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जीवन में सोचने का तरीका होता छोटा बड़ा
Updated Fri, 19 Oct 2018 02:10 AM IST
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जीवन शिल्प इंटर कॉलेज में बोले न्यायमूर्ति बी लाल
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कैप्सन-
अमर उजाला ब्यूरो
बानपुर (ललितपुर)। कस्बा स्थित जीवन शिल्प इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को अनुशासन का पाठ पढ़ाया गया। इसमें न्यायमूर्ति इलाहाबाद बी लाल ने कहा कि जीवन में कोई भी छोटा बड़ा नहीं होता है, उसके सोचने का तरीका छोटा बड़ा होता है। मैं स्वयं एक छोटे से गांव से निकल यहां तक पहुंचा। हमारे पूर्व राष्ट्रपति डा अब्दुल कलाम साहब एक गांव में गरीब के घर पैदा हुए। इसके बाद उन्होंने देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद को सुशोभित किया, यह सब उन्होंने अपनी बड़ी सोच से ही किया। अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों में विवेक, अनुशासन, विनय एवं क्षमा के गुणों का होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने उसे अपने जीवन में उतारने का आह्वान किया। कॉलेज प्रबंधक विकास जैन ने कहा कि जीवन शिल्प विद्यालय में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षण कार्य हो रहा है। वर्ष 2015 में कॉलेज उत्तर प्रदेश की ऑनलाइन साईट पर जिले का सर्वश्रेष्ठ विद्यालय चुना गया था। वहीं, विद्यालय के छात्र अमित तिवारी ने वर्ष 2017 की बोर्ड परीक्षा में हिंदी विषय में 100 मे से 96 अंक अर्जित कर अपने विद्यालय का नाम रोशन किया है, जिसके फलस्वरुप विद्यार्थी का चयन उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा प कृष्ण विहारी वाजपेयी पुरस्कार धनराशि के लिए किया गया है, जो कि विद्यालय के शानदार शैक्षणिक क्रियाओं को दर्शाता है। कार्यक्रम में वरिष्ठ मंच संचालक सहावेंद्र प्रताप सिंह, मनोज पुष्पकार, जीआईसी प्रधानाचार्य राजेेंद्र त्रिपाठी, सहायक निर्वाचन अधिकारी समर सिंह एवं सुरेश कुमार एडवोकेट ने भी सभा को संबोधित किया। इस मौके पर एसडीएम महरौनी धीरेंद्र प्रताप सिंह, सीओ सदर हिमांशु गौरव, देवेंद्र कुमार गुप्ता, हरचरन नामदेव, रामकिशन यादव एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
बानपुर (ललितपुर)। कस्बा स्थित जीवन शिल्प इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को अनुशासन का पाठ पढ़ाया गया। इसमें न्यायमूर्ति इलाहाबाद बी लाल ने कहा कि जीवन में कोई भी छोटा बड़ा नहीं होता है, उसके सोचने का तरीका छोटा बड़ा होता है। मैं स्वयं एक छोटे से गांव से निकल यहां तक पहुंचा। हमारे पूर्व राष्ट्रपति डा अब्दुल कलाम साहब एक गांव में गरीब के घर पैदा हुए। इसके बाद उन्होंने देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद को सुशोभित किया, यह सब उन्होंने अपनी बड़ी सोच से ही किया। अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों में विवेक, अनुशासन, विनय एवं क्षमा के गुणों का होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने उसे अपने जीवन में उतारने का आह्वान किया। कॉलेज प्रबंधक विकास जैन ने कहा कि जीवन शिल्प विद्यालय में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षण कार्य हो रहा है। वर्ष 2015 में कॉलेज उत्तर प्रदेश की ऑनलाइन साईट पर जिले का सर्वश्रेष्ठ विद्यालय चुना गया था। वहीं, विद्यालय के छात्र अमित तिवारी ने वर्ष 2017 की बोर्ड परीक्षा में हिंदी विषय में 100 मे से 96 अंक अर्जित कर अपने विद्यालय का नाम रोशन किया है, जिसके फलस्वरुप विद्यार्थी का चयन उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा प कृष्ण विहारी वाजपेयी पुरस्कार धनराशि के लिए किया गया है, जो कि विद्यालय के शानदार शैक्षणिक क्रियाओं को दर्शाता है। कार्यक्रम में वरिष्ठ मंच संचालक सहावेंद्र प्रताप सिंह, मनोज पुष्पकार, जीआईसी प्रधानाचार्य राजेेंद्र त्रिपाठी, सहायक निर्वाचन अधिकारी समर सिंह एवं सुरेश कुमार एडवोकेट ने भी सभा को संबोधित किया। इस मौके पर एसडीएम महरौनी धीरेंद्र प्रताप सिंह, सीओ सदर हिमांशु गौरव, देवेंद्र कुमार गुप्ता, हरचरन नामदेव, रामकिशन यादव एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।