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लोहिया बस
Updated Tue, 04 Sep 2018 01:57 AM IST
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लोहिया बसों के परिचालकों की मनमानी से यात्री परेशान
विभाग को उठाना पड़ रहा राजस्व का नुकसान
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। लोहिया बसों के परिचालकों की मनमानी यात्रियों पर भारी पड़ रहा है। बसों का अनियमित संचालन हो रहा है। इससे यात्री तो परेशान हो ही रहे हैं साथ ही विभाग को भी राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके बाद भी विभागीय अधिकारी मौन हैं।
ग्रामीणों को आवागमन की सुविधा मुहैया कराने के लिए लोहिया ग्रामीण बस सेवा चलाई जा रही हैं। जिसमें सस्ते किराए से गतंव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। इन बसों ने गांवों के लोगों को सीधे मुख्यालय से जोड़ दिया है। वहीं, तमाम बसें झांसी, इलाहाबाद, लखनऊ, कानपुर तक संचालित हो रही हैं। इन बसों को चलाने के लिए विभाग ने एक समय सारणी बनाई है लेकिन कुछ परिचालक मनमाने तरीके से बसों का संचालन कर रहे हैं। इससे उन यात्रियों को असुविधा हो रही है, जो समय सारणी के हिसाब से बस का इंतजार करते हैं। कई बार ऐसा होता है कि यात्री जब स्टैंड पर पहुंचते हैं, उससे पहले ही बस स्टैंड छोड़ देती है। इस स्थिति में तमाम यात्रियों को या तो अपना कार्यक्रम स्थगित करना पड़ता है या फिर उन्हें प्राइवेट बस व अन्य वाहन से सफर करना पड़ता है। झांसी से चलकर गुढ़ा तक जाने वाली लोहिया बस सेवा पूरी तरह से अनियमित हो गई है। कई बार तो यह बस समय से पूर्व ही स्टैंड छोड़ देती है तो कई बार बस का परिचालन स्थगित कर दिया जाता है। यही हाल मड़ावरा से इलाहाबाद बस सेवा का हो गया है जो बीते चार दिन से नहीं आ रही है। इसके अलावा झांसी से ललितपुर के लिए नानस्टाप लोहिया बस का संचालन किया जा रहा है। इस तरह की मनमानी से सवारियों का आवागमन सुलभ की जगह कठिन हो गया है। कई जगहों पर यात्री बस रोकने के लिए हाथ देते हैं लेकिन चालक उन्हें बैठाने की जगह बस की रफ्तार बढ़ा देते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले में विभागीय अधिकारी उदासीन बने हुए हैं। इससे विभाग की आय में बढ़ोत्तरी नहीं हो पा रही है।
डिपो व रोडवेज का नहीं है स्टैंड
शहर में रोडवेज व डिपो का स्टैंड नहीं है। इसके चलते कई बार चालक स्टैंड पर बस नहीं ले जाते हैं और इसकी जगह वह सीधे बस ले जाते हैं। ऐसे में तमाम यात्रियों की बस छूट जाती है। बीते दिनों जिले के प्रभारी मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने समीक्षा बैठक में प्राइवेट एवं रोडवेज का पृथक से स्टैंड का निर्माण कराने के निर्देश अफसरों को दिए थे।
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नहीं है पूछताछ केंद्र का नंबर
रोडवेज के विभागीय अधिकारी बसों के आने व न आने की जानकारी के लिए पूछताछ केंद्र पर जानकारी करने के लिए तो कहते हैं। लेकिन जिले में कोई केंद्र ही नहीं बनाया गया है और न ही विभाग का कोई अधिकारी यहां पर बैठता है। ऐसे में आम लोगों को कहां से नंबर उपलब्ध हो सकेगा।
-----------
एआरएम से जानकारी करेंगे। अगर कोई गाड़ी नहीं आ रही है तो झांसी पूछताछ केंद्र पर जानकारी करें।
-एसके राय, क्षेत्रीय प्रबंधक, झांसी डिपो
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विभाग को उठाना पड़ रहा राजस्व का नुकसान
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। लोहिया बसों के परिचालकों की मनमानी यात्रियों पर भारी पड़ रहा है। बसों का अनियमित संचालन हो रहा है। इससे यात्री तो परेशान हो ही रहे हैं साथ ही विभाग को भी राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके बाद भी विभागीय अधिकारी मौन हैं।
ग्रामीणों को आवागमन की सुविधा मुहैया कराने के लिए लोहिया ग्रामीण बस सेवा चलाई जा रही हैं। जिसमें सस्ते किराए से गतंव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। इन बसों ने गांवों के लोगों को सीधे मुख्यालय से जोड़ दिया है। वहीं, तमाम बसें झांसी, इलाहाबाद, लखनऊ, कानपुर तक संचालित हो रही हैं। इन बसों को चलाने के लिए विभाग ने एक समय सारणी बनाई है लेकिन कुछ परिचालक मनमाने तरीके से बसों का संचालन कर रहे हैं। इससे उन यात्रियों को असुविधा हो रही है, जो समय सारणी के हिसाब से बस का इंतजार करते हैं। कई बार ऐसा होता है कि यात्री जब स्टैंड पर पहुंचते हैं, उससे पहले ही बस स्टैंड छोड़ देती है। इस स्थिति में तमाम यात्रियों को या तो अपना कार्यक्रम स्थगित करना पड़ता है या फिर उन्हें प्राइवेट बस व अन्य वाहन से सफर करना पड़ता है। झांसी से चलकर गुढ़ा तक जाने वाली लोहिया बस सेवा पूरी तरह से अनियमित हो गई है। कई बार तो यह बस समय से पूर्व ही स्टैंड छोड़ देती है तो कई बार बस का परिचालन स्थगित कर दिया जाता है। यही हाल मड़ावरा से इलाहाबाद बस सेवा का हो गया है जो बीते चार दिन से नहीं आ रही है। इसके अलावा झांसी से ललितपुर के लिए नानस्टाप लोहिया बस का संचालन किया जा रहा है। इस तरह की मनमानी से सवारियों का आवागमन सुलभ की जगह कठिन हो गया है। कई जगहों पर यात्री बस रोकने के लिए हाथ देते हैं लेकिन चालक उन्हें बैठाने की जगह बस की रफ्तार बढ़ा देते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले में विभागीय अधिकारी उदासीन बने हुए हैं। इससे विभाग की आय में बढ़ोत्तरी नहीं हो पा रही है।
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डिपो व रोडवेज का नहीं है स्टैंड
शहर में रोडवेज व डिपो का स्टैंड नहीं है। इसके चलते कई बार चालक स्टैंड पर बस नहीं ले जाते हैं और इसकी जगह वह सीधे बस ले जाते हैं। ऐसे में तमाम यात्रियों की बस छूट जाती है। बीते दिनों जिले के प्रभारी मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने समीक्षा बैठक में प्राइवेट एवं रोडवेज का पृथक से स्टैंड का निर्माण कराने के निर्देश अफसरों को दिए थे।
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नहीं है पूछताछ केंद्र का नंबर
रोडवेज के विभागीय अधिकारी बसों के आने व न आने की जानकारी के लिए पूछताछ केंद्र पर जानकारी करने के लिए तो कहते हैं। लेकिन जिले में कोई केंद्र ही नहीं बनाया गया है और न ही विभाग का कोई अधिकारी यहां पर बैठता है। ऐसे में आम लोगों को कहां से नंबर उपलब्ध हो सकेगा।
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एआरएम से जानकारी करेंगे। अगर कोई गाड़ी नहीं आ रही है तो झांसी पूछताछ केंद्र पर जानकारी करें।
-एसके राय, क्षेत्रीय प्रबंधक, झांसी डिपो