फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   महिलाओं को दी उपचार सुविधाओं की दी जानकारी

महिलाओं को दी उपचार सुविधाओं की दी जानकारी

Thu, 08 Mar 2018 12:32 AM IST
Updated Thu, 08 Mar 2018 12:32 AM IST
विज्ञापन
महिलाओं को दी उपचार सुविधाओं की दी जानकारी
महिलाओं को दी उपचार सुविधाओं की दी जानकारी
विज्ञापन

ललितपुर।
आठ मार्च को जिला जहां अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने जा रहा है, वहीं स्वास्थ्य विभाग ने भी महिलाओं को होने वाली विभिन्न गंभीर बीमारियों के उपचार की सुविधा और योजनाओं के बारे में जानकारी दी है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रताप सिंह ने बताया कि माना जाता है कि दिल की बीमारी सबसे ज्यादा पुरुषों में होती है, लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार महिलाएं इस बीमारी से सबसे ज्यादा मृत्यु को प्राप्त होती है। इसी के साथ ही कैंसर की वजह से भी सबसे ज्यादा महिलाओं की मृत्यु होती है। 20 से 59 वर्ष की महिलाओं में स्तन कैंसर की संभावना ज्यादा होती है। उन्होंने बताया कि महिलाओं के मौत का साया सिर्फ दिल की बीमारी से नहीं बल्कि उनके जीवन में हर एक कदम पर होता हैं और ये मौत का साया उनके गर्भ में आने से ही शुरू हो जाता हैं। कम उम्र में शादी की वजह से भी उन पर ये मौत का साया मंडराता रहता हैं। क्योंकि अपरिपक्व शरीर में गर्भ धारण करने की वजह से भी महिलाओं की मौत हो जाती हैं।
विज्ञापन

महिला को हर एक क्षण हर एक कदम पर एक बेहतर स्वास्थ्य सुविधा और सलाह की जरूरत है और ये उन्हें हर जगह आसानी से बिना किसी भुगतान के मिल सकती हैं। समय से पूर्व या कमजोर कन्या में ठंडा बुखार या हाईपोथर्मीया की शिकायत सबसे ज्यादा होती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

यदि बच्चा बहुत ज्यादा बीमार हैं तो बीमार नवजात इकाइयों (एसएनसीयू) पर दिखा सकते हैं। ये इकाइयां जिले के प्रमुख अस्पतालों में उपलब्ध हैं। यदि कोई बालिका कुपोषण का शिकार हैं तो उसके लिए पोषण पुनर्वास केंद्र भी बनाए गए हैं। टीकाकरण बहुत जरूरी हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सप्ताह का हर बुधवार और शनिवार टीकाकरण के लिए सुनिश्चित किया गया हैं। जहां बच्चों की मुफ्त जांच और मुफ्त टीकाकरण कराया जाता हैं। इसी के साथ ही यदि दिमागी बुखार या पेट में कीड़े की समस्या हो तो इसके लिए भी संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों की मुफ्त सुविधा हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार 15-19 वर्ष की आयु में गर्भावस्था और प्रसव संबंधी जटिलताएं विश्व स्तर पर मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है। उत्तर प्रदेश की 50 प्रतिशत युवा महिलाओं में एनीमिया की समस्या है। लगभग 21 प्रतिशत युवा महिलाओं की शादी कानूनी आयु (18) से पहले हो चुकी है। इससे ये साफ है कि हर एक बालिका को अपनी किशोरावस्था में बेहतर ध्यान देने की आवश्यकता हैं। इसके लिए किशोर स्वास्थ्य क्लीनिक चिह्नित सीएचसी और जनपद स्तर पर स्थापित किए गए है। इन क्लीनिकों पर एनीमिया की रोकथाम के लिए साप्ताहिक आयरन एंड फोलिक एसिड और एल्बेंडाजोल, सेनेटरी नेपकिन, गर्भ निरोधकों को और अन्य संक्रामक बीमारियों के निदान के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं के माध्यम से उपचार प्रदान किया जाता है। गर्भवती महिलाओं के लिए तो बहुत सी योजनाएं और सुविधाएं दी जा रही हैं। जैसे कि दूर दराज क्षेत्रों में 102 और 108 एंबुलेंस सुविधा हैं। गर्भवती महिला को प्रसव के पूर्व चार जांच कराना बहुत जरूरी है, इसके लिए हर महीने की नौ तारीख को सुरक्षित मात्रत्व दिवस सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में मनाया जाता हैं।

उत्तर प्रदेश में हर जिला अस्पताल में एक एनसीडी (गैर संचारी रोग) क्लिनिक है। जहां महिलाएं पहले से ही अपनी पूर्ण जांच मुफ्त में करवा सकती हैं। इसके साथ ही महिलाओं की जरूरत को देखते हुये कुछ चिह्नित अस्पतालों में संपूर्णा क्लीनिक भी बनाया गया हैं। जहां 13-14 उम्र की किशोरियों को बीमारियों से बचने के लिए टीका लगाया जाता हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed