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परिषदीय शिक्षक बने यूनिफार्म सप्लायर
Updated Thu, 26 Jul 2018 05:36 AM IST
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परिषदीय शिक्षक बने यूनिफार्म सप्लायर
- शहर में ही तैयार हो रही रेडीमेड यूनिफार्म
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाने वाले कुछ शिक्षक अपने-अपने क्षेत्र के विद्यालयों में यूनिफार्म सप्लाई का काम कर रहे हैं। वह बाजारों में उपलब्ध रेडीमेड व गुणवत्ता विहीन यूनिफार्म बच्चों को कटवा रहे हैं। बचाव के लिए कागजों पर लगभग सभी औपचारिकताएं पूर्ण की जा रही हैं। कपड़े की गुणवत्ता जांच कराई गए तो सारी हकीकत सामने आ जाएगी।
प्रदेश में सत्ता भले ही बदल गई है, लेकिन परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को बांटी जाने वाली यूनिफार्म में ठेका प्रथा अब भी खत्म नहीं हो पाई है। पिछले सालों की तुलना में इतना परिवर्तन जरूर आ गया है कि पहले अन्य शहरों से रेडीमेड यूनिफार्म बनकर आती थी, लेकिन अब कुछ माफियाओं ने शहर में ही यूनिफार्म बनाने के छोटे-छोटे कारखाने स्थापित कर लिए हैं। इन माफियाओं द्वारा बनाई जाने वाले घटिया यूनिफार्म को कुछ परिषदीय शिक्षक ही विद्यालयों में फेरी लगाकर बेचने का काम कर रहे हैं। जिला मुख्यालय पर ही मोहल्ला आजादपुरा में रहने वाले एक परिषदीय शिक्षक जमकर रेडीमेड यूनिफार्म की सप्लाई क्षेत्र के विद्यालयों में कर रहा है। इसी तरह यह शिक्षक विकासखंड बिरधा की न्याय पंचायत खितवांस के एक परिषदीय विद्यालय में शिक्षक है। इसी तरह अपने-अपने क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में थोड़ी बहुत भी पकड़ रखने वाले शिक्षक यूनिफार्म सप्लायर का काम कर रहे हैं। विकासखंड जखौरा व बार में शिक्षक संगठन के एक पदाधिकारी के संरक्षण में काफी बड़े स्तर पर यूनिफार्म सप्लाई की जा रही है।
बिना नाप के बांटी जा रही यूनिफार्म
यूनिफार्म का व्यापार करने वाले एक दुकानदार से खुद बताया कि एक यूूनिफार्म को तैयार करने में कुल 130 रुपये की लागत गलती है। शिक्षकों को यह यूनिफार्म 150 से 160 रुपये में बेची जा रही है। इसके अलावा यह यूनिफार्म तीन साइजों एस, एम और एल में तैयार की जा रही है। कक्षा 1 व 2 के बच्चों को लिए एल साइज, कक्षा 3 से पांच के लिए एम और कक्षा 6 से 8 तक के लिए एल साइज की यूनिफार्म बांटी जा रही है।
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जांच के बाद कार्रवाई
यूनिफार्म वितरण में ऐसा कुछ हो रहा है, इसकी जानकारी नहीं है। मामला संज्ञान में आया है आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
- मायाराम
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, ललितपुर।
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- शहर में ही तैयार हो रही रेडीमेड यूनिफार्म
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाने वाले कुछ शिक्षक अपने-अपने क्षेत्र के विद्यालयों में यूनिफार्म सप्लाई का काम कर रहे हैं। वह बाजारों में उपलब्ध रेडीमेड व गुणवत्ता विहीन यूनिफार्म बच्चों को कटवा रहे हैं। बचाव के लिए कागजों पर लगभग सभी औपचारिकताएं पूर्ण की जा रही हैं। कपड़े की गुणवत्ता जांच कराई गए तो सारी हकीकत सामने आ जाएगी।
प्रदेश में सत्ता भले ही बदल गई है, लेकिन परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को बांटी जाने वाली यूनिफार्म में ठेका प्रथा अब भी खत्म नहीं हो पाई है। पिछले सालों की तुलना में इतना परिवर्तन जरूर आ गया है कि पहले अन्य शहरों से रेडीमेड यूनिफार्म बनकर आती थी, लेकिन अब कुछ माफियाओं ने शहर में ही यूनिफार्म बनाने के छोटे-छोटे कारखाने स्थापित कर लिए हैं। इन माफियाओं द्वारा बनाई जाने वाले घटिया यूनिफार्म को कुछ परिषदीय शिक्षक ही विद्यालयों में फेरी लगाकर बेचने का काम कर रहे हैं। जिला मुख्यालय पर ही मोहल्ला आजादपुरा में रहने वाले एक परिषदीय शिक्षक जमकर रेडीमेड यूनिफार्म की सप्लाई क्षेत्र के विद्यालयों में कर रहा है। इसी तरह यह शिक्षक विकासखंड बिरधा की न्याय पंचायत खितवांस के एक परिषदीय विद्यालय में शिक्षक है। इसी तरह अपने-अपने क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में थोड़ी बहुत भी पकड़ रखने वाले शिक्षक यूनिफार्म सप्लायर का काम कर रहे हैं। विकासखंड जखौरा व बार में शिक्षक संगठन के एक पदाधिकारी के संरक्षण में काफी बड़े स्तर पर यूनिफार्म सप्लाई की जा रही है।
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बिना नाप के बांटी जा रही यूनिफार्म
यूनिफार्म का व्यापार करने वाले एक दुकानदार से खुद बताया कि एक यूूनिफार्म को तैयार करने में कुल 130 रुपये की लागत गलती है। शिक्षकों को यह यूनिफार्म 150 से 160 रुपये में बेची जा रही है। इसके अलावा यह यूनिफार्म तीन साइजों एस, एम और एल में तैयार की जा रही है। कक्षा 1 व 2 के बच्चों को लिए एल साइज, कक्षा 3 से पांच के लिए एम और कक्षा 6 से 8 तक के लिए एल साइज की यूनिफार्म बांटी जा रही है।
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जांच के बाद कार्रवाई
यूनिफार्म वितरण में ऐसा कुछ हो रहा है, इसकी जानकारी नहीं है। मामला संज्ञान में आया है आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
- मायाराम
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, ललितपुर।