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जल्द बंद होगा कार्यालय व मानचाहे स्कूलों में संबद्घीकरण का खेल

Wed, 02 May 2018 03:44 AM IST
Updated Wed, 02 May 2018 03:44 AM IST
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जल्द बंद होगा कार्यालय व मानचाहे स्कूलों में संबद्घीकरण का खेल
कार्यालय व मनचाहे स्कूलों में संबद्ध होने का खेल होगा बंद
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मुख्यमंत्री ने तलब किया शिक्षकों का ब्योरा
शिक्षा विभाग के अधिकारी व बाबू सूचना बनाने में जुटे
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
जनपद के बेसिक शिक्षा व माध्यमिक शिक्षा परिषद दोनों ही विभागों में शासनादेश के खिलाफ शिक्षकों के संबद्ध करवाने का खेल काफी लंबे समय से चलता आ रहा है। इस खेल को बंद करने के लिए कई शिक्षकों व शिक्षक संगठनों द्वारा निरंतर आवाज भी उठाई जा रही है। इन्हीं शिकायतों का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जनपदों से संबद्ध शिक्षकों का ब्योरा मांगा है। स्थानीय अधिकारी शासन को भेजने वाले सूचना बनाने में जुट गए हैं।
ग्रामीण इलाकों में दूरदराज के सरकारी विद्यालयों में खराब शिक्षा व्यवस्था की एक मुख्य वजह शिक्षकों का संबद्धीकरण है। जिन शिक्षकों की तैनाती दूर-दराज के गांवों में वह विभागीय अधिकारियों को सुविधा शुल्क देकर कार्यालय या फिर अपने मनचाहे नजदीक के विद्यालय में संबद्ध करा लेते हैं। इससे विभाग में भ्रष्टाचार को तो बढ़ावा मिलता ही है, साथ ही दूर-दराज के विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती नहीं होने से वहां के बच्चों को शिक्षा नहीं मिल पाती है। जनपद में बेसिक शिक्षा विभाग कई परिषद शिक्षक हैं जो अपने मूल विद्यालय में तैनात होने की जगह दूसरे विद्यालयों में संबद्ध है। इस खेल में माध्यमिक शिक्षा परिषद भी शामिल है। कई शिक्षक व प्रधानाध्यापक मूल विद्यालय को छोड़कर मनचाहे विद्यालयों में संबद्ध है। ऐसे ही हालत जनपद समेत प्रदेश के अन्य जनपदों में भी हैं। परिषदीय विद्यालय में बड़े पैमाने पर चल रहे खेल को बंद कर शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के निर्देशन पर प्रमुख सचिव ने 19 अप्रैल को इस संबंध में शिक्षा निदेशक से रिपोर्ट मांगी है। इसके क्रम में शिक्षा निदेशक बेसिक डॉ. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने इस मामले में सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि जिलों में बीएसए, उप शिक्षा निदेशक बेसिक, जिला विद्यालय निरीक्षक, संयुक्त निदेशक माध्यमिक शिक्षा आदि विभिन्न स्तर के कार्यालयों और डायट में कितने शिक्षक संबद्ध हैं और जो शिक्षक व शिक्षिकाओं ने मूल तैनाती के विद्यालय से अन्य स्कूलों में अपने को संबद्ध करा लिया है। यह रिपोर्ट 30 जून तक मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी जानी है। शिक्षा निदेशक ने 26 अप्रैल को पत्र जारी करके आगामी 15 दिनों के भीतर सभी जनपदों से सूचना मांगी है। इस आदेश से शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। अब देखना होगा कि विभागीय अधिकारी खुद को बचाने के लिए इस आदेश के बाद आननफानन में शिक्षकों का संबद्धीकरण समाप्त करते हैं या फिर शासन को भेजे जाने वाली सूचना में कोई जुगाड़ बैठातेे हैं।
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अनुदेशक व शिक्षामित्र भी हैं संबद्ध
शिक्षकों के साथ-साथ जनपद में शिक्षामित्रों व अनुदेशकों की तैनाती में भी संबद्धीकरण का खेल चल रहा है। कई अनुदेशक दूसरे विद्यालय या फिर विभागीय कार्यालयों में संबद्ध हैं। इसी तरह कुछ शिक्षामित्र भी समायोजन के समय से संबद्धीकरण का सुख भोग रहे हैं।
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तैयार की जा रही सूचना
शिक्षा निदेशक द्वारा संबद्ध शिक्षकों का ब्योरा मांगा गया है, जिसकी सूचना तैयार कराने के लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया जा रहा है। जल्द ही सूचना तैयार कर शासन को भेज दी जाएगी।
- अंबरीष कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, ललितपुर।
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