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दुर्गा नवमी पर देवी मंदिरों में हुआ विशेष पूजन
Updated Sat, 30 Sep 2017 04:03 AM IST
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दुर्गा नवमी पर देवी मंदिरों में विशेष पूजन
ललितपुर। दुर्गानवमी के दिन मंदिरों में विशेष पूजन अर्चन का आयोजन किया गया। नौ दिन तक व्रत पूजन के बाद नौवें दिन श्रद्धालुओं ने नवमी को पूजा और जवारे देखने के उपरांत अपना नौ दिन से रखा व्रत तोड़ा। घरों में विशेष पूजा अर्चन भी किए गए और कन्या भोज का आयोजन किया।
नवदुर्गा महोत्सव की शुरुआत 21 सितंबर को हुई थी। पहले दिन से जहां शहर में नवदुर्गा महोत्सव की शहर में विशेष धूम रही, वहीं दुर्गा मंदिरों में सुबह और शाम विशेष पूजन व आरती के आयोजन किए गए। शहर में मुख्य रूप से मां ललितेश्वरी मंदिर, तालाब स्थित छोटी देवी मंदिर, चंडीमंदिर में विशेष श्रद्धालुओं की विशेष आस्था रही और श्रद्धालुओं ने सुबह की बेला में इन देवी मंदिरों में पहुंचकर लगातार नौ दिन तक मां की आराधना करते हुए जल अर्पित किया और शाम की आरती में पुण्य लाभ लिया। कई लोगों ने तो नंगे पैर ही रहकर नौ दिन तक लगातार माता रानी की आराधना की और नौ दिन तक तप आराधना और व्रत का आयोजन किया गया। तालाबपुरा स्थित मां शारदा मंदिर पर भी विशेष पूजन के साथ चुनरी चढ़ाई। वहीं दुर्गा नवमी के दिन विभिन्न दुर्गा झांकियों में देवी प्रतिमा विसर्जन के एक दिन पूर्व हवन का आयोजन किया गया, आज शनिवार को बांध स्थित कृत्रिम कुंड में देवी प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। मां ललितेश्वरी मंदिर समिति की ओर से अध्यक्ष अवधेश चौरसिया, उपाध्यक्ष देवेंद्र साहू, रामस्वरूप चौरसिया, श्रीपत सिंह, रई खजुरिया, राघवेंद्र, ऋषि चौधरी आदि उपस्थित रहे।
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देवी स्वरूप जवारे निकले
शारदेय नवरात्र के पहले दिन कई श्रद्घालुओं द्वारा अपने घरों में देवी स्वरूप जवारे बोये गए थे, जिस पर नौ दिन तक श्रद्धालुओं ने जवारे का पूजन अर्चन के साथ विशेष धार्मिक भजन कीर्तन का आयोजन कराए। शुक्रवार को दुर्गा नवमी के दिन जवारों की शोभायात्रा निकाली और विसर्जन किया। शुक्रवार को शहर के विभिन्न मार्गों से शोभायात्रा के साथ हवन करते हुए जवारे निकाले गए और जवारों का सुम्मेरा तालाब पर विसर्जित किया।
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आज होगा रावण, कुंभकरण और मेघनाद का एक साथ दहन
श्रीरामलीला हनुमान जयंती महोत्सव समिति के तत्वावधान में शनिवार की शाम को शाम पांच बजे श्रीरघुनाथजी बड़ा मंदिर से भगवान श्रीराम वानर सेना के साथ रावण युद्घ के लिए निकलेंगे। अध्यक्ष बृजेश चतुर्वेदी ने बताया कि विजया दशमी पर्व पर नदीपार स्थित रामलीला मैदान में रावण, कुंभकरण व मेघनाद के पुतलों का दहन और बुंदेलखंड की सुप्रसिद्घ आतिशबाजी आकर्षण का केंद्र होगी। कार्यक्रम में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, प्रशासनिक अधिकारी व ललितपुर के हजारों की संख्या में लोग रावण दहन के लिए पहुंचेंगे, इसके लिए प्रशासन की सहायता से कार्यक्रम में व्यवस्थाएं की जाएंगी। बैठक में श्यामाकांत चौबे, राजेश दुबे, हरविंदर सिंह सलूजा, रमेश रावत, अमित तिवारी, राजीव हुंडैत, ललित कौशिक, राजेश दुबे, रत्नेश तिवारी, भरत रिछारिया, शिवकुमार शर्मा, हरिमोहन चौरसिया आदि उपस्थित रहे।
