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शहजाद नदी की सफाई शुरू, अफसरों ने किया श्रमदान
Updated Thu, 21 Dec 2017 01:57 AM IST
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शहजाद नदी की सफाई शुरू
ललितपुर। शहर के बीच से होकर निकली शहजाद नदी की साफ-सफाई का काम शुरू हो गया है। बुधवार को पालिकाध्यक्ष समेत एसडीएम सदर सहित कई कर्मियों ने इसमें श्रमदान किया।
नदीपुरा मुहल्ले से होकर शहजाद नदी निकली है। इसके आसपास गंदगी का बोलबाला है। न केवल नदी खुले में शौच का केंद्र बनी हुई है, बल्कि शहर का भी कूड़ा यहां फेंका जा रहा है। स्थिति यह है कि जब शहजाद नदी पुल से होकर निकलते हैं तो यहां तीखी दुर्गंध उठती है। बीते दिनों ने बुंदेलखंड विकास सेना ने नदी की सफाई को लेकर आंदोलन चलाया। इसके उपरांत जिला प्रशासन ने इसकी सुध लेते हुए सफाई कराई। बुधवार को एसडीएम सदर महेश प्रसाद दीक्षित, पालिकाध्यक्ष रजनी साहू सहित नगर पालिका के कर्मी मौके पहुंचे और यहां उन्होंने श्रमदान किया। पालिका कर्मियों ने नदी के खाली हिस्से में खड़े बबूल के पेड़ काट डाले तो कई जेसीबी से उखाड़ दिए। यही नहीं, नदी के बीच पत्थरों की लाल रंग से पुताई की गई। उधर, एसडीएम सदर महेश प्रसाद दीक्षित का कहना है कि स्वच्छता अभियान के तहत शहजाद नदी की सफाई कराई गई है। यह अभियान चलता रहेगा जब तक कि शहर स्वच्छ व सुंदर नहीं हो जाता है।
अलाव नहीं जलने पर होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने शहर के चिह्नित स्थलों पर अलाव जलाने के लिए पालिका के ईओ को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शहर में पालिका और तहसील को अलाव जलाने की जिम्मेदारी दी गई है। यदि चिह्नित स्थलों पर अलाव नहीं जलाए जाने की शिकायत मिलती है तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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ललितपुर। शहर के बीच से होकर निकली शहजाद नदी की साफ-सफाई का काम शुरू हो गया है। बुधवार को पालिकाध्यक्ष समेत एसडीएम सदर सहित कई कर्मियों ने इसमें श्रमदान किया।
नदीपुरा मुहल्ले से होकर शहजाद नदी निकली है। इसके आसपास गंदगी का बोलबाला है। न केवल नदी खुले में शौच का केंद्र बनी हुई है, बल्कि शहर का भी कूड़ा यहां फेंका जा रहा है। स्थिति यह है कि जब शहजाद नदी पुल से होकर निकलते हैं तो यहां तीखी दुर्गंध उठती है। बीते दिनों ने बुंदेलखंड विकास सेना ने नदी की सफाई को लेकर आंदोलन चलाया। इसके उपरांत जिला प्रशासन ने इसकी सुध लेते हुए सफाई कराई। बुधवार को एसडीएम सदर महेश प्रसाद दीक्षित, पालिकाध्यक्ष रजनी साहू सहित नगर पालिका के कर्मी मौके पहुंचे और यहां उन्होंने श्रमदान किया। पालिका कर्मियों ने नदी के खाली हिस्से में खड़े बबूल के पेड़ काट डाले तो कई जेसीबी से उखाड़ दिए। यही नहीं, नदी के बीच पत्थरों की लाल रंग से पुताई की गई। उधर, एसडीएम सदर महेश प्रसाद दीक्षित का कहना है कि स्वच्छता अभियान के तहत शहजाद नदी की सफाई कराई गई है। यह अभियान चलता रहेगा जब तक कि शहर स्वच्छ व सुंदर नहीं हो जाता है।
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अलाव नहीं जलने पर होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने शहर के चिह्नित स्थलों पर अलाव जलाने के लिए पालिका के ईओ को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शहर में पालिका और तहसील को अलाव जलाने की जिम्मेदारी दी गई है। यदि चिह्नित स्थलों पर अलाव नहीं जलाए जाने की शिकायत मिलती है तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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