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स्वास्थ्य:जिला अस्पताल को हाथ सिकोड़ कर दी जारी रैबीज वैक्सीन 1
Updated Wed, 18 Jul 2018 06:44 AM IST
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जिला अस्पताल में रैबीज इंजेक्शन की कमी
- हाथ सिकोड़ कर दी जारी वैक्सीन, मरीज परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जिला अस्पताल में रैबीज वैक्सीन इंजेक्शनों की सप्लाई हाथ सिकोड़ कर दी जा रही है। जिससे अस्पताल में बीते दो माह से इंजेक्शनों की कमी बनी हुई है। बीते सोमवार से जिला अस्पताल में इंजेक्शन लगने बंद हो गए हैं। जिससे जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को मायूसी हाथ लग रही है। संबंधित अधिकारी कंपनी पर आपूर्ति कम करने का हवाला देकर पल्ला झाड़ रहे हैँ।
जिला अस्पताल में खांसी, बुखार, आंखों का ऑपरेशन, नाक, कान व गला, व सर्जरी की सुविधा दी जाती है। इसके अलावा स्वान के काटने पर रेबीज के इंजेक्शन की निशुल्क उपचार की व्यवस्था है। लेकिन बीते दो माह से इंजेक्शनों की कमी बनी हुई है। जिससे जिला अस्पताल आने वाले मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। हद तब हो गई जब बीते सोमवार को अस्पताल में इंजेक्शन का स्टोक खत्म हो गया है। जिससे अस्पताल आने वाले मरीजों को उपचार नहीं मिल पा रहा है।
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दो बार डिमांड के मुकाबले नहीं हुई आपूर्ति
जिला अस्पताल में रेबीज बैक्सीन इंजेक्शन की दो बार डिमाण्ड की गई है। जिसमें पहले छह सौ इंजेक्शन की मांग की गई थी जो कि अभी तक प्राप्त नहीं हुए हैं। दूसरी बार अस्पताल प्रबंधन ने 1400 इंजेक्शनों की मांग की थी। जिसके सापेक्ष 50 इंजेक्शन ही प्राप्त हुए हैं।
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रेबीज के प्रमुख लक्षण
- बुखार, मतली और सिरदर्द
- इंफेक्शन फैलने से अनैच्छिक छटके अनियंत्रित उत्तेजना, सुस्ती और श्वास का पक्षाघात होना।
- पानी पीने का प्रयत्न करने पर अचानक ऐंठन, सांस में रुकावट।
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ये रखें सावधानियां
जितना हो सके घाव को बहते गुनगुने पानी से धोना चाहिए।
घाव को कभी ढके नहीं. इसकी पट्टी न करें और टांके न लगवाएं।
नजदीकी सरकारी अस्पताल में जाएं जहां एआरवी उपलब्ध होती हैं।
कुत्ता या पशु का निरीक्षण 10 दिन तक करें।
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दो दिन में मिलने लगेगी सुविधा
जिला अस्पताल में रैबीज वैक्सीन के इंजेशन मांग के मुकाबले कम प्राप्त हुए हैं। संबंधित कंपनी को पत्र भेजा गया है। लगभग दो तीन दिन में सुचारु रुप से सुविधा मिलेगी। -
डा. एसके बासवानी
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- हाथ सिकोड़ कर दी जारी वैक्सीन, मरीज परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जिला अस्पताल में रैबीज वैक्सीन इंजेक्शनों की सप्लाई हाथ सिकोड़ कर दी जा रही है। जिससे अस्पताल में बीते दो माह से इंजेक्शनों की कमी बनी हुई है। बीते सोमवार से जिला अस्पताल में इंजेक्शन लगने बंद हो गए हैं। जिससे जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को मायूसी हाथ लग रही है। संबंधित अधिकारी कंपनी पर आपूर्ति कम करने का हवाला देकर पल्ला झाड़ रहे हैँ।
जिला अस्पताल में खांसी, बुखार, आंखों का ऑपरेशन, नाक, कान व गला, व सर्जरी की सुविधा दी जाती है। इसके अलावा स्वान के काटने पर रेबीज के इंजेक्शन की निशुल्क उपचार की व्यवस्था है। लेकिन बीते दो माह से इंजेक्शनों की कमी बनी हुई है। जिससे जिला अस्पताल आने वाले मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। हद तब हो गई जब बीते सोमवार को अस्पताल में इंजेक्शन का स्टोक खत्म हो गया है। जिससे अस्पताल आने वाले मरीजों को उपचार नहीं मिल पा रहा है।
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दो बार डिमांड के मुकाबले नहीं हुई आपूर्ति
जिला अस्पताल में रेबीज बैक्सीन इंजेक्शन की दो बार डिमाण्ड की गई है। जिसमें पहले छह सौ इंजेक्शन की मांग की गई थी जो कि अभी तक प्राप्त नहीं हुए हैं। दूसरी बार अस्पताल प्रबंधन ने 1400 इंजेक्शनों की मांग की थी। जिसके सापेक्ष 50 इंजेक्शन ही प्राप्त हुए हैं।
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रेबीज के प्रमुख लक्षण
- बुखार, मतली और सिरदर्द
- इंफेक्शन फैलने से अनैच्छिक छटके अनियंत्रित उत्तेजना, सुस्ती और श्वास का पक्षाघात होना।
- पानी पीने का प्रयत्न करने पर अचानक ऐंठन, सांस में रुकावट।
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ये रखें सावधानियां
जितना हो सके घाव को बहते गुनगुने पानी से धोना चाहिए।
घाव को कभी ढके नहीं. इसकी पट्टी न करें और टांके न लगवाएं।
नजदीकी सरकारी अस्पताल में जाएं जहां एआरवी उपलब्ध होती हैं।
कुत्ता या पशु का निरीक्षण 10 दिन तक करें।
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दो दिन में मिलने लगेगी सुविधा
जिला अस्पताल में रैबीज वैक्सीन के इंजेशन मांग के मुकाबले कम प्राप्त हुए हैं। संबंधित कंपनी को पत्र भेजा गया है। लगभग दो तीन दिन में सुचारु रुप से सुविधा मिलेगी। -
डा. एसके बासवानी