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ललितपुर। दुर्गानवमी के दिन मंदिरों में विशेष पूजन अर्चन का आयोजन किया गया। नौ दिन तक व्रत पूजन के बाद नौवें दिन श्रद्धालुओं ने नवमी को पूजा और जवारे देखने के उपरांत अपना नौ दिन से रखा व्रत तोड़ा। घरों में विशेष पूजा अर्चन भी किए गए और कन्या भोज का आयोजन किया।
नवदुर्गा महोत्सव की शुरुआत 21 सितंबर को हुई थी। पहले दिन से जहां शहर में नवदुर्गा महोत्सव की शहर में विशेष धूम रही, वहीं दुर्गा मंदिरों में सुबह और शाम विशेष पूजन व आरती के आयोजन किए गए। शहर में मुख्य रूप से मां ललितेश्वरी मंदिर, तालाब स्थित छोटी देवी मंदिर, चंडीमंदिर में विशेष श्रद्धालुओं की विशेष आस्था रही और श्रद्धालुओं ने सुबह की बेला में इन देवी मंदिरों में पहुंचकर लगातार नौ दिन तक मां की आराधना करते हुए जल अर्पित किया और शाम की आरती में पुण्य लाभ लिया। कई लोगों ने तो नंगे पैर ही रहकर नौ दिन तक लगातार माता रानी की आराधना की और नौ दिन तक तप आराधना और व्रत का आयोजन किया गया। तालाबपुरा स्थित मां शारदा मंदिर पर भी विशेष पूजन के साथ चुनरी चढ़ाई। वहीं दुर्गा नवमी के दिन विभिन्न दुर्गा झांकियों में देवी प्रतिमा विसर्जन के एक दिन पूर्व हवन का आयोजन किया गया, आज शनिवार को बांध स्थित कृत्रिम कुंड में देवी प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। मां ललितेश्वरी मंदिर समिति की ओर से अध्यक्ष अवधेश चौरसिया, उपाध्यक्ष देवेंद्र साहू, रामस्वरूप चौरसिया, श्रीपत सिंह, रई खजुरिया, राघवेंद्र, ऋषि चौधरी आदि उपस्थित रहे।
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देवी स्वरूप जवारे निकले
शारदेय नवरात्र के पहले दिन कई श्रद्घालुओं द्वारा अपने घरों में देवी स्वरूप जवारे बोये गए थे, जिस पर नौ दिन तक श्रद्धालुओं ने जवारे का पूजन अर्चन के साथ विशेष धार्मिक भजन कीर्तन का आयोजन कराए। शुक्रवार को दुर्गा नवमी के दिन जवारों की शोभायात्रा निकाली और विसर्जन किया। शुक्रवार को शहर के विभिन्न मार्गों से शोभायात्रा के साथ हवन करते हुए जवारे निकाले गए और जवारों का सुम्मेरा तालाब पर विसर्जित किया।
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आज होगा रावण, कुंभकरण और मेघनाद का एक साथ दहन
श्रीरामलीला हनुमान जयंती महोत्सव समिति के तत्वावधान में शनिवार की शाम को शाम पांच बजे श्रीरघुनाथजी बड़ा मंदिर से भगवान श्रीराम वानर सेना के साथ रावण युद्घ के लिए निकलेंगे। अध्यक्ष बृजेश चतुर्वेदी ने बताया कि विजया दशमी पर्व पर नदीपार स्थित रामलीला मैदान में रावण, कुंभकरण व मेघनाद के पुतलों का दहन और बुंदेलखंड की सुप्रसिद्घ आतिशबाजी आकर्षण का केंद्र होगी। कार्यक्रम में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, प्रशासनिक अधिकारी व ललितपुर के हजारों की संख्या में लोग रावण दहन के लिए पहुंचेंगे, इसके लिए प्रशासन की सहायता से कार्यक्रम में व्यवस्थाएं की जाएंगी। बैठक में श्यामाकांत चौबे, राजेश दुबे, हरविंदर सिंह सलूजा, रमेश रावत, अमित तिवारी, राजीव हुंडैत, ललित कौशिक, राजेश दुबे, रत्नेश तिवारी, भरत रिछारिया, शिवकुमार शर्मा, हरिमोहन चौरसिया आदि उपस्थित रहे।