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नए साल में 18 गांवों को मिलेगा तोहफा
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18 village will be gift in lalitpur
ललितपुर। जिले के 18 गांवों को नए साल में पानी का तोहफा मिलेगा। राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के तहत बांसी- हर्षपुर पेयजल योजना के तहत काम रफ्तार पकड़ चुका है। कार्यदायी संस्था ने टेस्टिंग के अस्थाई तौर पर हाइवे से पाइप लाइन को क्रॉस कराते हुए 12 गांवों में परीक्षण शुरू करा दिया है। साल 2016 में शुरू हुई पेयजल योजना के जनवरी 2020 तक पूरा होने की उम्मीद है।
पेयजल संकट से जूझ रहे विकासखंड जखौरा और तालबेहट के 18 गांवों को जल निगम ने शहजाद बांध से पेयजल आपूर्ति कराने के लिए बांसी-हर्षपुर पेयजल योजना बनाई थी। 47500 आबादी वाले क्षेत्र में पेयजल योजना पर करीब 50 करोड़ रुपये की लागत तय की गई। निगम ने साल 2016 में पेयजल योजना का काम शुरू कराया, जिसे मार्च 2019 तक पूरा होना था। मगर दो स्थानों पर पाइप लाइन को हाइवे से क्रॉस कराने के काम पिछड़ता चला गया। आलम यह रहा कि सभी स्थानों पर बिछाए जाने के बाद भी हाइवे द्वारा अनुमति नहीं मिल सकी।
बीते सप्ताह निगम को अनुमति मिली, तो निगम से पाइप लाइन को हाइवे से क्रॉस करा दिया गया। अब नया पेंच गांव जमालपुर के तालाब में जलभराव होने चलते स्थाई पाइप लाइन नहीं होने के चलते फंसा है। निगम ने जनवरी 2020 तक पेयजल योजना को पूरा करने की उम्मीद जताई है। मौजूदा समय में गांव आलापुर, कल्यानपुरा समेत 12 गांवों में पानी पहुंचाकर परीक्षण किया जा रहा है। पेयजल आपूर्ति के अंतिम छोर के गांव मुहारा के बाहर भी पाइप लाइन बिछाकर पानी पहुंचाया गया है। यहां पर दिसंबर माह के दूसरे सप्ताह तक पानी पहुंचाया जा सकेगा।
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ब्लाक तालबेहट के छह गांव में पांच माह से ही आपूर्ति की जा रही है। इनमें ग्राम बरीकलां, बरीखुर्द, सेरवास, रामपुर, तेरई और ककड़ारी शामिल हैं।
12 गांवों में पाइप लाइन पहले ही बिछाई जा चुकी है। वर्तमान में टेस्टिंग का कार्य शुरु किया जा चुका है। नए वर्ष में स्थाई तौर पर पेयजल आपूर्ति शुरु हो सकेगी।
-दिनेश कुमार, अवर अभियंता, जल निगम
गांव बांसी, लखनपुरा, आलापुर, मुहारा, कल्यानपुरा, जमालपुर, हर्षपुर, काली पहाड़ी, खिरियाखुर्द, टेटा, नयाखेरा, असऊपुरा।
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पेयजल संकट से जूझ रहे विकासखंड जखौरा और तालबेहट के 18 गांवों को जल निगम ने शहजाद बांध से पेयजल आपूर्ति कराने के लिए बांसी-हर्षपुर पेयजल योजना बनाई थी। 47500 आबादी वाले क्षेत्र में पेयजल योजना पर करीब 50 करोड़ रुपये की लागत तय की गई। निगम ने साल 2016 में पेयजल योजना का काम शुरू कराया, जिसे मार्च 2019 तक पूरा होना था। मगर दो स्थानों पर पाइप लाइन को हाइवे से क्रॉस कराने के काम पिछड़ता चला गया। आलम यह रहा कि सभी स्थानों पर बिछाए जाने के बाद भी हाइवे द्वारा अनुमति नहीं मिल सकी।
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बीते सप्ताह निगम को अनुमति मिली, तो निगम से पाइप लाइन को हाइवे से क्रॉस करा दिया गया। अब नया पेंच गांव जमालपुर के तालाब में जलभराव होने चलते स्थाई पाइप लाइन नहीं होने के चलते फंसा है। निगम ने जनवरी 2020 तक पेयजल योजना को पूरा करने की उम्मीद जताई है। मौजूदा समय में गांव आलापुर, कल्यानपुरा समेत 12 गांवों में पानी पहुंचाकर परीक्षण किया जा रहा है। पेयजल आपूर्ति के अंतिम छोर के गांव मुहारा के बाहर भी पाइप लाइन बिछाकर पानी पहुंचाया गया है। यहां पर दिसंबर माह के दूसरे सप्ताह तक पानी पहुंचाया जा सकेगा।
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ब्लाक तालबेहट के छह गांव में पांच माह से ही आपूर्ति की जा रही है। इनमें ग्राम बरीकलां, बरीखुर्द, सेरवास, रामपुर, तेरई और ककड़ारी शामिल हैं।
12 गांवों में पाइप लाइन पहले ही बिछाई जा चुकी है। वर्तमान में टेस्टिंग का कार्य शुरु किया जा चुका है। नए वर्ष में स्थाई तौर पर पेयजल आपूर्ति शुरु हो सकेगी।
-दिनेश कुमार, अवर अभियंता, जल निगम
गांव बांसी, लखनपुरा, आलापुर, मुहारा, कल्यानपुरा, जमालपुर, हर्षपुर, काली पहाड़ी, खिरियाखुर्द, टेटा, नयाखेरा, असऊपुरा।