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लापरवाह रोजगार सेवक और अवैध वसूली में एएनएम के निर्देश
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लापरवाह रोजगार सेवक और अवैध वसूली में एएनएम का हटाने के निर्देश
ललितपुर। विकासखंड बार के अंतर्गत ग्राम पंचायत बिल्ला में जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह द्वारा जनचौपाल का आयोजन किया गया, जिसमें पेंशन संरक्षण के कार्य में लापरवाही बरतने वाले रोजगार सेवक और जन्म प्रमाण पत्र बनवाने में 50 रुपए अवैध रुपये से वसूलने के मामले में एएनएम को हटाने के निर्देश दिए। डीएम ने गांव में कराए गए विकास कार्यों का जायजा लिया और स्वच्छ भारत मिशन के तहत निर्मित शौचालय, प्रधानमंत्री आवास योजना में निर्मित आवासों का निरीक्षण किया।
जिलाधिकारी ने चौपाल में प्रतिभाग किया, जिसमें विभिन्न जनपद स्तरीय/ब्लॉक स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे और उन्होंने अपने-अपने विभागों से संबंधित योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को दी। इसके उपरांत चौपाल में डीएम द्वारा समस्त विभागों की विभागवार समीक्षा की गई। विद्युत विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि ग्राम विद्युतीकृत है। यहां पर 05 ट्रांसफार्मर, 63 पोल स्थापित हैं एवं ग्राम में 35 कनेक्शनधारक हैं। ग्राम में लगभग 12 घंटे विद्युत की आपूर्ति की जाती हैै। जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि ग्राम में कैंप लगाकर और अधिक कनेक्शन दिये जाएं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बताया गया कि ग्राम में वर्तमान वित्तीय वर्ष में एक आवास निर्माण का लक्ष्य प्राप्त था, जो निर्माणाधीन स्थिति में है। मनरेगा के कार्यों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि ग्राम में कुल 4,046 मानवदिवस सृजन का लक्ष्य प्राप्त था, जिसमें से 3,263 मानव दिवसों का सृजन किया गया है। ग्राम में कुल 233 जॉबकार्ड धारक परिवार हैं जिनमें से 182 क्रियाशील हैं। चौपाल में जिला पंचायत राज अधिकारी ने बताया कि ग्राम में स्वच्छ भारत मिशन के तहत 64 सभी शौचालय पूर्ण अवस्था में हैं। उन्होंने चौपाल में उपस्थित ग्रामीणों को शौचालय के प्रयोग एवं उसकी उपयोगिता के बारे में जागरुक किया। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत बताया गया कि ग्राम में कुल 598 पात्र गृहस्थी तथा 30 अंत्योदय कार्डधारक हैं, जिन्हें राशन विक्रेता असमन सिंह खाद्य सामग्री का वितरण करते हैं, जिसका मौखिक सत्यापन ग्रामीणों से भी कराया गया। समस्त प्रकार की पेंशन योजनाओं की समीक्षा के दौरान जिला समाज कल्याण अधिकारी द्वारा बताया गया कि ग्राम में वृद्धावस्था पेंशन के चार, निराश्रित/विधवा पेंशन का एक तथा दिव्यांग पेंशन के पांच लाभार्थी हैं, जिन्हें समय से पेंशन प्राप्त हो रही है। उन्होंने चौपाल के दौरान पेंशन के लाभार्थियों की सूची पढ़ कर ग्रामीणों से उनका मौखिक सत्यापन कराया, साथ ही विभाग द्वारा संचालित अन्य योजनाओं की जानकारी भी ग्रामीणों को प्रदान की। जिलाधिकारी द्वारा पूछे जाने पर समाज कल्याण अधिकारी द्वारा अवगत कराया कि ग्राम में पेंशन संरक्षण का कार्य अत्यंत लापरवाहीपूर्वक किया गया है, जिससे इतनी कम संख्या में लाभार्थियों को पेंशन प्राप्त हो रही है, जिस पर जिलाधिकारी ने पेंशन संरक्षण के कार्य में लापरवाही बरतने वाले रोजगार सेवक मजबूत सिंह को हटाने के आदेश दिए। