फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   66 kb electric system will be replaced by 33 kb

33 केवी से बदलेगा 66 केवी विद्युत सिस्टम

Sat, 02 Jul 2016 12:15 AM IST
lalitpur
lalitpur Updated Sat, 02 Jul 2016 12:15 AM IST
विज्ञापन
66 kb electric system will be replaced by 33 kb
ब‌िजली लाइन - फोटो : demo pic
ललितपुर। सालों पुरानी व्यवस्था से हो रही विद्युत आपूर्ति को बदलने को लेकर विद्युत विभाग ने तैयारी कर ली है। जनपद में दो प्रकार के सबस्टेशनों से बिजली आपूर्ति की जाती है। इसमें एक 66 केवी सबस्टेशन व दूसरा 33 केवी सबस्टेशन है। 66 केवी सबस्टेशन की तकनीक काफी पुरानी हो गई है, और इन सबस्टेशनों में लगे उपकरण भी बनना बंद हो गए है। किसी कारण से इन सबस्टेशनों में खराबी आने पर नए उपकरण के बजाए पुराने उपकरणों के सुधारने की व्यवस्था करनी पड़ती है।
विज्ञापन


शहर की बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन द्वारा 66 केवी सबस्टेशन को 33 केवी सबस्टेशन में बदलने का निर्णय लिया है, जिससे पूरे शहर में एक समान सिस्टम से ही विद्युत आपूर्ति की जा सके। ऐसा होने के बाद विद्युत सब स्टेशनों में सभी ट्रांसफार्मर समान प्रकार की क्षमता के हो सकेंगे और एक ट्रांसफार्मर खराब होने पर उसकी लाइन को वहां स्थापित दूसरे ट्रांसफार्मर से जोड़कर आसानी से उपभोक्ताओं को सुचारु बिजली आपूर्ति मुहैया कराई जा सकेगी। आला अधिकारियों के निर्देश पर विद्युत विभाग द्वारा स्टीमेट तैयार किया जा रहा है।
विज्ञापन


रोंड़ा हाइडिल में स्थापित 66 केवी सब स्टेशन से बिजली आधे शहर समेत 84 गांवों को बिजली आपूर्ति प्रदान की जाती है। गल्ला मंडी स्थित 66 केवी सब स्टेशन के यार्ड में ही 33 केवी सब स्टेशन भी बना हुआ है। 66 केवी सब स्टेशन में स्थापित पांच एमवीए के तीन ट्रांसफार्मरों के माध्यम से फीडर नंबर, एक, तीन, गोविंदनगर, राजघाट, देवगढ़ व चंदेरा और सब स्टेशन को बिजली सप्लाई की जाती है। इससे आधे शहर और ग्राम महेशपुरा, ककरुआ, पटौराकलां, दावनी, बंहौरीकलां, मैरतीकलां, बेसरा, ऐरा, जाखलौन, देवगढ़, सिलगन, दैलवारा, थनवारा, एरावनी, कालापहाड़, राजघाट समेत पांच दर्जन गांवों को बिजली सप्लाई की जाती है।  जनपद में अधिकांश 33 केवी विद्युत सब स्टेशन बनाए गए हैं, जबकि 66 केवी सब स्टेशन नगर में गल्ला मंडी सब स्टेशन और तालबेहट में स्थापित है। सब स्टेशनों में 66 केवी लाइन से जुड़े उच्च क्षमता के ट्रांसफार्मर खराब होने की दशा में दूसरा नया ट्रांसफार्मर नहीं मंगाया जा सकता है, बल्कि ऐसे ट्रांसफार्मर को कंपनी द्वारा मात्र सुधारा जा सकता है, इसका कारण यह है कि ट्रांसफार्मर बनाने वाली कंपनियों द्वारा 66 केवी विद्युत सिस्टम वाले ट्रांसफार्मर बनाना बंद दिया है। ऐसी स्थिति में 33 केवी सिस्टम से जोड़कर बिजली सुचारु करने में दिक्कत होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन



क्या है 66 व 33 केवी विद्युत सिस्टम
ललितपुर। गल्ला मंडी स्थित 66 केवी और 33 केवी सब स्टेशन में स्थापित ट्रांसफार्मरों में आंतरिक तकनीकी बनावट में अंतर होता है। 66 केवी के ट्रांसफार्मर की बाइंडिंग 33 केवी ट्रांसफार्मर की बाइंडिंग अलग होती है। इसी के चलते 66 केवी की विद्युत आपूर्ति फेल होने की स्थिति में 33 केवी के ट्रांसफार्मर से लाइन को जोड़कर बिजली आपूर्ति करने में दिक्कत होती है।

80 से 90 लाख की लागत से लगेंगे तीन नए ट्रांसफार्मर
ललितपुर। गल्ला मंडी सब स्टेशन में 66 केवी के स्थान पर 33 केवी के तीन नए ट्रांसफार्मर स्थापित करने में विद्युत उत्तर प्रदेश कार्पोरेशन को करीब 80 से 90 लाख रुपये खर्च करने होंगे। 33 केवी लाइन का एक ट्रांसफार्मर करीब 25 से तीस लाख रुपये में खरीदा जा सकेगा, जबकि 66 केवी सिस्टम का एक ट्रांसफार्मर 42 से 45 लाख रुपये की लागत आती है। ऐसे में 66 केवी सिस्टम का पांच एमवीए का ट्रांसफार्मर खराब होने पर विभाग को 45 लाख रुपये तक का नुकसान होता है।



आला अधिकारियों से प्राप्त निर्देश के क्रम में 66 केवी विद्युत सिस्टम को 33 केवी में बदलनें के लिए स्टीमेट तैयार करवाया जा रहा है। स्टीमेट तैयार होने पर आला अधिकारियों को भेजा जाऐगा।
अखिलेश कुमार वर्मा, एसडीओ प्रथम, विद्युत।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed