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मथुरा, वृंदावन से आई भगवान जगन्नाथ की पोशाक व मुकुट
Updated Tue, 10 Jul 2018 02:44 AM IST
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मथुरा, वृंदावन से आई भगवान जगन्नाथ की पोशाक व मुकुट
आकर्षक चांदी के छत्र बढ़ा रहे भगवान के सिंहासन की शोभा
पंचमध्वज, सुदर्शन व गरुणध्वज रथ यात्रा के लिए तैयार
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। शहर में 14 जुलाई को निकलने वाली भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा के लिए रथयात्रा समिति ने भव्य तैयारियां शुरू कर दी हैं। रथयात्रा के लिए भगवान जगन्नाथ की पोशाकें और मुकुट मथुरा, वृंदावन से मंगाए हैं। आकर्षक चांदी के छत्र भी भगवान जगन्नाथ के सिंह्नासन की शोभा बढ़ा रहे हैं। भगवान जगन्नाथ, बलभद्रजी व सुभद्रता के लिए गरुणध्वज रथ, पंचमध्वज व सुदर्शन रथों को तैयार किया जा चुका है।
घंटाघर स्थित भगवान जगदीश मंदिर सनातन धर्म के मंदिरों में बहुत प्रचलित है। इस मंदिर में पहली जगन्नाथ रथयात्रा 12 जुलाई वर्ष 1992 को निकाली गई थी, जो उस समय मोर मोटर से साधारण रूप में शुरू की गई थी। करीब एक दशक से जगन्नाथ रथयात्रा को हर वर्ष नया व आकर्षक बनाने के अन्य जनपदों से कलाकारों की टोलियां भी बुलाई जा रही हैं। अखाड़ों के साथ ही गायन व भजन कीर्तन मंडलियां एवं राधाकृष्ण नृत्य की आकर्षक झांकियां भी अब रथ यात्रा में विशेष आकर्षण बन गई हैं और आज यह रथयात्रा आज नगर में भव्यता धारण कर चुकी है। करीब तीन वर्षों से भगवान जगन्नाथजी, बलभद्रजी व सुभद्रता के लिए समिति द्वारा अब अलग-अलग तीन रथों को भी स्थाई रूप से निर्मित कर इन्हीं पर रथयात्रा निकाली जा रही है। इस बार 14 जुलाई को रथयात्रा निकाली जाएगी। इसके लिए रथयात्रा व मंदिर समिति द्वारा भव्यता और आकर्षक बनाने की रूपरेखा तय की गई है। इसके लिए जगदीश मंदिर धर्मशाला में भगवान के रथों की पेंटिंग व सजाने, संवारने का कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही भगवान को रथयात्रा वाले दिन के लिए मथुरा, वृंदावन से विशेष आकर्षक पोशाकें मंगाई गई हैं, जो रथयात्रा के दिन उन्हें धारण कराई जाएंगी। इस बार मंदिर में विराजमान भगवान के लिए चांदी के तीन छत्र भी दान स्वरुप चढ़ाए गए हैं, जो भगवान के सिंहासन की शोभा बढ़ा रहे हैं। इस बार रथयात्रा में विशेष आकर्षण के रुप में अंतर्राष्ट्रीय श्रीकृष्ण भावनामृत (इस्कॉन मंदिर) वृंदावन के देशी विदेशी भक्तों द्वारा हरिनाम संकीर्तन मंडी, अशोक डोंगरा पार्टी करनाल हरियाणा के कलाकारों द्वारा भगवान राधाकृष्ण, महोदव शंकर एवं मां काली व हनुमानजी के भावपूर्ण नृत्य, उज्जैन महाकाल दरबार के ढोल व तांसों की धमक एवं भीषण गर्जना करती तोपों का भी प्रदर्शन यात्रा के दौरान होता रहेगा। रथयात्रा समिति व जगदीश मंदिर समिति की जगन्नाथ रथयात्रा के लिए अंतिम रुप देने के लिए कई दौर की बैठकें भी आयोजित की गई हैं। रथयात्रा के स्वागत में विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग समूूहों द्वारा नगर में जगह-जगह तोरणद्वार सजाकर पुष्पबारिश और आरती की योजना भी अभी से बनाई जा रही है। रथयात्रा के लिए जगदीश मंदिर के सामने भव्य महाआरती का आयोजन की तैयारी भी की गई है। समिति की ओर से चंद्रविनोद हुंडैत ने बताया कि भगवान जगन्नाथजी रथयात्रा की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं, अब 14 जुलाई को नगर में भव्यता के साथ रथयात्रा आयोजन किया जाएगा।
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आकर्षक चांदी के छत्र बढ़ा रहे भगवान के सिंहासन की शोभा
पंचमध्वज, सुदर्शन व गरुणध्वज रथ यात्रा के लिए तैयार
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। शहर में 14 जुलाई को निकलने वाली भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा के लिए रथयात्रा समिति ने भव्य तैयारियां शुरू कर दी हैं। रथयात्रा के लिए भगवान जगन्नाथ की पोशाकें और मुकुट मथुरा, वृंदावन से मंगाए हैं। आकर्षक चांदी के छत्र भी भगवान जगन्नाथ के सिंह्नासन की शोभा बढ़ा रहे हैं। भगवान जगन्नाथ, बलभद्रजी व सुभद्रता के लिए गरुणध्वज रथ, पंचमध्वज व सुदर्शन रथों को तैयार किया जा चुका है।
घंटाघर स्थित भगवान जगदीश मंदिर सनातन धर्म के मंदिरों में बहुत प्रचलित है। इस मंदिर में पहली जगन्नाथ रथयात्रा 12 जुलाई वर्ष 1992 को निकाली गई थी, जो उस समय मोर मोटर से साधारण रूप में शुरू की गई थी। करीब एक दशक से जगन्नाथ रथयात्रा को हर वर्ष नया व आकर्षक बनाने के अन्य जनपदों से कलाकारों की टोलियां भी बुलाई जा रही हैं। अखाड़ों के साथ ही गायन व भजन कीर्तन मंडलियां एवं राधाकृष्ण नृत्य की आकर्षक झांकियां भी अब रथ यात्रा में विशेष आकर्षण बन गई हैं और आज यह रथयात्रा आज नगर में भव्यता धारण कर चुकी है। करीब तीन वर्षों से भगवान जगन्नाथजी, बलभद्रजी व सुभद्रता के लिए समिति द्वारा अब अलग-अलग तीन रथों को भी स्थाई रूप से निर्मित कर इन्हीं पर रथयात्रा निकाली जा रही है। इस बार 14 जुलाई को रथयात्रा निकाली जाएगी। इसके लिए रथयात्रा व मंदिर समिति द्वारा भव्यता और आकर्षक बनाने की रूपरेखा तय की गई है। इसके लिए जगदीश मंदिर धर्मशाला में भगवान के रथों की पेंटिंग व सजाने, संवारने का कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही भगवान को रथयात्रा वाले दिन के लिए मथुरा, वृंदावन से विशेष आकर्षक पोशाकें मंगाई गई हैं, जो रथयात्रा के दिन उन्हें धारण कराई जाएंगी। इस बार मंदिर में विराजमान भगवान के लिए चांदी के तीन छत्र भी दान स्वरुप चढ़ाए गए हैं, जो भगवान के सिंहासन की शोभा बढ़ा रहे हैं। इस बार रथयात्रा में विशेष आकर्षण के रुप में अंतर्राष्ट्रीय श्रीकृष्ण भावनामृत (इस्कॉन मंदिर) वृंदावन के देशी विदेशी भक्तों द्वारा हरिनाम संकीर्तन मंडी, अशोक डोंगरा पार्टी करनाल हरियाणा के कलाकारों द्वारा भगवान राधाकृष्ण, महोदव शंकर एवं मां काली व हनुमानजी के भावपूर्ण नृत्य, उज्जैन महाकाल दरबार के ढोल व तांसों की धमक एवं भीषण गर्जना करती तोपों का भी प्रदर्शन यात्रा के दौरान होता रहेगा। रथयात्रा समिति व जगदीश मंदिर समिति की जगन्नाथ रथयात्रा के लिए अंतिम रुप देने के लिए कई दौर की बैठकें भी आयोजित की गई हैं। रथयात्रा के स्वागत में विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग समूूहों द्वारा नगर में जगह-जगह तोरणद्वार सजाकर पुष्पबारिश और आरती की योजना भी अभी से बनाई जा रही है। रथयात्रा के लिए जगदीश मंदिर के सामने भव्य महाआरती का आयोजन की तैयारी भी की गई है। समिति की ओर से चंद्रविनोद हुंडैत ने बताया कि भगवान जगन्नाथजी रथयात्रा की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं, अब 14 जुलाई को नगर में भव्यता के साथ रथयात्रा आयोजन किया जाएगा।
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