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने अवगत कराया कि संज्ञान में आया है कि सौ से अधिक संख्या में पात्र लाभार्थियों के आवेदन ग्राम प्रधान ने अपने पास रख रखें हैं, जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए ग्राम प्रधान को तीन दिवस में सभी आवेदन फार्म ऑनलाइन कराकर संबंधित विभागों में जमा करने के निर्देश दिए। इसके उपरांत चिकित्सा विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के बारे में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. प्रताप सिंह ने ग्रामीणों को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत प्रति वर्ष प्रति परिवार पांच लाख रुपए तक का निशुल्क इलाज दिया जाता है, जो सरकारी एवं प्राईवेट अस्पतालों के माध्यम से किया जाएगा। साथ ही जननी सुरक्षा योजना के तहत संस्थागत प्रसव पर बल दिया गया एवं प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि गांव में एएनएम सुषमा वरगेश एवं आशा रामदेवी, रानी एवं प्रीति कार्यरत हैं जो ग्राम में उपस्थित रहकर महिलाओं एवं किशोरियों को आवश्यक चिकित्सकीय जानकारी देती रहती हैं। इसी दौरान ग्रामीणों द्वारा शिकायत की गई कि ग्राम की आशा रानी देवी द्वारा जन्म प्रमाणपत्र बनवाने हेतु प्रति लाभार्थी 50 रुपए की अवैध धनराशि ली जा रही थी, चौपाल के दौरान रानी देवी ने इस बात को स्वीकार किया, जिस पर जिलाधिकारी ने आशा रानी देवी को हटाने के निर्देश मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दिए। शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता के बारे में बताया गया कि ग्राम में दो प्राथमिक व एक पूर्व माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं, जिनमें जूता-मोजा, पुस्तक, ड्रेस एवं स्वेटर का वितरण किया जा चुका है। ग्रामीणों ने शिकायत की कि विद्यालय में मेन्यु के अनुसार मिड डे मील नहीं बनाया जाता है। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। जिलाधिकारी के समक्ष यह भी शिकायत की गई कि गांव में अवैध रुप से बिना मान्यता के प्राईवेट विद्यालय संचालित हैं, जिसमें बेसिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत है। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए उपजिलाधिकारी महरौनी को जांच कर आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि ग्राम में 02 आंगनबाड़ी संचालित हैं, जिनमें कार्यकत्री लक्ष्मी नामदेव, सुषमा एवं सहायिका सवीता कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि ग्राम में 07 माह से 03 वर्ष तक के 159 बच्चे, 03 वर्ष से 06 वर्ष तक 116 बच्चे, 28 गर्भवती महिलाएं, 47 धात्री महिलाएं, 174 किशोरी बालिकाएं एवं 07 कुपोषित बच्चे हैं। इस पर जिलाधिकारी ने कुपोषित बच्चों को शीघ्र लाल श्रेणी से पीली श्रेणी में लाने के निर्देश दिये। इसके बाद चौपाल में प्रधानमंत्री जनधन खाता, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना, प्रधानमंत्री दुर्घटना बीमा योजना, अटल पेंशन योजना के बारे में जानकारी दी गई। चौपाल में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. प्रताप सिंह, उप जिलाधिकारी महरौनी धीरेंद्र प्रताप, उपायुक्त श्रम रोजगार इंद्रमणि त्रिपाठी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. एसके शाक्य, उप निदेशक कृषि संतोष कुमार सविता, जिला कार्यक्रम अधिकारी पुष्पा वर्मा, जिला पंचायत राज अधिकारी श्रवण कुमार सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी विजयप्रभा, अधिशासी अभियंता विद्युत आकाश सचान, जिला सूचना अधिकारी पीयूष चंद्र राय, खंड विकास अधिकारी बार महेंद्र पाल सिंह आदि उपस्थित रहे।
