिरधा 17 25 01 08
जखौरा 26 27 05 14
बार 16 07 00 18
मड़ावरा 25 16 00 06
तालबेहट 11 25 01 04
महरौनी 11 63 06 13
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ललितपुर।
जिले के 93 गांवों की पेयजल समस्या के निस्तारण का रास्ता साफ हो गया है। सीडीओ ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से चिह्नित ग्रामों में जल संरक्षण, जल संवर्धन, आंगनबाड़ी केंद्र, पौधरोपण, तालाब निर्माण जैसे कार्यों की स्वीकृति प्रदान कर दी है। गांवों में 1095 काम प्रारंभ भी हो गए हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में 93 ग्राम ऐसे चिह्नित हुए हैं, जहां साल भर पेयजल समस्या बनी रहती है। गर्मियों ने दिनों में पेयजल की विकराल स्थिति हो जाती है। प्रशासनिक अफसरों ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए इसके स्थायी समाधान के प्रयास तेज कर दिए हैं। मनरेगा के तहत तीन माह की कार्ययोजना तैयार की गई है। इसमें जल संरक्षण, जल संवर्धन, पौधरोपण, तालाब निर्माण, चेकडेमों की सिल्ट सफाई के कार्य कराए जाएंगे। वन विभाग को इन कार्यों के लिए 15 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। वहीं, लघु सिंचाई विभाग 63 चेकडैम में सिल्ट सफाई का काम कराएगा। कुल मिलाकर चिह्नित 93 गांवों में 1218.70 लाख रुपये व्यय होंगे। विभिन्न ग्राम पंचायतों में स्वीकृत काम प्रारंभ कर दिए हैं। उपायुक्त श्रम रोजगार नरेंद्र देव द्विवेदी ने बताया कि इस समय 1095 कार्य गति पकड़े हुए हैं एवं 119 काम पूर्ण हो गए हैं। उन्होंने लघु सिंचाई विभाग के कामों पर संतोष जाहिर किया है।
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इन गांवों में काम हुए शुरू
वन विभाग ने जंगलों से सटे 11 गांवों की कार्ययोजना बनाई है। इसमें ग्राम सौजना, पिपरा, राजपुर, कुर्रट, दांगली, छिपाई (पठला), हंसारी, बादरौन, महरौनीखुर्द, दैलवारा, दूधई शामिल हैं। इसमें काम शुरू कर दिया गया है।
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ब्लाकवार स्थिति पर एक नजर
ब्लाक समस्याग्रस्त वर्तमान में कराए जा रहे काम
ग्रामों की संख्या बंधी तालाब चेकडैम सिल्ट सफाई
बिरधा 17 25 01 08
जखौरा 26 27 05 14
बार 16 07 00 18
मड़ावरा 25 16 00 06
तालबेहट 11 25 01 04
महरौनी 11 63 06 13