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Lalitpur News: खाद्य सुरक्षा के लेकर विगत वर्ष लिए गए 221 नमूने, 157 फेल
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- अधिकांश नमूने दूध से बनी सामग्री व खाद्य तेल के, 16.39 लाख का लगाया जुर्माना
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटी सामग्री की बिक्री रोकने के लिए व्यापक कदम उठाए हैं, पिछले साल 221 नमूने लिए हैं, जिनमें से 157 नमूने फेल हुए हैं। सबसे ज्यादा मिलावट दूध, पनीर, मिठाई, खोआ व खाद्य तेल में पाई गई है।
विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस हर साल 7 जून को मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य खाद्य सुरक्षा के महत्व को समझाना और सुरक्षित भोजन उपलब्ध हो सके ये सुनिश्चित करना है। इस दिन को मनाने की नींव संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन के साथ विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रयासों के परिणामस्वरूप पड़ी। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 20 दिसंबर 2018 को खाद्य सुरक्षा दिवस मनाने का फैसला लिया। जिसके बाद 7 जून की तारीख इस दिन को मनाने के लिए तय की गई। 7 जून 2019 को पहली बार विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाया गया।
खाद्य सुरक्षा हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह सुनिश्चित करता है कि हमारे द्वारा उपभोग किए जाने वाले भोजन सेहतमंद और सुरक्षित हो। असुरक्षित भोजन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है, जैसे कि खाद्य जनित बीमारियां, जो प्रतिवर्ष लाखों लोगों को प्रभावित करती हैं। जिले में लोगों को मिलावटी खाद्य सामग्री न मिले, इसके लिए पूरे वर्ष अभियान चलाया जाता है। पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 के आंकड़ों पर नजर डालें तो संदिग्ध खाद्य सामग्री के 221 नमूनों को संग्रहित कर जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा गया। जिसमें से 157 नमूनों की फेल होने की रिपोर्ट प्राप्त हुई है। इनमें अधिकतर दूध व दूध से बनी सामग्री एवं खाद्य तेल के नमूने फेल हुए हैं। इन सभी दुकान संचालकों जिनके यहां से नमूने संग्रहित किए गए, उनके खिलाफ एडीएम न्यायालय में वाद दर्ज किया गया, जिनसे 16.39 लाख रुपये वसूल किए हैं।
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एफएसएसएआई के तहत जिले में हैं 3095 पंजीकरण
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा की निगरानी करता है। इसके तहत खाद्य सामग्री निर्माता व बिक्री करने वालों का पंजीकरण किया जाता है। जनपद मेें 3095 पंजीकरण हैं, साथ ही 267 लाइसेंस बनाए गए हैं।
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खाद्य सुरक्षा के प्रमुख मुद्दे
स्वच्छता- भोजन की तैयारी और भंडारण के दौरान स्वच्छता बनाए रखना अनिवार्य है।
प्रदूषण- रसायनों और अन्य हानिकारक पदार्थों से भोजन को प्रदूषित होने से बचाना चाहिए।
मूल्यांकन- खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा का नियमित मूल्यांकन आवश्यक है।
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जिले में खाद्य सुरक्षा के मानकों को चेक करने के लिए समय-समय पर निरीक्षण व अभियान चलाया जाता है। साथ ही संग्रहित नमूनों को जांच के लिए भेजा जाता है। फेल होने पर कार्रवाई की भी जाती है। पिछले वित्तीय वर्ष में 16 लाख से अधिक की धनराशि का जुर्माना लगाकर वसूल की है।
विनोद कुमार शर्मा, सहायक आयुक्त खाद्य्र
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटी सामग्री की बिक्री रोकने के लिए व्यापक कदम उठाए हैं, पिछले साल 221 नमूने लिए हैं, जिनमें से 157 नमूने फेल हुए हैं। सबसे ज्यादा मिलावट दूध, पनीर, मिठाई, खोआ व खाद्य तेल में पाई गई है।
विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस हर साल 7 जून को मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य खाद्य सुरक्षा के महत्व को समझाना और सुरक्षित भोजन उपलब्ध हो सके ये सुनिश्चित करना है। इस दिन को मनाने की नींव संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन के साथ विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रयासों के परिणामस्वरूप पड़ी। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 20 दिसंबर 2018 को खाद्य सुरक्षा दिवस मनाने का फैसला लिया। जिसके बाद 7 जून की तारीख इस दिन को मनाने के लिए तय की गई। 7 जून 2019 को पहली बार विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाया गया।
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खाद्य सुरक्षा हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह सुनिश्चित करता है कि हमारे द्वारा उपभोग किए जाने वाले भोजन सेहतमंद और सुरक्षित हो। असुरक्षित भोजन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है, जैसे कि खाद्य जनित बीमारियां, जो प्रतिवर्ष लाखों लोगों को प्रभावित करती हैं। जिले में लोगों को मिलावटी खाद्य सामग्री न मिले, इसके लिए पूरे वर्ष अभियान चलाया जाता है। पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 के आंकड़ों पर नजर डालें तो संदिग्ध खाद्य सामग्री के 221 नमूनों को संग्रहित कर जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा गया। जिसमें से 157 नमूनों की फेल होने की रिपोर्ट प्राप्त हुई है। इनमें अधिकतर दूध व दूध से बनी सामग्री एवं खाद्य तेल के नमूने फेल हुए हैं। इन सभी दुकान संचालकों जिनके यहां से नमूने संग्रहित किए गए, उनके खिलाफ एडीएम न्यायालय में वाद दर्ज किया गया, जिनसे 16.39 लाख रुपये वसूल किए हैं।
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एफएसएसएआई के तहत जिले में हैं 3095 पंजीकरण
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा की निगरानी करता है। इसके तहत खाद्य सामग्री निर्माता व बिक्री करने वालों का पंजीकरण किया जाता है। जनपद मेें 3095 पंजीकरण हैं, साथ ही 267 लाइसेंस बनाए गए हैं।
खाद्य सुरक्षा के प्रमुख मुद्दे
स्वच्छता- भोजन की तैयारी और भंडारण के दौरान स्वच्छता बनाए रखना अनिवार्य है।
प्रदूषण- रसायनों और अन्य हानिकारक पदार्थों से भोजन को प्रदूषित होने से बचाना चाहिए।
मूल्यांकन- खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा का नियमित मूल्यांकन आवश्यक है।
जिले में खाद्य सुरक्षा के मानकों को चेक करने के लिए समय-समय पर निरीक्षण व अभियान चलाया जाता है। साथ ही संग्रहित नमूनों को जांच के लिए भेजा जाता है। फेल होने पर कार्रवाई की भी जाती है। पिछले वित्तीय वर्ष में 16 लाख से अधिक की धनराशि का जुर्माना लगाकर वसूल की है।
विनोद कुमार शर्मा, सहायक आयुक्त खाद्य्र