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ललितपुर। विकासखंड बार के अंतर्गत ग्राम पंचायत बिल्ला में जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह द्वारा जनचौपाल का आयोजन किया गया, जिसमें पेंशन संरक्षण के कार्य में लापरवाही बरतने वाले रोजगार सेवक और जन्म प्रमाण पत्र बनवाने में 50 रुपए अवैध रुपये से वसूलने के मामले में एएनएम को हटाने के निर्देश दिए। डीएम ने गांव में कराए गए विकास कार्यों का जायजा लिया और स्वच्छ भारत मिशन के तहत निर्मित शौचालय, प्रधानमंत्री आवास योजना में निर्मित आवासों का निरीक्षण किया।
जिलाधिकारी ने चौपाल में प्रतिभाग किया, जिसमें विभिन्न जनपद स्तरीय/ब्लॉक स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे और उन्होंने अपने-अपने विभागों से संबंधित योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को दी। इसके उपरांत चौपाल में डीएम द्वारा समस्त विभागों की विभागवार समीक्षा की गई। विद्युत विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि ग्राम विद्युतीकृत है। यहां पर 05 ट्रांसफार्मर, 63 पोल स्थापित हैं एवं ग्राम में 35 कनेक्शनधारक हैं। ग्राम में लगभग 12 घंटे विद्युत की आपूर्ति की जाती हैै। जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि ग्राम में कैंप लगाकर और अधिक कनेक्शन दिये जाएं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बताया गया कि ग्राम में वर्तमान वित्तीय वर्ष में एक आवास निर्माण का लक्ष्य प्राप्त था, जो निर्माणाधीन स्थिति में है। मनरेगा के कार्यों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि ग्राम में कुल 4,046 मानवदिवस सृजन का लक्ष्य प्राप्त था, जिसमें से 3,263 मानव दिवसों का सृजन किया गया है। ग्राम में कुल 233 जॉबकार्ड धारक परिवार हैं जिनमें से 182 क्रियाशील हैं। चौपाल में जिला पंचायत राज अधिकारी ने बताया कि ग्राम में स्वच्छ भारत मिशन के तहत 64 सभी शौचालय पूर्ण अवस्था में हैं। उन्होंने चौपाल में उपस्थित ग्रामीणों को शौचालय के प्रयोग एवं उसकी उपयोगिता के बारे में जागरुक किया। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत बताया गया कि ग्राम में कुल 598 पात्र गृहस्थी तथा 30 अंत्योदय कार्डधारक हैं, जिन्हें राशन विक्रेता असमन सिंह खाद्य सामग्री का वितरण करते हैं, जिसका मौखिक सत्यापन ग्रामीणों से भी कराया गया। समस्त प्रकार की पेंशन योजनाओं की समीक्षा के दौरान जिला समाज कल्याण अधिकारी द्वारा बताया गया कि ग्राम में वृद्धावस्था पेंशन के चार, निराश्रित/विधवा पेंशन का एक तथा दिव्यांग पेंशन के पांच लाभार्थी हैं, जिन्हें समय से पेंशन प्राप्त हो रही है। उन्होंने चौपाल के दौरान पेंशन के लाभार्थियों की सूची पढ़ कर ग्रामीणों से उनका मौखिक सत्यापन कराया, साथ ही विभाग द्वारा संचालित अन्य योजनाओं की जानकारी भी ग्रामीणों को प्रदान की। जिलाधिकारी द्वारा पूछे जाने पर समाज कल्याण अधिकारी द्वारा अवगत कराया कि ग्राम में पेंशन संरक्षण का कार्य अत्यंत लापरवाहीपूर्वक किया गया है, जिससे इतनी कम संख्या में लाभार्थियों को पेंशन प्राप्त हो रही है, जिस पर जिलाधिकारी ने पेंशन संरक्षण के कार्य में लापरवाही बरतने वाले रोजगार सेवक मजबूत सिंह को हटाने के आदेश दिए। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने अवगत कराया कि संज्ञान में आया है कि सौ से अधिक संख्या में पात्र लाभार्थियों के आवेदन ग्राम प्रधान ने अपने पास रख रखें हैं, जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए ग्राम प्रधान को तीन दिवस में सभी आवेदन फार्म ऑनलाइन कराकर संबंधित विभागों में जमा करने के निर्देश दिए। इसके उपरांत चिकित्सा विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के बारे में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. प्रताप सिंह ने ग्रामीणों को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत प्रति वर्ष प्रति परिवार पांच लाख रुपए तक का निशुल्क इलाज दिया जाता है, जो सरकारी एवं प्राईवेट अस्पतालों के माध्यम से किया जाएगा। साथ ही जननी सुरक्षा योजना के तहत संस्थागत प्रसव पर बल दिया गया एवं प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि गांव में एएनएम सुषमा वरगेश एवं आशा रामदेवी, रानी एवं प्रीति कार्यरत हैं जो ग्राम में उपस्थित रहकर महिलाओं एवं किशोरियों को आवश्यक चिकित्सकीय जानकारी देती रहती हैं। इसी दौरान ग्रामीणों द्वारा शिकायत की गई कि ग्राम की आशा रानी देवी द्वारा जन्म प्रमाणपत्र बनवाने हेतु प्रति लाभार्थी 50 रुपए की अवैध धनराशि ली जा रही थी, चौपाल के दौरान रानी देवी ने इस बात को स्वीकार किया, जिस पर जिलाधिकारी ने आशा रानी देवी को हटाने के निर्देश मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दिए। शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता के बारे में बताया गया कि ग्राम में दो प्राथमिक व एक पूर्व माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं, जिनमें जूता-मोजा, पुस्तक, ड्रेस एवं स्वेटर का वितरण किया जा चुका है। ग्रामीणों ने शिकायत की कि विद्यालय में मेन्यु के अनुसार मिड डे मील नहीं बनाया जाता है। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। जिलाधिकारी के समक्ष यह भी शिकायत की गई कि गांव में अवैध रुप से बिना मान्यता के प्राईवेट विद्यालय संचालित हैं, जिसमें बेसिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत है। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए उपजिलाधिकारी महरौनी को जांच कर आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि ग्राम में 02 आंगनबाड़ी संचालित हैं, जिनमें कार्यकत्री लक्ष्मी नामदेव, सुषमा एवं सहायिका सवीता कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि ग्राम में 07 माह से 03 वर्ष तक के 159 बच्चे, 03 वर्ष से 06 वर्ष तक 116 बच्चे, 28 गर्भवती महिलाएं, 47 धात्री महिलाएं, 174 किशोरी बालिकाएं एवं 07 कुपोषित बच्चे हैं। इस पर जिलाधिकारी ने कुपोषित बच्चों को शीघ्र लाल श्रेणी से पीली श्रेणी में लाने के निर्देश दिये। इसके बाद चौपाल में प्रधानमंत्री जनधन खाता, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना, प्रधानमंत्री दुर्घटना बीमा योजना, अटल पेंशन योजना के बारे में जानकारी दी गई। चौपाल में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. प्रताप सिंह, उप जिलाधिकारी महरौनी धीरेंद्र प्रताप, उपायुक्त श्रम रोजगार इंद्रमणि त्रिपाठी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. एसके शाक्य, उप निदेशक कृषि संतोष कुमार सविता, जिला कार्यक्रम अधिकारी पुष्पा वर्मा, जिला पंचायत राज अधिकारी श्रवण कुमार सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी विजयप्रभा, अधिशासी अभियंता विद्युत आकाश सचान, जिला सूचना अधिकारी पीयूष चंद्र राय, खंड विकास अधिकारी बार महेंद्र पाल सिंह आदि उपस्थित रहे।
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