{"_id":"5b85ba4242c792466154519c","slug":"31535490626-lalitpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उड़द, मूंग की फसल में लग रहा रोग, किसानों की बढी परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उड़द, मूंग की फसल में लग रहा रोग, किसानों की बढी परेशानी
Updated Wed, 29 Aug 2018 02:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उड़द, मूंग की फसल में लग रहा रोग, किसानों की बढ़ी परेशानी
फसलों में लग रहा अगिया रोग, उड़द-मूंग की फसल पूरी तरह से बर्बाद
अमर उजाला ब्यूरो
ङोगरा खुर्द (ललितपुर)। नाराहट क्षेत्र के आसपास के गांवों में खरीफ की फसल में रोग लगने लगा है। इससे खेतों में खड़ी फसलें उखड़ने लगी हैं। किसानों का कहना है कि फसलों को अगिया, ललिया व उकसा ने अपनी चपेट में ले लिया है। पहले से ही किसान प्राकृतिक आपदाओं की मार झेलते आ रहे हैं। अब किसानों को कर्ज चुकाने की चिंता सताने लगी है।
बुंदेलखंड के किसानों से मानो प्रकृति साथ नहीं दे रही है। कई वर्षों से ओलावृष्टि, अतिवृष्टि व सूखा की मार झेलते चले आ किसान खरीफ फसल अच्छी होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उन्हें लग रहा है कि वर्षों से चला आ रहा कर्ज इस बार चुकता हो जाएगा। लेकिन फसलों को रोगों ने पकड़ना आरंभ कर दिया है। इससे उनके माथे पर सिलवटें दिखाई देने लगी हैं। किसानों का कहना है कि सूखे के कारण जमीन में नमी नहीं थी और इस बार समय से भी बारिश नहीं हुई है। जिस वजह से फसल में उकसा रोग लग गया है। जमीन गर्म थी जब उस पर बारिश हुई तो पानी गर्म होकर फसलों की जड़ों में चला गया। इससे फसलों को तमाम तरह के रोगों ने अपनी चपेट ले लिया। फसलों में लगा फूल व फलिया झड़ने लगी हैं। किसानों को कोई उपाय समझ में नहीं आ रहा है, जिससे उनके चेहरों पर मायूसी छाने लगी है। इस तरह के रोग नाराहट क्षेत्र के डोगरा खुर्द, ग्राम दिगवार, गुढा, खिरिया, चांदोरा गञांव में देखा जा सकता है। यह रोग फसलों के लिए काफी नुकसान दायक है। इसमें पौधे पहले लाल होते हैं, फिर इसके बाद फ़ूल व फलिया सूख कर गिर जाती है। किसानों ने शासन प्रशासन से फसलों का सर्वे कराकर राहत राशि दिलाने की मांग की है।
सूखकर गिर गए फूल व फलिया
खरीफ की फसल से काफी अच्छी उम्मीद लगाए बैठे थे। लेकिन जिस तरह रोगों ने फसलों को पकड़ा है, उससे फूल फलिया सूख कर नीचे गिरने लगे हैं। ऐसे में आशा निराशा में बदल गई है।
विज्ञापन
कल्लू कुशवाहा, किसान, ग्राम ङोगरा खुर्द
समझ नहीं आ रहा, कैसे बचाए फसल
सूखा के कारण जमीन में गर्मी थी जब बारिश हुई तो जमीन ठंडी नहीं हुई। इसी दौरान खेतों में फसल की बुवाई कर दी गई। जब गर्म पानी फसलों की जङों में पहुंचा तो इससे फसलों में रोग लग गया।
सोहन पटेल, कृषक, ग्राम खिरिया उवारी
......
फसलों की गल गई जडे
खेतों में खडी फसलो को धूप नहीं लगी, जिससे बारिश का पानी खेतों से सूखा नहीं। नतीजा यह हुआ कि फसलों की जडे सड गई है, इससे फसलों की फ़ूल व फलिया सूख कर गिर गई हैं।
मोहन दुबे
कृषक
ग्राम पटना
......
