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सुख समृद्घि व शांति लेकर विराजेंगे गौरीपुत्र गणेश

Mon, 10 Sep 2018 04:04 AM IST
Updated Mon, 10 Sep 2018 04:04 AM IST
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सुख समृद्घि व शांति लेकर विराजेंगे गौरीपुत्र गणेश
सुख समृद्धि व शांति लेकर विराजेंगे गौरीपुत्र गणेश
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ललितपुर। सुख समृद्धि व शांति की कामना के साथ ही इस बार 13 सितंबर को गणेश चतुर्थी मनाई जाएगी। इस दिन हर घर में प्रथम पूज्य गौरी पुत्र भगवान गणेशजी को शहर में जगह-जगह पांडालों व घरों में विशेष पूजन-अर्चन के साथ विराजमान किया जाएगा। इस बार यह महोत्सव 11 दिवस का होगा, जो 23 सितंबर तक चलेगा।

तीन दिन बाद शहर में गणेशोत्सव की धूम होगी। 13 सितंबर से शुरू हो रहे गणेश महोत्सव की तैयारियां प्रारंभ हो गई हैं। शहर में कई जगह जहां मिट्टी की मूर्तियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है, वहीं जगह-जगह प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनाई गणेश प्रतिमाएं भी अन्य बड़े शहरों से लाकर बेची जा रही हैं। मुहल्ला चौबयाना में गणेश प्रतिमाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। वहीं, इस बार शहर में अधिकांश प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनाई आकर्षक प्रतिमाएं लाकर बेची जा रही है, जो लोगों को खूूब आकर्षित कर रही हैं। यह प्रतिमाएं शहर में मुख्य बाजारों में पुराना बस स्टैंड व सुपर मार्केट के सामने, जिला परिषद के पास और रेलवे स्टेशन क्षेत्र में आकाश होटल के पास एवं अन्य कई जगहों पर गणेश बाजार सजाया गया है। यहां सबसे छोटी गणेश प्रतिमा पचास रुपए, फिर सौ रुपए, डेढ़ सौ रुपए व दो सौ रुपए से लेकर दस हजार रुपए तक की कीमत में बाजार में उपलब्ध हैं। वहीं शहर में हर बार की तरह मुख्य आकर्षण कटरा बाजार में स्थापित की जाने वाली गणेश प्रतिमा ही रहेगी। यहां इस बार गणेश प्रतिमा को मुंबई से मंगाया जा रहा है, जो लाल बाग के राजा की तर्ज पर बनाई गई होंगी। वहीं शहर में छोटे व बड़े पांडालों में जगह-जगह गणेश प्रतिमाओं को स्थापित किया जाएगा, इसके लिए अभी से मुहल्लों व गलियों में पांडाल सजने लगने हैं और उनमें आकर्षक लाइटिंग लगाई जाएगी। इस बार गणेश चतुर्थी का शुभारंभ उदयातिथि एवं भद्रा होने के कारण गौधुली बेला से रात्रि 11.27 बजे तक रहेगा। 13 सितंबर को सुबह छह बजे से शाम 5.34 बजे तक भद्रा नक्षत्र रहेेगा। जबकि भद्रा रहित पूजा का शुभ योग शाम 5.35 बजे से रात्रि नौ बजे तक रहेगा। फिर रात्रि में 9.30 बजे से 11.27 बजे तक स्थिर लग्न रहेगा। हालांकि कई सनातनधर्मियों द्वारा अपने-अपने घरों में भी भगवान गजानन को विराजमान करने की तैयारी भी कर ली है। ऐसे में अब 13 सितंबर से पांडालों के साथ घरों में भी गौरी पुत्र गणेश का आगमन भव्य श्रद्धा व भक्ति के साथ होगा।
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