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Lalitpur News: आउट ऑफ स्कूल 330 बच्चाें को खोजकर विद्यालय में कराया गया प्रवेश
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जिले में दो चरणों में चले स्कूल चलो अभियान में चला था विशेष अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों के शत प्रतिशत नामांकन के लिए आउट ऑफ स्कूल बच्चों को खोजने का अभियान चलाया गया। इसमें करीब 330 आउट ऑफ स्कूल बच्चों को खोजकर उनका प्रवेश उनकी उम्र के अनुसार विद्यालयों में कराया। यह सभी बच्चे अलग-अलग कारणों से विद्यालय की पढ़ाई छोड़ चुके थे। ऐसे बच्चों काे विद्यालय में फिर से लाने के लिए अभियान चलाया गया था।
स्कूल चलो अभियान, प्रवेशोत्सव कार्यक्रम, आउट ऑफ स्कूल अभियान के तहत शिक्षा से वंचित रहने वाले बच्चों का सर्वे और खोजबीन कर उनको विद्यालय में प्रवेश कराया जाता है। इस शैक्षिक सत्र में स्कूल चलो अभियान दो चरणों में एक से 15 अप्रैल तक और दूसरे में एक से 15 जुलाई तक चलाया गया। जिसमें शत-प्रतिशत नामांकन व एक से दूसरी कक्षा में निरंतरता पर विशेष फोकस किया गया था। इसके अलावा तीन साल के शत-प्रतिशत बच्चों का आंगनबाड़ी-बाल वाटिका में, छह साल के शत-प्रतिशत बच्चों का कक्षा एक में, 7 से 14 साल के सभी ड्रॉप आउट व आउट ऑफ स्कूल बच्चों का विद्यालयों में नामांकन कराने के लिए अभियान चलाया गया।
जिला समन्वयक प्रदीप श्रीवास्तव के मुताबिक आउट ऑफ स्कूल बच्चों को खोजने के लिए शारदा एप के जरिये शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सर्वे अभियान चलाया। दो चरणों में चलाए गए सर्वे अभियान में करीब 330 बच्चों को खोजा गया। इनमें 163 बालक और 167 बालिकाएं शामिल थीं। यह ऐसे बच्चे थे जिन्होंने किन्हीं कारणों के चलते विद्यालय में नामांकन नहीं कराया या नामांकन कराने के बाद कभी विद्यालय ही नहीं गए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों के शत प्रतिशत नामांकन के लिए आउट ऑफ स्कूल बच्चों को खोजने का अभियान चलाया गया। इसमें करीब 330 आउट ऑफ स्कूल बच्चों को खोजकर उनका प्रवेश उनकी उम्र के अनुसार विद्यालयों में कराया। यह सभी बच्चे अलग-अलग कारणों से विद्यालय की पढ़ाई छोड़ चुके थे। ऐसे बच्चों काे विद्यालय में फिर से लाने के लिए अभियान चलाया गया था।
स्कूल चलो अभियान, प्रवेशोत्सव कार्यक्रम, आउट ऑफ स्कूल अभियान के तहत शिक्षा से वंचित रहने वाले बच्चों का सर्वे और खोजबीन कर उनको विद्यालय में प्रवेश कराया जाता है। इस शैक्षिक सत्र में स्कूल चलो अभियान दो चरणों में एक से 15 अप्रैल तक और दूसरे में एक से 15 जुलाई तक चलाया गया। जिसमें शत-प्रतिशत नामांकन व एक से दूसरी कक्षा में निरंतरता पर विशेष फोकस किया गया था। इसके अलावा तीन साल के शत-प्रतिशत बच्चों का आंगनबाड़ी-बाल वाटिका में, छह साल के शत-प्रतिशत बच्चों का कक्षा एक में, 7 से 14 साल के सभी ड्रॉप आउट व आउट ऑफ स्कूल बच्चों का विद्यालयों में नामांकन कराने के लिए अभियान चलाया गया।
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जिला समन्वयक प्रदीप श्रीवास्तव के मुताबिक आउट ऑफ स्कूल बच्चों को खोजने के लिए शारदा एप के जरिये शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सर्वे अभियान चलाया। दो चरणों में चलाए गए सर्वे अभियान में करीब 330 बच्चों को खोजा गया। इनमें 163 बालक और 167 बालिकाएं शामिल थीं। यह ऐसे बच्चे थे जिन्होंने किन्हीं कारणों के चलते विद्यालय में नामांकन नहीं कराया या नामांकन कराने के बाद कभी विद्यालय ही नहीं गए।
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