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अफसरों के गोद लिए 28 गांव हुए कुपोषण मुक्त
Lalitpur
Updated Thu, 15 Mar 2018 12:54 AM IST
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mulnutricion
- फोटो : demo
अधिकारियों द्वारा गोद लिए 50 गांवों में से 28 गांव कुपोषण मुक्त हो चुके हैं, जबकि 22 गांवों को कुपोषण मुक्त किए जाने के लिए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।
बुधवार को डीएम मानवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में पोषण मिशन के अंतर्गत जिला पोषण समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई, जिसमें जो अधिकारी अनुपस्थित रहे, उनका स्पष्टीकरण मांगा। समीक्षा में पाया गया कि अधिकारियों द्वारा जनपद में 50 गांव गोद लिए गए थे, जिनमें से 28 गांव कुपोषण मुक्त हो चुके हैं, जबकि 22 गांवों को कुपोषण मुक्त किए जाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि माह के अंत तक इन ग्रामों को कुपोषित मुक्त कराए जाने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जाए। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी परियोजना निदेशक, डीआरडीए, उपजिलाधिकारी मड़ावरा श्रमायुक्त मनरेगा, जिला पूर्ति अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी और अधिशाषी अभियंता जल निगम को विशेष प्रयास करने के निर्देश दिये गये। एनआरसी में अति कुपोषित बच्चों के उपचार हेतु उपलब्ध बैड के अनुसार भर्ती न किये जाने के संबंध में जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिये गये कि समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी यह सुनिश्चित करे लें कि जिन अतिकुपोषित बच्चों को एनआरसी भर्ती कराया जाना है, उनका 15-15 दिन के अंदर कार्यक्रम तैयार कर एक-एक प्रति प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को उपलब्ध करायी जाये। उसी कार्यक्रम के अनुसार समयान्तर्गत अतिकुपोषित बच्चो को एनआरसी में भर्ती कराया जाये। वर्ष 2018-19 के प्रस्ताव वित्तीय वर्ष के अंत तक अनिवार्य रूप से प्राप्त करते हुए अवगत कराया जाने के निर्देश दिये गये हैं। इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र प्रताप को संबंधित उपजिलाधिकारी से वार्ता किये जाने के निर्देश दिये। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रताप सिंह, उपजिलाधिकारी हरिओम शर्मा, विघेष, परियोजना निदेशक डीआरडीए बलिराम, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंबरीश कुमार, जिला विधालय निरीक्षक वीके दुबे, जिला उद्यान अधिकारी सुधर सिंह, जिला कृषि अधिकारी सदानंद, जिला पंचायत राज अधिकारी श्रवण कुमार अतिरिक्त जिला सूचना अधिकारी केबी मिश्र उपस्थित रहे।
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बुधवार को डीएम मानवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में पोषण मिशन के अंतर्गत जिला पोषण समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई, जिसमें जो अधिकारी अनुपस्थित रहे, उनका स्पष्टीकरण मांगा। समीक्षा में पाया गया कि अधिकारियों द्वारा जनपद में 50 गांव गोद लिए गए थे, जिनमें से 28 गांव कुपोषण मुक्त हो चुके हैं, जबकि 22 गांवों को कुपोषण मुक्त किए जाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि माह के अंत तक इन ग्रामों को कुपोषित मुक्त कराए जाने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जाए। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी परियोजना निदेशक, डीआरडीए, उपजिलाधिकारी मड़ावरा श्रमायुक्त मनरेगा, जिला पूर्ति अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी और अधिशाषी अभियंता जल निगम को विशेष प्रयास करने के निर्देश दिये गये। एनआरसी में अति कुपोषित बच्चों के उपचार हेतु उपलब्ध बैड के अनुसार भर्ती न किये जाने के संबंध में जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिये गये कि समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी यह सुनिश्चित करे लें कि जिन अतिकुपोषित बच्चों को एनआरसी भर्ती कराया जाना है, उनका 15-15 दिन के अंदर कार्यक्रम तैयार कर एक-एक प्रति प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को उपलब्ध करायी जाये। उसी कार्यक्रम के अनुसार समयान्तर्गत अतिकुपोषित बच्चो को एनआरसी में भर्ती कराया जाये। वर्ष 2018-19 के प्रस्ताव वित्तीय वर्ष के अंत तक अनिवार्य रूप से प्राप्त करते हुए अवगत कराया जाने के निर्देश दिये गये हैं। इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र प्रताप को संबंधित उपजिलाधिकारी से वार्ता किये जाने के निर्देश दिये। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रताप सिंह, उपजिलाधिकारी हरिओम शर्मा, विघेष, परियोजना निदेशक डीआरडीए बलिराम, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंबरीश कुमार, जिला विधालय निरीक्षक वीके दुबे, जिला उद्यान अधिकारी सुधर सिंह, जिला कृषि अधिकारी सदानंद, जिला पंचायत राज अधिकारी श्रवण कुमार अतिरिक्त जिला सूचना अधिकारी केबी मिश्र उपस्थित रहे।
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