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60 हजार किसानों को मिला खरीफ फसल का बीमा
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ललितपुर। देश में लॉकडाउन से आर्थिक परेशानी झेल रहे किसानों को राहत भरी खबर है। बीते वर्ष अतिवृष्टि से नष्ट हुई खरीफ की फसल का बीमा क्लेम की धनराशि करीब 70 करोड़ रुपये साठ हजार किसानों के बैंक खाते में पहुंच जाएंगे।
जनपद के किसान आपदाओं की मार से आर्थिक कमजोर हो गए हैं। परिवार का भरण पोषण करना मुश्किल हो रहा है। किसानों से कर्ज का सहारा लेकर वर्ष 2019 में खरीफ की फसल बोई थी, जिसकी उपज निकलने का समय आया था कि लगातार दस दिनों तक बारिश हो गई और फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई। केंद्र और राज्य सरकार ने सर्वे कराकर 70 प्रतिशत नुकसान माना था।
प्रधानमंत्री ने आपदाओं से नष्ट होने वाली फसलों से किसानों को राहत देने के लिए फसल बीमा योजना संचालित की है। जिसमें किसानों को अपनी फसल का बीमा कराकर आपदाओं से होने वाले नुकसान से राहत पा सकते हैं। योजना के तहत जिले के लगभग डेढ़ लाख ऋणी किसानों की फसल बीमा के प्रीमियम की राशि को बैंकों द्वारा काट कर बीमा किया गया और लगभग दो हजार गैर ऋणी किसानों ने फसल बीमा कराया था, जिसमें से अब तक केवल दस हजार किसानों को लगभग 13 करोड़ रुपये मिल सके हैं।
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लॉकडाउन होने से किसानों को आर्थिक रुप से परेशान होना पड़ रहा था, लेकिन अब फसल बीमा की राशि खाते में आ रही है। इससे कुछ राहत मिल सकेगी। बीमा कंपनी द्वारा 70 करोड़ रुपये की राशि 60 हजार किसानों के खाते में पहुंचाई जा रही है।
किसानों के बैंक खाते में बीमा क्लेम की राशि लखनऊ से ही डाली जा रही है। लेकिन, अभी आंकड़ा स्पष्ट नहीं हो सका है कि कितने किसानों के बैंक खाते में पैसा पहुंच गया है।
- संतोष कुमार सविता, उप कृषि निदेशक
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जनपद के किसान आपदाओं की मार से आर्थिक कमजोर हो गए हैं। परिवार का भरण पोषण करना मुश्किल हो रहा है। किसानों से कर्ज का सहारा लेकर वर्ष 2019 में खरीफ की फसल बोई थी, जिसकी उपज निकलने का समय आया था कि लगातार दस दिनों तक बारिश हो गई और फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई। केंद्र और राज्य सरकार ने सर्वे कराकर 70 प्रतिशत नुकसान माना था।
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प्रधानमंत्री ने आपदाओं से नष्ट होने वाली फसलों से किसानों को राहत देने के लिए फसल बीमा योजना संचालित की है। जिसमें किसानों को अपनी फसल का बीमा कराकर आपदाओं से होने वाले नुकसान से राहत पा सकते हैं। योजना के तहत जिले के लगभग डेढ़ लाख ऋणी किसानों की फसल बीमा के प्रीमियम की राशि को बैंकों द्वारा काट कर बीमा किया गया और लगभग दो हजार गैर ऋणी किसानों ने फसल बीमा कराया था, जिसमें से अब तक केवल दस हजार किसानों को लगभग 13 करोड़ रुपये मिल सके हैं।
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लॉकडाउन होने से किसानों को आर्थिक रुप से परेशान होना पड़ रहा था, लेकिन अब फसल बीमा की राशि खाते में आ रही है। इससे कुछ राहत मिल सकेगी। बीमा कंपनी द्वारा 70 करोड़ रुपये की राशि 60 हजार किसानों के खाते में पहुंचाई जा रही है।
किसानों के बैंक खाते में बीमा क्लेम की राशि लखनऊ से ही डाली जा रही है। लेकिन, अभी आंकड़ा स्पष्ट नहीं हो सका है कि कितने किसानों के बैंक खाते में पैसा पहुंच गया है।
- संतोष कुमार सविता, उप कृषि निदेशक