सर्वे कराकर किसानों को देंगे सलाह
खरीफ फसल में लग रहे रोग की हकीकत जानने के लिए सर्वे कराएंगे। इसके पश्चात विशेषज्ञों से सलाह लेकर दवा डालने का सुझाव किसानों को देंगे।
डा. रामऔतार
जिला कृषि रक्षा अधिकारी
विज्ञापन
फसलों में लग रहा अगिया रोग, उड़द-मूंग की फसल पूरी तरह से बर्बाद
अमर उजाला ब्यूरो
ङोगरा खुर्द (ललितपुर)। नाराहट क्षेत्र के आसपास के गांवों में खरीफ की फसल में रोग लगने लगा है। इससे खेतों में खड़ी फसलें उखड़ने लगी हैं। किसानों का कहना है कि फसलों को अगिया, ललिया व उकसा ने अपनी चपेट में ले लिया है। पहले से ही किसान प्राकृतिक आपदाओं की मार झेलते आ रहे हैं। अब किसानों को कर्ज चुकाने की चिंता सताने लगी है।
बुंदेलखंड के किसानों से मानो प्रकृति साथ नहीं दे रही है। कई वर्षों से ओलावृष्टि, अतिवृष्टि व सूखा की मार झेलते चले आ किसान खरीफ फसल अच्छी होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उन्हें लग रहा है कि वर्षों से चला आ रहा कर्ज इस बार चुकता हो जाएगा। लेकिन फसलों को रोगों ने पकड़ना आरंभ कर दिया है। इससे उनके माथे पर सिलवटें दिखाई देने लगी हैं। किसानों का कहना है कि सूखे के कारण जमीन में नमी नहीं थी और इस बार समय से भी बारिश नहीं हुई है। जिस वजह से फसल में उकसा रोग लग गया है। जमीन गर्म थी जब उस पर बारिश हुई तो पानी गर्म होकर फसलों की जड़ों में चला गया। इससे फसलों को तमाम तरह के रोगों ने अपनी चपेट ले लिया। फसलों में लगा फूल व फलिया झड़ने लगी हैं। किसानों को कोई उपाय समझ में नहीं आ रहा है, जिससे उनके चेहरों पर मायूसी छाने लगी है। इस तरह के रोग नाराहट क्षेत्र के डोगरा खुर्द, ग्राम दिगवार, गुढा, खिरिया, चांदोरा गञांव में देखा जा सकता है। यह रोग फसलों के लिए काफी नुकसान दायक है। इसमें पौधे पहले लाल होते हैं, फिर इसके बाद फ़ूल व फलिया सूख कर गिर जाती है। किसानों ने शासन प्रशासन से फसलों का सर्वे कराकर राहत राशि दिलाने की मांग की है।
विज्ञापन
सूखकर गिर गए फूल व फलिया
खरीफ की फसल से काफी अच्छी उम्मीद लगाए बैठे थे। लेकिन जिस तरह रोगों ने फसलों को पकड़ा है, उससे फूल फलिया सूख कर नीचे गिरने लगे हैं। ऐसे में आशा निराशा में बदल गई है।
विज्ञापन
कल्लू कुशवाहा, किसान, ग्राम ङोगरा खुर्द
समझ नहीं आ रहा, कैसे बचाए फसल
सूखा के कारण जमीन में गर्मी थी जब बारिश हुई तो जमीन ठंडी नहीं हुई। इसी दौरान खेतों में फसल की बुवाई कर दी गई। जब गर्म पानी फसलों की जङों में पहुंचा तो इससे फसलों में रोग लग गया।
सोहन पटेल, कृषक, ग्राम खिरिया उवारी
......
फसलों की गल गई जडे
खेतों में खडी फसलो को धूप नहीं लगी, जिससे बारिश का पानी खेतों से सूखा नहीं। नतीजा यह हुआ कि फसलों की जडे सड गई है, इससे फसलों की फ़ूल व फलिया सूख कर गिर गई हैं।
मोहन दुबे
कृषक
ग्राम पटना
......
सर्वे कराकर किसानों को देंगे सलाह
खरीफ फसल में लग रहे रोग की हकीकत जानने के लिए सर्वे कराएंगे। इसके पश्चात विशेषज्ञों से सलाह लेकर दवा डालने का सुझाव किसानों को देंगे।
डा. रामऔतार
जिला कृषि रक्षा अधिकारी