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रबी सीजन में जलाशयों की खुलेंगी नहरें, हो सकेगी फसलों की सिंचाई
Updated Sun, 24 Sep 2017 01:19 AM IST
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दो दिन की बारिश से जगी किसानों में आस
ललितपुर। दो दिन की बारिश ने कृषकों को काफी हद तक राहत दी है। जिले के लगभग सभी बांधों में जलस्तर बढ़ गया है, अब रबी की फसल में कृषक नहर वाले एरिया में फसल की बुवाई कर सकते हैं। विभागीय अफसरों का कहना है कि बांधों में नहर खोलने के लिए पानी इकट्ठा हो गया है। शीघ्र ही इसका रोस्टर तैयार कर लिया जाएगा। चंद दिन पहले तक रबी सीजन में बुवाई को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। बारिश ने इस धुंधली तस्वीर को साफ कर दिया है।
जिले में दो लाख हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्रफल में फसलों की बुवाई की जाती है, इसमें अधिकांश एरिया बांधों से निकली नहरों की सिंचाई पर निर्भर है। मानसून सीजन के ढाई महीने में बारिश कम हुई। नतीजा यह हुआ कि खरीफ फसल बुरी तरह से प्रभावित हो गई। फसलों का उत्पादन घटने से कृषकों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा। वहीं, रबी सीजन में भी फसल की बुवाई को लेकर संकट खड़ा हो गया था, उस समय तक सभी जलाशयों में बारिश का पानी नाम मात्र का ही पहुंचा था। बृहस्पतिवार का दिन कृषकों के लिए खुशियों का रहा जब झमाझम बारिश का सिलसिला शुरू हुआ जो शुक्रवार को दोपहर में थमा। पहले दिन ललितपुर तहसील के अंतर्गत करीब सौ मिली मीटर बारिश हुई। अन्य बांधों के आसपास भी पैंतीस से साठ मिली मीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं, अगले दिन दस से बीस मिली मीटर बारिश हुई। इसका फायदा सीधा बांधों को हुआ। वर्तमान में गोविंद सागर बांध 64 प्रतिशत, शहजाद बांध 54 प्रतिशत, जामनी बांध 64 प्रतिशत, सजनाम बांध 45 प्रतिशत एवं रोहणी बांध में 49 प्रतिशत पानी भर गया। वहीं, राजघाट बांध पूर्ण जल स्तर 371 मीटर के सापेक्ष 370.50 मीटर जल स्तर हो गया। इसी तरह माताटीला बांध के पूर्ण जल स्तर 308.45 के मुकाबले 307.73 मीटर तक पहुंच गया है। बांधों में जल स्तर बढ़ने से कृषकों के चेहरे खिले नजर आ रहे हैं। उधर, विभागीय अधिकारियों की चिंता भी कम हुई है।
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यह है बांधों की स्थिति
गोविंद सागर बांध में 362.01 मीटर, शहजाद बांध में 318.40 मीटर, जामनी बांध में 401.97 मीटर, सजनाम बांध में 370.40 मीटर, रोहणी बांध में 394.35 मीटर, राजघाट बांध में 370.50 मीटर, माताटीला बांध में 307.73 मीटर जल स्तर हो गया है। विभागीय अफसरों के मुताबिक, शहजाद बांध से 70 दिन, सजनाम बांध से 30 दिन, जामनी बांध से 30 दिन तक नहर खोली जा सकती हैं। रोहणी बांध की नहर खोलने पर शीघ्र ही निर्णय होने की संभावना है।
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कर सकते हैं गेहूं की बुवाई
बारिश होने से पहले के मुकाबले अब हालात में बदलाव आया है। कृषक राई, सरसों, चना, मटर, मसूर के साथ गेहूं की भी बुवाई कर सकते हैं। गेहूं की सिंचाई के लिए कितना पानी मिलेगा? यह अभी तय नहीं हो पाया है। सिंचाई अफसरों के साथ बैठकर नहर का रोस्टर किया जाएगा। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
सतानंद चौधरी
जिला कृषि अधिकारी, ललितपुर।
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नहरों से मिलेगा सिंचाई का पानी
बांधों में सिंचाई लायक पानी हो गया है। रबी सीजन में गोविंद सागर बांध से एक महीने तक नहर खोली जा सकती है। रोहणी बांध को छोड़कर लगभग सभी बांधों से सिंचाई का पानी मिल सकेगा।
ए के गुप्ता
अधिशासी अभियंता
राजघाट निर्माण खंड ललितपुर।
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ललितपुर। दो दिन की बारिश ने कृषकों को काफी हद तक राहत दी है। जिले के लगभग सभी बांधों में जलस्तर बढ़ गया है, अब रबी की फसल में कृषक नहर वाले एरिया में फसल की बुवाई कर सकते हैं। विभागीय अफसरों का कहना है कि बांधों में नहर खोलने के लिए पानी इकट्ठा हो गया है। शीघ्र ही इसका रोस्टर तैयार कर लिया जाएगा। चंद दिन पहले तक रबी सीजन में बुवाई को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। बारिश ने इस धुंधली तस्वीर को साफ कर दिया है।
जिले में दो लाख हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्रफल में फसलों की बुवाई की जाती है, इसमें अधिकांश एरिया बांधों से निकली नहरों की सिंचाई पर निर्भर है। मानसून सीजन के ढाई महीने में बारिश कम हुई। नतीजा यह हुआ कि खरीफ फसल बुरी तरह से प्रभावित हो गई। फसलों का उत्पादन घटने से कृषकों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा। वहीं, रबी सीजन में भी फसल की बुवाई को लेकर संकट खड़ा हो गया था, उस समय तक सभी जलाशयों में बारिश का पानी नाम मात्र का ही पहुंचा था। बृहस्पतिवार का दिन कृषकों के लिए खुशियों का रहा जब झमाझम बारिश का सिलसिला शुरू हुआ जो शुक्रवार को दोपहर में थमा। पहले दिन ललितपुर तहसील के अंतर्गत करीब सौ मिली मीटर बारिश हुई। अन्य बांधों के आसपास भी पैंतीस से साठ मिली मीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं, अगले दिन दस से बीस मिली मीटर बारिश हुई। इसका फायदा सीधा बांधों को हुआ। वर्तमान में गोविंद सागर बांध 64 प्रतिशत, शहजाद बांध 54 प्रतिशत, जामनी बांध 64 प्रतिशत, सजनाम बांध 45 प्रतिशत एवं रोहणी बांध में 49 प्रतिशत पानी भर गया। वहीं, राजघाट बांध पूर्ण जल स्तर 371 मीटर के सापेक्ष 370.50 मीटर जल स्तर हो गया। इसी तरह माताटीला बांध के पूर्ण जल स्तर 308.45 के मुकाबले 307.73 मीटर तक पहुंच गया है। बांधों में जल स्तर बढ़ने से कृषकों के चेहरे खिले नजर आ रहे हैं। उधर, विभागीय अधिकारियों की चिंता भी कम हुई है।
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यह है बांधों की स्थिति
गोविंद सागर बांध में 362.01 मीटर, शहजाद बांध में 318.40 मीटर, जामनी बांध में 401.97 मीटर, सजनाम बांध में 370.40 मीटर, रोहणी बांध में 394.35 मीटर, राजघाट बांध में 370.50 मीटर, माताटीला बांध में 307.73 मीटर जल स्तर हो गया है। विभागीय अफसरों के मुताबिक, शहजाद बांध से 70 दिन, सजनाम बांध से 30 दिन, जामनी बांध से 30 दिन तक नहर खोली जा सकती हैं। रोहणी बांध की नहर खोलने पर शीघ्र ही निर्णय होने की संभावना है।
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कर सकते हैं गेहूं की बुवाई
बारिश होने से पहले के मुकाबले अब हालात में बदलाव आया है। कृषक राई, सरसों, चना, मटर, मसूर के साथ गेहूं की भी बुवाई कर सकते हैं। गेहूं की सिंचाई के लिए कितना पानी मिलेगा? यह अभी तय नहीं हो पाया है। सिंचाई अफसरों के साथ बैठकर नहर का रोस्टर किया जाएगा। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
सतानंद चौधरी
जिला कृषि अधिकारी, ललितपुर।
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नहरों से मिलेगा सिंचाई का पानी
बांधों में सिंचाई लायक पानी हो गया है। रबी सीजन में गोविंद सागर बांध से एक महीने तक नहर खोली जा सकती है। रोहणी बांध को छोड़कर लगभग सभी बांधों से सिंचाई का पानी मिल सकेगा।
ए के गुप्ता
अधिशासी अभियंता
राजघाट निर्माण खंड ललितपुर।