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हेराफेरी कर सम्मान निधि का लाभ लेने वाले 347 किसानों से होगी 20 लाख की रिकवरी
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ललितपुर। गलत बैंक खाता देकर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ ले चुके 347 व्यक्तियों से 20 लाख रुपये की रिकवरी होगी। इन व्यक्तियों ने दूसरे किसानों के आधार कार्ड और बैंक खाता नंबर देकर सम्मान निधि का लाभ लिया है। अब जांच में राशि की रिकवरी के लिए बैंकों को डाटा भेजा गया है।
केंद्र सरकार ने किसानों को आर्थिक मदद देने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की है। इसमें किसानों को कृषि विभाग में पंजीयन कराना होता है। इसके बाद किसान सम्मान निधि के लाभ के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है। इस दौरान आधार कार्ड व बैंक खाता संख्या देना होता है। आवेदन की जांच संबंधित लेखपाल ऑनलाइन करते हैं। इसके बाद लाभार्थी को पात्र मानकर राशि का भुगतान किया जाता है।
जिले में अब तक दो लाख 41 हजार किसान पंजीकृत हैं। इनमें दो लाख 30 हजार किसानों को सम्मान निधि का लाभ दिया जा रहा है। इन किसानों को प्रत्येक चार माह के अंतराल पर दो-दो हजार रुपये का भुगतान किसानों के बैंक खाते में पहुंचा दिया जाता है। वर्ष में छह हजार रुपये की राशि मिलती है।
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लेकिन, कृषि विभाग द्वारा की गई जांच में कुछ व्यक्ति ऐसे पाए गए हैं, जिन्होंने कागजों में हेराफेरी करके किसान सम्मान निधि का लाभ ले लिया है। इनके दस्तावेजों की जांच में पाया गया है कि किसी किसान का आधार कार्ड लगाया है, जबकि बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति का है। जिले में ऐसे 347 आवेदन पाए गए हैं, जिनमेें आधार कार्ड किसी का और बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति का है। यह व्यक्ति अब तक 20 लाख रुपये की राशि का लाभ ले चुके हैं। अब संबंधितों के राशि की रिकवरी की तैयारी कर ली है। सभी से धनराशि वसूली जाएगी।
347 व्यक्तियों के आधार कार्ड और बैंक खाते अलग-अलग पाए गए हैं। ऐसे लोगों ने 20 लाख रुपये का लाभ ले लिया है। अब वसूली के लिए बैंकों को विवरण दिया गया है। शीघ्र ही इनसे वसूली की जाएगी। - संतोष कुमार सविता, उप कृषि निदेशक
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केंद्र सरकार ने किसानों को आर्थिक मदद देने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की है। इसमें किसानों को कृषि विभाग में पंजीयन कराना होता है। इसके बाद किसान सम्मान निधि के लाभ के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है। इस दौरान आधार कार्ड व बैंक खाता संख्या देना होता है। आवेदन की जांच संबंधित लेखपाल ऑनलाइन करते हैं। इसके बाद लाभार्थी को पात्र मानकर राशि का भुगतान किया जाता है।
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जिले में अब तक दो लाख 41 हजार किसान पंजीकृत हैं। इनमें दो लाख 30 हजार किसानों को सम्मान निधि का लाभ दिया जा रहा है। इन किसानों को प्रत्येक चार माह के अंतराल पर दो-दो हजार रुपये का भुगतान किसानों के बैंक खाते में पहुंचा दिया जाता है। वर्ष में छह हजार रुपये की राशि मिलती है।
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लेकिन, कृषि विभाग द्वारा की गई जांच में कुछ व्यक्ति ऐसे पाए गए हैं, जिन्होंने कागजों में हेराफेरी करके किसान सम्मान निधि का लाभ ले लिया है। इनके दस्तावेजों की जांच में पाया गया है कि किसी किसान का आधार कार्ड लगाया है, जबकि बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति का है। जिले में ऐसे 347 आवेदन पाए गए हैं, जिनमेें आधार कार्ड किसी का और बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति का है। यह व्यक्ति अब तक 20 लाख रुपये की राशि का लाभ ले चुके हैं। अब संबंधितों के राशि की रिकवरी की तैयारी कर ली है। सभी से धनराशि वसूली जाएगी।
347 व्यक्तियों के आधार कार्ड और बैंक खाते अलग-अलग पाए गए हैं। ऐसे लोगों ने 20 लाख रुपये का लाभ ले लिया है। अब वसूली के लिए बैंकों को विवरण दिया गया है। शीघ्र ही इनसे वसूली की जाएगी। - संतोष कुमार सविता, उप कृषि निदेशक