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एसडीएम के निरीक्षण में वीरान मिला जिला पूर्ति कार्यालय
Updated Wed, 12 Jul 2017 08:07 PM IST
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एसडीएम के निरीक्षण में वीरान मिला जिला पूर्ति कार्यालय
महरौनी (ललितपुर)। शासन जहां आम जनता को राशन पानी की पूर्ति के लिये प्रयास कर रही है तो वही पूर्ति कार्यालय में जमे अधिकारी कर्मचारी ही इनकी राशन व्यवस्था को डकारने में कोटेदारों का बखूबी साथ दे रहे हैं। महरौनी तहसील परिसर में स्थित पूर्ति कार्यालय की स्थिति इतनी दयनीय हो चली है कि न तो यहां कोई बाबू मिलता है न अधिकारी मौजूद रहता है। केबल एक चपरासी मौजूद रहता है, जो सुबह आफिस खोलता है और पांच बजते ही बंद कर देता है। बुधवार अचानक उप जिलाधिकारी महरौनी देवेंद्र पाल सिह ने दोपहर लगभग 12 बजे पूर्ति कार्यालय का औचक निरीक्षण किया तो कि पूरा आफिस खाली मिला। चपरासी से जानकारी ली तो बताया गया कि उपस्थिति रजिस्टर बाबू अपनी अलमारी में रखे हैं। महरौनी पूर्ति कार्यालय में एक इंसपेक्टर, एक बाबू का पद है, बाकी एक कंप्यूटर आपरेटर व एक चपरासी का पद है। वहां मौजूद लोगों का कहना था कि कार्यालय में सिर्फ एक चपरासी ही मौजूद रहता है। कई फरियादी शिकायत के लिए आते हैं तो कार्यालय खाली देखकर वापस चले जाते हैं।
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महरौनी (ललितपुर)। शासन जहां आम जनता को राशन पानी की पूर्ति के लिये प्रयास कर रही है तो वही पूर्ति कार्यालय में जमे अधिकारी कर्मचारी ही इनकी राशन व्यवस्था को डकारने में कोटेदारों का बखूबी साथ दे रहे हैं। महरौनी तहसील परिसर में स्थित पूर्ति कार्यालय की स्थिति इतनी दयनीय हो चली है कि न तो यहां कोई बाबू मिलता है न अधिकारी मौजूद रहता है। केबल एक चपरासी मौजूद रहता है, जो सुबह आफिस खोलता है और पांच बजते ही बंद कर देता है। बुधवार अचानक उप जिलाधिकारी महरौनी देवेंद्र पाल सिह ने दोपहर लगभग 12 बजे पूर्ति कार्यालय का औचक निरीक्षण किया तो कि पूरा आफिस खाली मिला। चपरासी से जानकारी ली तो बताया गया कि उपस्थिति रजिस्टर बाबू अपनी अलमारी में रखे हैं। महरौनी पूर्ति कार्यालय में एक इंसपेक्टर, एक बाबू का पद है, बाकी एक कंप्यूटर आपरेटर व एक चपरासी का पद है। वहां मौजूद लोगों का कहना था कि कार्यालय में सिर्फ एक चपरासी ही मौजूद रहता है। कई फरियादी शिकायत के लिए आते हैं तो कार्यालय खाली देखकर वापस चले जाते हैं।