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अस्पताल
Updated Thu, 08 Mar 2018 12:32 AM IST
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जिला चिकित्सालय में बुजुर्गों के लिए बेहतर उपचार
ललितपुर।
स्वास्थ्य विभाग बुजुर्गों पर खास मेहरबानी बरत रहा है। विभाग ने जिला अस्पताल में जेनेटिक वार्ड (जरा अस्पताल) खोला है। इसमें विभिन्न जांचो से लेकर उपचार मुफ्त मुहैया कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त फिजियोथेरेपी की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। इन खूबियों के चलते बुजुर्ग इस वार्ड में भर्ती होना पसंद कर रहे हैं।
जिला अस्पताल में महिला, पुरुष और बच्चों के साथ बुजुर्गों के सुविधा मुहैया कराई जा रही है। इसमें एनसीडी सेल में रक्तचाप, मधुमेह, फिजियोथेरेपी और कैंसर का उपचार किया जा रहा है। वहीं, बुजुर्गों के लिए वार्ड गठित किया गया है। इसमें 60 वर्ष के उम्र के लोगों के हर मर्ज का उपचार किया जाता है। जरा चिकित्सालय में उपचार के लिए एक फिजियोथैरेपिस्ट, दो सेनेट्ररी अटेंडेंट, दो पद हॉपिस्टल अटेंडेंट व तीन स्टाफ नर्स के पदों पर कर्मचारी तैनात हैं। इसमें दस मरीजों को ही रखा जा सकता है। मरीजों की संख्या इससे अधिक होने पर अन्य वार्डों में भर्ती करा दिया जाता है। भर्ती मरीजों की देखभाल के लिए कर्मचारियों की कमी नहीं है। भर्ती मरीजों जो भी रोग होता है उसे उसी रोग के विशेषज्ञों द्वारा उपचार किया जाता है। भर्ती मरीज को किसी प्रकार की समस्या नहीं होती है। साथ ही भर्ती मरीज को जांचे व दवाईयां निशुल्क प्रदान की जाती हैं। चिकित्सालय में आने वाले वृद्ध मरीजों को जरा चिकित्सालय में भर्ती कर उनका उपचार किया जाता है। जरा चिकित्सालय वार्ड में मरीज को किसी अन्य प्रकार की समस्या होने पर विशेषज्ञों के परामर्श के साथ ही उपचार किया जाता है। जैस मरीज को हाथ पैर में परेशानी होने पर हड्डी रोग विशेषज्ञ से उपचार किया जाता है। मरीज को ब्लड की आवश्यकता पड़ने पर सामान्य रोगी को मिलने वाले चार्ज के बराबर लिया जाता है।
प्रदेश के बेहतर वार्डों में से एक
प्रदेश के अन्य जेनेटरी वार्डों (जरा चिकित्सालय) में सबसे बेहतर माना जाता है। इसमें भर्ती मरीजों को सारी सुविधाएं मुहैया कराई जा ही हैं। तो वहीं, अन्य जरा चिकित्सालयों की अपेक्षा पलंगों की संख्या भी ठीक है।
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- डॉ. मुकेश दुबे, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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ललितपुर।
स्वास्थ्य विभाग बुजुर्गों पर खास मेहरबानी बरत रहा है। विभाग ने जिला अस्पताल में जेनेटिक वार्ड (जरा अस्पताल) खोला है। इसमें विभिन्न जांचो से लेकर उपचार मुफ्त मुहैया कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त फिजियोथेरेपी की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। इन खूबियों के चलते बुजुर्ग इस वार्ड में भर्ती होना पसंद कर रहे हैं।
जिला अस्पताल में महिला, पुरुष और बच्चों के साथ बुजुर्गों के सुविधा मुहैया कराई जा रही है। इसमें एनसीडी सेल में रक्तचाप, मधुमेह, फिजियोथेरेपी और कैंसर का उपचार किया जा रहा है। वहीं, बुजुर्गों के लिए वार्ड गठित किया गया है। इसमें 60 वर्ष के उम्र के लोगों के हर मर्ज का उपचार किया जाता है। जरा चिकित्सालय में उपचार के लिए एक फिजियोथैरेपिस्ट, दो सेनेट्ररी अटेंडेंट, दो पद हॉपिस्टल अटेंडेंट व तीन स्टाफ नर्स के पदों पर कर्मचारी तैनात हैं। इसमें दस मरीजों को ही रखा जा सकता है। मरीजों की संख्या इससे अधिक होने पर अन्य वार्डों में भर्ती करा दिया जाता है। भर्ती मरीजों की देखभाल के लिए कर्मचारियों की कमी नहीं है। भर्ती मरीजों जो भी रोग होता है उसे उसी रोग के विशेषज्ञों द्वारा उपचार किया जाता है। भर्ती मरीज को किसी प्रकार की समस्या नहीं होती है। साथ ही भर्ती मरीज को जांचे व दवाईयां निशुल्क प्रदान की जाती हैं। चिकित्सालय में आने वाले वृद्ध मरीजों को जरा चिकित्सालय में भर्ती कर उनका उपचार किया जाता है। जरा चिकित्सालय वार्ड में मरीज को किसी अन्य प्रकार की समस्या होने पर विशेषज्ञों के परामर्श के साथ ही उपचार किया जाता है। जैस मरीज को हाथ पैर में परेशानी होने पर हड्डी रोग विशेषज्ञ से उपचार किया जाता है। मरीज को ब्लड की आवश्यकता पड़ने पर सामान्य रोगी को मिलने वाले चार्ज के बराबर लिया जाता है।
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प्रदेश के बेहतर वार्डों में से एक
प्रदेश के अन्य जेनेटरी वार्डों (जरा चिकित्सालय) में सबसे बेहतर माना जाता है। इसमें भर्ती मरीजों को सारी सुविधाएं मुहैया कराई जा ही हैं। तो वहीं, अन्य जरा चिकित्सालयों की अपेक्षा पलंगों की संख्या भी ठीक है।
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- डॉ. मुकेश दुबे, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी