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तीन करोड़ खर्च, तीन साल से बोट क्लब शुरू होने का इंतजार

Tue, 20 Aug 2019 07:03 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 20 Aug 2019 07:03 PM IST
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3 crores spent, people still waiting for boat club for three years
तीन करोड़ खर्च, तीन साल से बोट क्लब शुरू होने का इंतजार
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जाखलौन। पर्यटन सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री योजना के अंतर्गत जाखलौन पंप केनाल हेड बंदरगुढ़ा पर बनवाया गया वीआईपी गेस्ट हाउस एवं बोट क्लब तीन साल से शुरू होने का इंतजार कर रहा है। तीन करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए, लेकिन अब तक इसका मुहूर्त नहीं बन सका है।
पर्यटन विभाग की राज्य योजना के अंतर्गत पर्यटन की सुविधाओं के विस्तार देने के लिए जाखलौन पंप केनाल हेड पर वीआईपी गेस्ट हाउस और बोट क्लब बनाने के लिए लगभग तीन करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉर्पोरेशन लिव निर्माण इकाई बांदा थी। इस वातानुकूलित गेस्ट हाउस में सभी आधुनिक सुख - सुविधाएं उपलब्ध हैं। नदी के किनारे प्राकृतिक वातावरण और मनोरम सुंदरता से परिपूर्ण इस गेस्ट हाउस और बोट क्लब का लोकार्पण तत्कालीन जिलाधिकारी ने 31 दिसंबर 2016 में किया था, परंतु तीन वर्ष पूरे होने के बाद भी अब तक वीवीआईपी गेस्ट हाउस और बोट क्लब का विधिवत शुभारंभ नहीं किया गया है। इस कारण गेस्ट हाउस का रखरखाव नहीं हो रहा है। यह जगह- जगह क्षतिग्रस्त होने लगा है। पार्क, पुष्प और गमले सूख गए हैं।
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जिला पर्यटन की दृष्टि से बुंदेलखंड का महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यहां पर विश्व प्रसिद्ध दिगंबर जैन मंदिर, दशावतार मंदिर, पाली स्थित श्री नीलकंठेश्वर मंदिर सहित आधुनिक पर्यटन के रूप में पंप कैनाल हेड को विकसित किया गया है। यहां सैकड़ों पर्यटक प्रतिदिन घूमने आते हैं। इसलिए गेस्ट हाउस और बोट क्लब का निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया।
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निर्माण होने के बाद से अभी तक इस गेस्ट हाउस में न तो कोई पर्यटक या अतिथि आए हैं और न पर्यटन विभाग के अधिकारी। जानकारी यह भी है कि यहां के लिए आई मोटर बोट्स को कुंभ मेले में ले जाया गया था, जिन्हें अभी तक वापस नहीं लाया गया है। इसी तरह इसमें लगे इंवर्टर को भी मरम्मत के नाम पर ले जाया गया, जो अभी तक वापस नहीं आया है। चौकीदार ने बताया कि गांव में शादी- विवाह तथा अन्य मीटिंग्स में इसका उपयोग गांव वाले कर लेते हैं। चौकीदार को वेतन भी नहीं दिया जा रहा है।
यदि पर्यटन विभाग पीपीपी मॉडल की तर्ज पर इसकी नीलामी कर दे तो सरकार को राजस्व मिलेगा और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इसको आधुनिक कैफेटेरिया के रूप में विकसित किया जा सकता है। यह जिले का महत्वपूर्ण पिकनिक स्पॉट बन सकता है। लेकिन, वर्तमान में जानवर पेड़- पौधों को चरकर नष्ट करने में लगे हैं।

यहां की बोट कुंभ में भेजी गई थीं, जिन्हें मरम्मत कर दूसरे बोट क्लब में लगा दिया गया है। अब यहां के लिए नई बोट मंगवाई जा रही हैं। बोट क्लब और वीआईपी गेस्ट हाउस को लीज पर दिया जा चुका है। इसे जल्दी ही प्रारंभ किया जाएगा।
- आरके रावत, उपनिदेशक
पर्यटन विभाग
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