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स्वच्छता एप पर दर्ज शिकायतों का नहीं हो रहा निवारण
Updated Sat, 24 Jun 2017 08:23 PM IST
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स्वच्छता एप पर दर्ज शिकायतों का निपटारा नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। नगर की सफाई से संबंधित शिकायत नागरिकों के जरिए स्वच्छता एप पर दर्ज करने के बावजूद निस्तारण नहीं किया जा रहा है। इस पर स्वच्छ भारत मिशन के डायरेक्टर ने नगर पालिका को पत्र भेजकर नाराजगी जताई है। इस सूची में प्रदेश की 17 नगर पालिका समेत दो नगर निगम भी शामिल हैं।
शहरी विकास मंत्रालय ने स्वच्छ भारत मिशन निदेशालय को पत्र लिखा है, जिसमें बताया गया कि अमृृत योजना में चयनित नगर पालिकाओं में साफ-सफाई के लिए स्वच्छ भारत मिशन चलाया जा रहा है। जिसे गति देने के लिए स्वच्छता एप बनाया गया है। नगर पालिका परिषद ललितपुर में पांच शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिनका अभी तक निस्तारण नहीं किया गया है। जिम्मेदारों की लापरवाही से शहर की सफाई व्यवस्था दुरूस्त नहीं हो पा रही है। जगह-जगह नालियों का पानी यहां-वहां बह रहा है। वहीं, कूड़े के ढेर लगे हैं। जबकि, नागरिक स्वच्छता एप पर शिकायतें दर्ज कर रहे हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि मार्च 17 से नवंबर 17 तक प्रयोग किए गए स्वच्छता एप के नंबर स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 में जोड़े जाने हैं।
स्वच्छ भारत मिशन के डायरेक्टर विशाल भारद्वाज ने स्वच्छता एप के उपयोग में आ रही गिरावट को गंभीरता से लेते हुए नगर पालिकाओं को पत्र भेजा है। इसमें उन्होंने नाराजगी जताते हुए दर्ज शिकायतों के निस्तारण के निर्देश दिए हैं।
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प्रदेश की 17 नगर पालिकाएं भी बेपरवाह
प्रदेश के दस नगर निकायों अमरोहा, बरूथ, हाथरस, कासगंज, खुर्जा, लखीमपुर, मुगलसराय, नोएडा, शामली व सीतापुर द्वारा स्वच्छता एप पर अभी तक रजिस्ट्रेशन भी नहीं कराया है, जबकि स्वच्छता सर्वेक्षण में एप के 150 अंक रखे गए हैं। 62 में से 40 निकायों के सफाई निरीक्षकों द्वारा स्वच्छता एप पर रजिस्ट्रेशन तो करा लिया है, लेकिन उसका प्रयोग नहीं किया जा रहा है। 17 निकाय जिनमें अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बांदा, बस्ती, बुलंदशहर, देवरिया, फतेहपुर, गोंडा, हापुड़, हरदोई, ललितपुर, लोनी, मैनपुरी, पीलीभीत, रायबरेली व शाहजहांपुर में नागरिकों द्वारा की गई शिकायतों पर कार्रवाई नहीं की है। इसी तरह फिरोजाबाद व गोरखपुर नगर निगमों ने भी नागरिकों द्वारा की गई शिकायतों पर कार्रवाई नहीं की है।
प्रशिक्षण की जरूरत
स्वच्छता एप को सही तरीके से संचालित करने के लिए अधिकारी, कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने की आवश्यकता है। इसकी प्रक्रिया चल रही है। शीघ्र ही स्वच्छता एप पर प्राप्त शिकायतों का निस्तारण होना आरंभ हो जाएगा।
- राकेश कुमार, अधिशासी अधिकारी
नगर पालिका परिषद ललितपुर।
- स्वच्छ भारत मिशन के डायरेक्टर ने नगर पालिका को भेजा पत्र
- दर्ज पांच शिकायतें दूर न होने पर जताई नाराजगी, दिए निर्देश
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अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। नगर की सफाई से संबंधित शिकायत नागरिकों के जरिए स्वच्छता एप पर दर्ज करने के बावजूद निस्तारण नहीं किया जा रहा है। इस पर स्वच्छ भारत मिशन के डायरेक्टर ने नगर पालिका को पत्र भेजकर नाराजगी जताई है। इस सूची में प्रदेश की 17 नगर पालिका समेत दो नगर निगम भी शामिल हैं।
शहरी विकास मंत्रालय ने स्वच्छ भारत मिशन निदेशालय को पत्र लिखा है, जिसमें बताया गया कि अमृृत योजना में चयनित नगर पालिकाओं में साफ-सफाई के लिए स्वच्छ भारत मिशन चलाया जा रहा है। जिसे गति देने के लिए स्वच्छता एप बनाया गया है। नगर पालिका परिषद ललितपुर में पांच शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिनका अभी तक निस्तारण नहीं किया गया है। जिम्मेदारों की लापरवाही से शहर की सफाई व्यवस्था दुरूस्त नहीं हो पा रही है। जगह-जगह नालियों का पानी यहां-वहां बह रहा है। वहीं, कूड़े के ढेर लगे हैं। जबकि, नागरिक स्वच्छता एप पर शिकायतें दर्ज कर रहे हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि मार्च 17 से नवंबर 17 तक प्रयोग किए गए स्वच्छता एप के नंबर स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 में जोड़े जाने हैं।
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स्वच्छ भारत मिशन के डायरेक्टर विशाल भारद्वाज ने स्वच्छता एप के उपयोग में आ रही गिरावट को गंभीरता से लेते हुए नगर पालिकाओं को पत्र भेजा है। इसमें उन्होंने नाराजगी जताते हुए दर्ज शिकायतों के निस्तारण के निर्देश दिए हैं।
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प्रदेश की 17 नगर पालिकाएं भी बेपरवाह
प्रदेश के दस नगर निकायों अमरोहा, बरूथ, हाथरस, कासगंज, खुर्जा, लखीमपुर, मुगलसराय, नोएडा, शामली व सीतापुर द्वारा स्वच्छता एप पर अभी तक रजिस्ट्रेशन भी नहीं कराया है, जबकि स्वच्छता सर्वेक्षण में एप के 150 अंक रखे गए हैं। 62 में से 40 निकायों के सफाई निरीक्षकों द्वारा स्वच्छता एप पर रजिस्ट्रेशन तो करा लिया है, लेकिन उसका प्रयोग नहीं किया जा रहा है। 17 निकाय जिनमें अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बांदा, बस्ती, बुलंदशहर, देवरिया, फतेहपुर, गोंडा, हापुड़, हरदोई, ललितपुर, लोनी, मैनपुरी, पीलीभीत, रायबरेली व शाहजहांपुर में नागरिकों द्वारा की गई शिकायतों पर कार्रवाई नहीं की है। इसी तरह फिरोजाबाद व गोरखपुर नगर निगमों ने भी नागरिकों द्वारा की गई शिकायतों पर कार्रवाई नहीं की है।
प्रशिक्षण की जरूरत
स्वच्छता एप को सही तरीके से संचालित करने के लिए अधिकारी, कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने की आवश्यकता है। इसकी प्रक्रिया चल रही है। शीघ्र ही स्वच्छता एप पर प्राप्त शिकायतों का निस्तारण होना आरंभ हो जाएगा।
- राकेश कुमार, अधिशासी अधिकारी
नगर पालिका परिषद ललितपुर।
- स्वच्छ भारत मिशन के डायरेक्टर ने नगर पालिका को भेजा पत्र
- दर्ज पांच शिकायतें दूर न होने पर जताई नाराजगी, दिए निर्देश