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महरौनी अवैध कोचिंग की खबर
Updated Sat, 30 Dec 2017 01:37 AM IST
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धड़ल्ले से चल रहे अवैध कोचिंग सेंटर
बगैर पंजीयन कराए चल रहा अवैध करोबार
महरौनी। शिक्षा के क्षेत्र में कोंचिग के बगैर अच्छे अंक प्राप्त करना आजकल के विद्यार्थियों को मजबूरी बन चुकी है । नगर में गली गली बगैर पंजीयन के व मानकों को ताक पर रखकर सेंटर के संचालक विभागीय अधिकारियों की सांठगांठ से धड़ल्ले से मोटी फीस लेकर अपना कारोबार संचालित कर रहे हैं। हजारों विद्यार्थी अपना पंजीयन कराकर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। वहीं, विषय बार शिक्षा व परीक्षा में अच्छे परिणाम की आकांक्षा से छात्रों में विद्यालय के साथ- साथ कोचिंग पढ़ना एक चलन सा बन चुका है । कोचिंग सेंटरों पर सुबह 5 बजे से ही भीड़ देखने को मिलती है हर गली गली में स्कूली साइकिलें मोपेड स्कूटर आदि वाहनों का जमावड़ा गलियों में लगा रहता है, जबकि कोचिंग सेंटरों के संचालन को न तो छात्रांकन के अनुसार पंजीयन कराया जाता है और न ही मानक के अनुसार भवन व छात्रों को बैठने का प्रबंध किया जाता है। विद्यार्थी इस ठंड में सुबह से ही कोचिंग सेंटरों पर पहुंचकर शिक्षा ग्रहण करते हैं । हर कोचिंग सेंटर पर एक बैच में लगभग 50-60 विद्यार्थी एक साथ ै
बिठाए जाते हैं। जबकि, अगर देखा जाए तो मानक के अनुसार वह भवन 20 छात्रों के लायक भी नहीं है और न ही सुवह व शाम अंधेरा हो जाने पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जाती है, लेकिन सभी नियमों को ताक पर रखकर अवैध कोचिंग सेंटर के संचालन का कारोबार खूब फल फूल रहा है। विद्यार्थियों की मानें तो बताया जाता है कि राजकीय बालिका इंटर कालेज में केवल तीन शिक्षक हैं, इनके ऊपर संपूर्ण विद्यालय का पढ़ाई से लेकर खेलकूद शारीरिक शिक्षा प्रेक्टिकल का जिम्मा है। कुछ प्राइवेट शिक्षक भी तैनात हैं लेकिन विषय बार शिक्षक न होने के चलते मजबूरन कोचिंग क्लास पढ़कर अपना कोर्स पूरा करना पड़ता है, तो वहीं शांति निकेतन इंटर कालेज का हाल बेहाल है। इस विद्यालय में भी शिक्षकों का अभाव बडे़ लंबे अरसे से चला आ रहा है । विगत कुछ वर्षों से इस विद्यालय की शिक्षा भी पटरी से उतर चुकी है, इसको लेकर इसी सत्र में ही छात्रों ने महरौनी इंदिरा चौराहे पर चक्काजाम कर दिया था। विगत वर्ष पहले यहां पर शिक्षकों की तैनाती हुई थी लेकिन मामला उलझकर कोर्ट मे चले जाने के कारण नियुक्ति प्रक्रिया स्थगित बनी हुई है, जिससे छात्रों की पढ़ाई पर प्रभाव पड़ रहा है। नगर के अन्य विद्यालयों के सापेक्ष इन्हीं विद्यालयों में महरौनी नगर ही नहीं आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के काफी अधिक संख्या मे विद्याथियों का पंजीयन है। लेकिन, शिक्षकों के अभाव में मजबूरन छात्रों को कोचिंग पढ़ने जाना पड़ता है। लेकिन, छात्रों की मजबूरी का फायदा उठाकर सेंटर संचालक अपना अवैध कारोबार चला रहे हैं।
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अवैध कोचिंगों पर कार्रवाई करने के लिए ब्लॉक स्तर पर टीमें गठित की गई हैं। यदि टीमों द्वारा नियमित रूप से कार्रवाई नहीं की जा रही है तो टीम के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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वीरेंद्र कुमार दुबे, जिला विद्यालय निरीक्षक
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बगैर पंजीयन कराए चल रहा अवैध करोबार
महरौनी। शिक्षा के क्षेत्र में कोंचिग के बगैर अच्छे अंक प्राप्त करना आजकल के विद्यार्थियों को मजबूरी बन चुकी है । नगर में गली गली बगैर पंजीयन के व मानकों को ताक पर रखकर सेंटर के संचालक विभागीय अधिकारियों की सांठगांठ से धड़ल्ले से मोटी फीस लेकर अपना कारोबार संचालित कर रहे हैं। हजारों विद्यार्थी अपना पंजीयन कराकर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। वहीं, विषय बार शिक्षा व परीक्षा में अच्छे परिणाम की आकांक्षा से छात्रों में विद्यालय के साथ- साथ कोचिंग पढ़ना एक चलन सा बन चुका है । कोचिंग सेंटरों पर सुबह 5 बजे से ही भीड़ देखने को मिलती है हर गली गली में स्कूली साइकिलें मोपेड स्कूटर आदि वाहनों का जमावड़ा गलियों में लगा रहता है, जबकि कोचिंग सेंटरों के संचालन को न तो छात्रांकन के अनुसार पंजीयन कराया जाता है और न ही मानक के अनुसार भवन व छात्रों को बैठने का प्रबंध किया जाता है। विद्यार्थी इस ठंड में सुबह से ही कोचिंग सेंटरों पर पहुंचकर शिक्षा ग्रहण करते हैं । हर कोचिंग सेंटर पर एक बैच में लगभग 50-60 विद्यार्थी एक साथ ै
बिठाए जाते हैं। जबकि, अगर देखा जाए तो मानक के अनुसार वह भवन 20 छात्रों के लायक भी नहीं है और न ही सुवह व शाम अंधेरा हो जाने पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जाती है, लेकिन सभी नियमों को ताक पर रखकर अवैध कोचिंग सेंटर के संचालन का कारोबार खूब फल फूल रहा है। विद्यार्थियों की मानें तो बताया जाता है कि राजकीय बालिका इंटर कालेज में केवल तीन शिक्षक हैं, इनके ऊपर संपूर्ण विद्यालय का पढ़ाई से लेकर खेलकूद शारीरिक शिक्षा प्रेक्टिकल का जिम्मा है। कुछ प्राइवेट शिक्षक भी तैनात हैं लेकिन विषय बार शिक्षक न होने के चलते मजबूरन कोचिंग क्लास पढ़कर अपना कोर्स पूरा करना पड़ता है, तो वहीं शांति निकेतन इंटर कालेज का हाल बेहाल है। इस विद्यालय में भी शिक्षकों का अभाव बडे़ लंबे अरसे से चला आ रहा है । विगत कुछ वर्षों से इस विद्यालय की शिक्षा भी पटरी से उतर चुकी है, इसको लेकर इसी सत्र में ही छात्रों ने महरौनी इंदिरा चौराहे पर चक्काजाम कर दिया था। विगत वर्ष पहले यहां पर शिक्षकों की तैनाती हुई थी लेकिन मामला उलझकर कोर्ट मे चले जाने के कारण नियुक्ति प्रक्रिया स्थगित बनी हुई है, जिससे छात्रों की पढ़ाई पर प्रभाव पड़ रहा है। नगर के अन्य विद्यालयों के सापेक्ष इन्हीं विद्यालयों में महरौनी नगर ही नहीं आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के काफी अधिक संख्या मे विद्याथियों का पंजीयन है। लेकिन, शिक्षकों के अभाव में मजबूरन छात्रों को कोचिंग पढ़ने जाना पड़ता है। लेकिन, छात्रों की मजबूरी का फायदा उठाकर सेंटर संचालक अपना अवैध कारोबार चला रहे हैं।
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अवैध कोचिंगों पर कार्रवाई करने के लिए ब्लॉक स्तर पर टीमें गठित की गई हैं। यदि टीमों द्वारा नियमित रूप से कार्रवाई नहीं की जा रही है तो टीम के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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वीरेंद्र कुमार दुबे, जिला विद्यालय निरीक्षक