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पाली
Updated Tue, 05 Dec 2017 01:46 AM IST
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अनुदान तो पाया पर शौचालय नहीं बनवाया
पाली । लोगों को खुले में शौचमुक्त करने के लिए देश की मोदी सरकार प्रदेश की योगी सरकार विभिन्न जागरूक कार्यक्रम आयोजित करा रही है, गरीब तबके के परिवारों के लिए उनके खाते में अनुदान राशि भी भेज जा रही है। इसके बाद भी कस्बे के 265 परिवार अनुदान राशि पाने के बाद भी अपने घरों में शौचालय निर्माण कराने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं । खुले में शौच जाकर कस्बे की मुख्य सड़कों को गंदा कर रहे हैं ।
देश में मोदी सरकार के उदय होते ही पूरे भारत में स्वच्छता अभियान मिशन चलाया गया, जो अब भी लगातार चलाया जा रहा है। स्वच्छता अभियान के अंतर्गत लोगों को खुले में शौच मुक्त करने के लिए बड़ी मुहिम चल रही है। कस्बें में नदवानी बगीचा, कुरयाना मोहल्ले में सार्वजनिक सुलभ शौचालय बनवाए गए, जिससे लोग इनका लाभ उठा सकें। हालांकि इनमें कई खामियां हैं, जिनसे लोग शौच जाने से कतराते हैं। वहीं नगर पंचायत से मिली जानकारी के अनुसार 700 से ज्यादा परिवारों के लिए शौचालय निर्माण के लिए अनुदान राशि जारी कर पात्र परिवारों के मुखिया के खाते में पहुंचाई। नगर पंचायत कस्बे को ओडीएफ करने के लिए कई जागरूक कार्यक्रम भी आयोजित कराती रहती है। इसके बाद भी अभी तक 319 परिवार ही अपने घरों में शौचालय का निर्माण करा सके। दूसरी क़िस्त की आस में 182 परिवारों के शौचालय निर्माणाधीन हैं, तो कस्बे में 265 ऐसे भी परिवार है, जिन्होंने अनुदान की पहली किस्त तो ले ली है, लेकिन अपने घर में शौचालय का गड्ढा तक नहीं खुदवा सके। आखिर ऐसी कौन सी वजह है कि लोग शौचालय निर्माण करवाने में तनिक भी रुचि नहीं ले रहे । वार्ड एक हरिजन बाहुल्य मोहल्ला है, यहां 105 ऐसे परिवार हैं जो शौच के लिए बालाबेहट मार्ग व थाने वाले मार्ग को चुनकर सड़कों को गंदा कर रहे हैं । वार्ड दो में 30 , वार्ड तीन में 14, वार्ड चार में 14, वार्ड पांच में 09 , वार्ड छह में 14, वार्ड सात में 04, वार्ड आठ में 50, वार्ड नौ में 15 , वार्ड दस में 10 परिवारों ने अनुदान राशि पाने के बाद भी शौचालय निर्माण की शुरुवात नहीं की है ।
एक तरफ देश व प्रदेश की सरकार शौचालयों के मामले में ओडीएफ चाहती है तो वहीं ऐसे लोग सरकार की योजना को पलीता लगा रहे हैं ।
इस संबंध में जानकारी देते हुए नगर पंचायत के अधिकारी चरन सिंह यादव ने बताया कि नगर पंचायत कार्यालय से ऐसे लोगों के खिलाफ नोटिस जारी किया जाएगा, इसके बाद भी निर्माण कार्य में गति नहीं दी गई तो संबंधितों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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पाली । लोगों को खुले में शौचमुक्त करने के लिए देश की मोदी सरकार प्रदेश की योगी सरकार विभिन्न जागरूक कार्यक्रम आयोजित करा रही है, गरीब तबके के परिवारों के लिए उनके खाते में अनुदान राशि भी भेज जा रही है। इसके बाद भी कस्बे के 265 परिवार अनुदान राशि पाने के बाद भी अपने घरों में शौचालय निर्माण कराने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं । खुले में शौच जाकर कस्बे की मुख्य सड़कों को गंदा कर रहे हैं ।
देश में मोदी सरकार के उदय होते ही पूरे भारत में स्वच्छता अभियान मिशन चलाया गया, जो अब भी लगातार चलाया जा रहा है। स्वच्छता अभियान के अंतर्गत लोगों को खुले में शौच मुक्त करने के लिए बड़ी मुहिम चल रही है। कस्बें में नदवानी बगीचा, कुरयाना मोहल्ले में सार्वजनिक सुलभ शौचालय बनवाए गए, जिससे लोग इनका लाभ उठा सकें। हालांकि इनमें कई खामियां हैं, जिनसे लोग शौच जाने से कतराते हैं। वहीं नगर पंचायत से मिली जानकारी के अनुसार 700 से ज्यादा परिवारों के लिए शौचालय निर्माण के लिए अनुदान राशि जारी कर पात्र परिवारों के मुखिया के खाते में पहुंचाई। नगर पंचायत कस्बे को ओडीएफ करने के लिए कई जागरूक कार्यक्रम भी आयोजित कराती रहती है। इसके बाद भी अभी तक 319 परिवार ही अपने घरों में शौचालय का निर्माण करा सके। दूसरी क़िस्त की आस में 182 परिवारों के शौचालय निर्माणाधीन हैं, तो कस्बे में 265 ऐसे भी परिवार है, जिन्होंने अनुदान की पहली किस्त तो ले ली है, लेकिन अपने घर में शौचालय का गड्ढा तक नहीं खुदवा सके। आखिर ऐसी कौन सी वजह है कि लोग शौचालय निर्माण करवाने में तनिक भी रुचि नहीं ले रहे । वार्ड एक हरिजन बाहुल्य मोहल्ला है, यहां 105 ऐसे परिवार हैं जो शौच के लिए बालाबेहट मार्ग व थाने वाले मार्ग को चुनकर सड़कों को गंदा कर रहे हैं । वार्ड दो में 30 , वार्ड तीन में 14, वार्ड चार में 14, वार्ड पांच में 09 , वार्ड छह में 14, वार्ड सात में 04, वार्ड आठ में 50, वार्ड नौ में 15 , वार्ड दस में 10 परिवारों ने अनुदान राशि पाने के बाद भी शौचालय निर्माण की शुरुवात नहीं की है ।
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एक तरफ देश व प्रदेश की सरकार शौचालयों के मामले में ओडीएफ चाहती है तो वहीं ऐसे लोग सरकार की योजना को पलीता लगा रहे हैं ।
इस संबंध में जानकारी देते हुए नगर पंचायत के अधिकारी चरन सिंह यादव ने बताया कि नगर पंचायत कार्यालय से ऐसे लोगों के खिलाफ नोटिस जारी किया जाएगा, इसके बाद भी निर्माण कार्य में गति नहीं दी गई तो संबंधितों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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