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गल्ला मंडी में उपज बेचने आ सकेंगे 225 ट्रैक्टर
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ललितपुर। नवीन गल्ला मंडी में सीमित वाहनों के प्रवेश हो रही समस्या से किसानों को राहत मिल गई है। गल्ला मंडी प्रशासन ने मंडी में उपज बेचने आ रहे वाहनों की संख्या 150 से बढ़ाकर 225 ट्रैक्टर कर दी है। इससे अब और अधिक किसान गल्ला मंडी में आसानी से पहुंच सकेंगे।
किसानों की उपज का सही मूल्य देने के लिए खरीद केंद्र खोले हैं। जहां पर किसानों को उपज बेचने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर पंजीयन नंबर मिल जाता है। इसके बाद अपनी उपज को आसानी से बेचने की सुविधा की गई है। खरीद केंद्र पर किसानों को 1925 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं खरीदा जा रहा है। किसानों के पास अपनी उपज बेचने का एकमात्र सहारा मुख्यालय पर स्थित नवीन कृषि उत्पादन मंडी स्थल है, जहां पर किसान गेहूं के साथ-साथ चना, मटर, मसूर आदि उचित दामों में बेच सकते हैं।
लेकिन, कोरोना वायरस संक्रमण को थामने के लिए लॉकडाउन लागू किया गया है, जिसमें सामाजिक दूरी बनाए रखना अनिवार्य किया गया है। इसके चलते जिला प्रशासन ने बीते माह गल्ला मंडी में केवल 50 व्यापारियों को व्यापार करने की अनुमति दी। एक व्यापारी को दो ट्रैक्टर उपज खरीदने का नियम लागू किया। बाद में व्यापारियों व किसानों की समस्या को देखते हुए व्यापारियों की संख्या 75 कर दी और 150 ट्रैक्टरों से उपज जाने की अनुमति दे दी गई। इसके बाद भी किसानों की संख्या लगातार बढ़ रही थी, लेकिन प्रवेश सीमित होने के कारण किसान नहीं पहुंच पा रहे थे। इससे किसान औने-पौने दामों में उपज बेचने को मजबूर हो रहे थे। इसका फायदा कई व्यापारी मंडी के बाहर से ही कम दामों में खरीदकर उठा रहे थे, लेकिन अब किसानों को मंडी प्रवेश की समस्या खत्म हो गई है। मंडी प्रशासन ने एक दिन में प्रवेश करने वाले ट्रैक्टरों की संख्या को बढ़ाकर 225 कर दिया है। अब किसानों को उपज बेचने के लिए परेशान नहीं होना होगा।
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किसानों को सीमित वाहनों के प्रवेश से हो रही समस्या के चलते अब संख्या बढ़ा दी गई है। गल्ला मंडी में प्रतिदिन 225 ट्रैक्टरों से किसान उपज लेकर आ सकेंगे।
- सत्यपाल सिंह, अपर उपजिलाधिकारी/ प्रभारी मंडी सचिव
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किसानों की उपज का सही मूल्य देने के लिए खरीद केंद्र खोले हैं। जहां पर किसानों को उपज बेचने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर पंजीयन नंबर मिल जाता है। इसके बाद अपनी उपज को आसानी से बेचने की सुविधा की गई है। खरीद केंद्र पर किसानों को 1925 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं खरीदा जा रहा है। किसानों के पास अपनी उपज बेचने का एकमात्र सहारा मुख्यालय पर स्थित नवीन कृषि उत्पादन मंडी स्थल है, जहां पर किसान गेहूं के साथ-साथ चना, मटर, मसूर आदि उचित दामों में बेच सकते हैं।
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लेकिन, कोरोना वायरस संक्रमण को थामने के लिए लॉकडाउन लागू किया गया है, जिसमें सामाजिक दूरी बनाए रखना अनिवार्य किया गया है। इसके चलते जिला प्रशासन ने बीते माह गल्ला मंडी में केवल 50 व्यापारियों को व्यापार करने की अनुमति दी। एक व्यापारी को दो ट्रैक्टर उपज खरीदने का नियम लागू किया। बाद में व्यापारियों व किसानों की समस्या को देखते हुए व्यापारियों की संख्या 75 कर दी और 150 ट्रैक्टरों से उपज जाने की अनुमति दे दी गई। इसके बाद भी किसानों की संख्या लगातार बढ़ रही थी, लेकिन प्रवेश सीमित होने के कारण किसान नहीं पहुंच पा रहे थे। इससे किसान औने-पौने दामों में उपज बेचने को मजबूर हो रहे थे। इसका फायदा कई व्यापारी मंडी के बाहर से ही कम दामों में खरीदकर उठा रहे थे, लेकिन अब किसानों को मंडी प्रवेश की समस्या खत्म हो गई है। मंडी प्रशासन ने एक दिन में प्रवेश करने वाले ट्रैक्टरों की संख्या को बढ़ाकर 225 कर दिया है। अब किसानों को उपज बेचने के लिए परेशान नहीं होना होगा।
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किसानों को सीमित वाहनों के प्रवेश से हो रही समस्या के चलते अब संख्या बढ़ा दी गई है। गल्ला मंडी में प्रतिदिन 225 ट्रैक्टरों से किसान उपज लेकर आ सकेंगे।
- सत्यपाल सिंह, अपर उपजिलाधिकारी/ प्रभारी मंडी सचिव