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जब गुरु ही बोले झूठ, तो बच्चों को क्या दें सीख
Updated Wed, 27 Sep 2017 03:23 AM IST
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जब गुरु ही बोलेंगे झूठ, तो बच्चों को क्या देंगे सीख
ललितपुर। विद्यालय में शिक्षक हमेशा बच्चों को सिखाते हैं कि हमें झूठ नहीं बोलना चाहिए, लेकिन हमारे जनपद के शिक्षक खुद को बचाने के लिये झूठ का सहारा लेते हैं। यह बात स्वयं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंबरीष कुमार ने कही है। मंगलवार की सुबह करीब 08 बजकर 30 मिनिट पर बीएसए विकासखंड बिरधा क्षेत्र के ग्राम इमलीपुरा प्राथमिक विद्यालय निरीक्षण करने के लिये पहुंचे। ठीक इससे पहले ही विद्यालय की प्रधानाध्यापिका राधा शर्मा उनकी गाड़ी के आगे आगे ही विद्यालय पहुंची, जो उन्होंने देख लिया था। जब उन्होंने प्रधानाध्यापिका से विद्यालय आने का समय पूछा तो बताया कि वह समय से विद्यालय आ गई थीं। तभी लगभग 08 बजकर 45 मिनट पर सहायक अध्यापिका नेहा कटियार ने विद्यालय में छुपकर एंट्री मारी और सीधे जाकर उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर करते हुए प्रवेश का समय 07 बजकर 40 मिनट अंकित कर दिया। जब सहायक अध्यापिका विद्यालय पहुंची थी, उस दौरान बीएसए ने उन्हेें देख लिया था। इस पर उन्होंने दोनों को फटकार लगाई और आगे से झूठ नहीं बोलने की नसीहत देते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है। वहीं बीएसए ने बताया कि यदि शिक्षक ही झूठ बोलेंगे तो बच्चों का सच बोलना कौन सिखाएगा।
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ललितपुर। विद्यालय में शिक्षक हमेशा बच्चों को सिखाते हैं कि हमें झूठ नहीं बोलना चाहिए, लेकिन हमारे जनपद के शिक्षक खुद को बचाने के लिये झूठ का सहारा लेते हैं। यह बात स्वयं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंबरीष कुमार ने कही है। मंगलवार की सुबह करीब 08 बजकर 30 मिनिट पर बीएसए विकासखंड बिरधा क्षेत्र के ग्राम इमलीपुरा प्राथमिक विद्यालय निरीक्षण करने के लिये पहुंचे। ठीक इससे पहले ही विद्यालय की प्रधानाध्यापिका राधा शर्मा उनकी गाड़ी के आगे आगे ही विद्यालय पहुंची, जो उन्होंने देख लिया था। जब उन्होंने प्रधानाध्यापिका से विद्यालय आने का समय पूछा तो बताया कि वह समय से विद्यालय आ गई थीं। तभी लगभग 08 बजकर 45 मिनट पर सहायक अध्यापिका नेहा कटियार ने विद्यालय में छुपकर एंट्री मारी और सीधे जाकर उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर करते हुए प्रवेश का समय 07 बजकर 40 मिनट अंकित कर दिया। जब सहायक अध्यापिका विद्यालय पहुंची थी, उस दौरान बीएसए ने उन्हेें देख लिया था। इस पर उन्होंने दोनों को फटकार लगाई और आगे से झूठ नहीं बोलने की नसीहत देते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है। वहीं बीएसए ने बताया कि यदि शिक्षक ही झूठ बोलेंगे तो बच्चों का सच बोलना कौन सिखाएगा।