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भारी बारिश से राजघाट के चमरउआ में चार मकान गिरे
Updated Mon, 03 Sep 2018 12:55 AM IST
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भारी बारिश से राजघाट के चमरउआ में चार मकान गिरे
खुले में रहने को मजबूर चार परिवारों के बच्चे व महिलाएं
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। भारी बारिश के चलते जनपद के राजघाट अंतर्गत ग्राम चमरउआ में शनिवार की रात को पक्का मकान व तीन कच्चे मकान धराशाई हो गए। जिससे इन मकानों के निवासी चार परिवार महिला, पुरुष व बच्चे सभी खुले में रहने को मजबूर हो गए हैं। इससे पूर्व भी करीब दस दिन पहले इसी गांव में ही एक दो मंजिला मकान भी बारिश में ढह गया था।
दो दिनों से दिन में और रात्रि में भारी बारिश से जहां पूरे जिला हर ओर जलमग्न हो गया है। वहीं बारिश के कारण कई लोगों की छतें भी छिन गई हैं। राजघाट चौकी अंतर्गत ग्राम चमरउआ में भी शनिवार की रात को तेज बारिश हुई, जिसमें चमरउआ निवासी रतीराम का पक्का मकान गिर गया तो वहीं इसी गांव के निवासी तुलसी, घसीटे और गोकुल के तीन कच्चे मकान भी बारिश का कहर नहीं झेल सके और दो दिन की बारिश में ही भराभराकर ढह गए। हालांकि मकानों की स्थिति गिरने जैसी समझते ही सभी परिवार जन घरों से बाहर निकल गए थे, जिसके चलते यहां जनहानि होने से बच गई। इन मकानों में एक मकान तो पूरी तरह से भरभरा कर गिए गया, जबकि अन्य मकानों में किसी मकान की छत ढह गई तो किसी का छप्पर और किसी मकान के दो कमरे ही गिर गए, जिससे अब उक्त मकानों में कमरों की छत तो नहीं बच सकीं, लेकिन उनकी आधी या उससे भी कम या पूरी दीवारें जरुर मकानों की स्थिति बयां कर रही हैं। ऐसी स्थिति में इन मकानों के लोग अब खुली छत के नीचे दीवारों के सहारे रथहने को मजबूर हो गए हैं और इनकी स्थिति काफी खराब बनी हुई है। हालांकि गांव वाले किसी प्रकार उनको मदद पहुंचा रहे हैं।
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खुले में रहने को मजबूर चार परिवारों के बच्चे व महिलाएं
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। भारी बारिश के चलते जनपद के राजघाट अंतर्गत ग्राम चमरउआ में शनिवार की रात को पक्का मकान व तीन कच्चे मकान धराशाई हो गए। जिससे इन मकानों के निवासी चार परिवार महिला, पुरुष व बच्चे सभी खुले में रहने को मजबूर हो गए हैं। इससे पूर्व भी करीब दस दिन पहले इसी गांव में ही एक दो मंजिला मकान भी बारिश में ढह गया था।
दो दिनों से दिन में और रात्रि में भारी बारिश से जहां पूरे जिला हर ओर जलमग्न हो गया है। वहीं बारिश के कारण कई लोगों की छतें भी छिन गई हैं। राजघाट चौकी अंतर्गत ग्राम चमरउआ में भी शनिवार की रात को तेज बारिश हुई, जिसमें चमरउआ निवासी रतीराम का पक्का मकान गिर गया तो वहीं इसी गांव के निवासी तुलसी, घसीटे और गोकुल के तीन कच्चे मकान भी बारिश का कहर नहीं झेल सके और दो दिन की बारिश में ही भराभराकर ढह गए। हालांकि मकानों की स्थिति गिरने जैसी समझते ही सभी परिवार जन घरों से बाहर निकल गए थे, जिसके चलते यहां जनहानि होने से बच गई। इन मकानों में एक मकान तो पूरी तरह से भरभरा कर गिए गया, जबकि अन्य मकानों में किसी मकान की छत ढह गई तो किसी का छप्पर और किसी मकान के दो कमरे ही गिर गए, जिससे अब उक्त मकानों में कमरों की छत तो नहीं बच सकीं, लेकिन उनकी आधी या उससे भी कम या पूरी दीवारें जरुर मकानों की स्थिति बयां कर रही हैं। ऐसी स्थिति में इन मकानों के लोग अब खुली छत के नीचे दीवारों के सहारे रथहने को मजबूर हो गए हैं और इनकी स्थिति काफी खराब बनी हुई है। हालांकि गांव वाले किसी प्रकार उनको मदद पहुंचा रहे हैं।
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