{"_id":"5c7c288dbdec22737e6b1346","slug":"131551640717-lalitpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सहकारी समितियों का लाखों रुपये का अटका भुगतान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सहकारी समितियों का लाखों रुपये का अटका भुगतान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहकारी समितियों का लाखों रुपये का अटका भुगतान
ललितपुर। जिले की सहकारी समितियों के सचिव भुगतान अटकने से परेशान हैं। इस संबंध में कई सचिवों ने सहायक निबंधक को पत्र लिखकर भुगतान कराने की मांग की है। सहायक निबंधक ने पीसीएफ के जिला प्रबंधक को पत्र लिखा है।
जिले में 41 सहकारी समितियां संचालित हैं, जो रबी सीजन में गेहूं व खरीफ सीजन में दलहनी फसलों की खरीद करती हैं। इसके बाद भी पीसीएफ उनका समय से कमीशन व भाड़े का भुगतान नहीं करती है, जिससे सचिवों को कई तरह की समस्याओं से जूझना पड़ता है। गत वर्ष सहकारी समितियों ने विभिन्न उपज की खरीदी लेकिन अधिकतर समितियों को उसका कमीशन नहीं मिल सका। इस कारण सचिवों को असंतोष देखा जा रहा है। इस पर सहायक निबंधक रमेश कुमार गुप्ता ने इसे संज्ञान में लेकर पत्राचार शुरू किया। इसके चलते 19 समितियों का 18. 86 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। बाकी समितियों का भुगतान अभी भी लटका हुआ है। इसमें कमीशन, सुख सुविधा, भाड़ा का भुगतान शामिल है। बता दें कि गत वर्ष 71 क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद की गई थी।
सहकारी समितियों का कमीशन, सुख सुविधा और भाड़ा का भुगतान कराने के लिए पीसीएफ को पत्र लिखा है। इस पूरे मामले से डीएम को अवगत कराया जा रहा है।
- रमेश गुप्ता, सहायक निबंधक, सहकारिता
विज्ञापन
ललितपुर। जिले की सहकारी समितियों के सचिव भुगतान अटकने से परेशान हैं। इस संबंध में कई सचिवों ने सहायक निबंधक को पत्र लिखकर भुगतान कराने की मांग की है। सहायक निबंधक ने पीसीएफ के जिला प्रबंधक को पत्र लिखा है।
जिले में 41 सहकारी समितियां संचालित हैं, जो रबी सीजन में गेहूं व खरीफ सीजन में दलहनी फसलों की खरीद करती हैं। इसके बाद भी पीसीएफ उनका समय से कमीशन व भाड़े का भुगतान नहीं करती है, जिससे सचिवों को कई तरह की समस्याओं से जूझना पड़ता है। गत वर्ष सहकारी समितियों ने विभिन्न उपज की खरीदी लेकिन अधिकतर समितियों को उसका कमीशन नहीं मिल सका। इस कारण सचिवों को असंतोष देखा जा रहा है। इस पर सहायक निबंधक रमेश कुमार गुप्ता ने इसे संज्ञान में लेकर पत्राचार शुरू किया। इसके चलते 19 समितियों का 18. 86 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। बाकी समितियों का भुगतान अभी भी लटका हुआ है। इसमें कमीशन, सुख सुविधा, भाड़ा का भुगतान शामिल है। बता दें कि गत वर्ष 71 क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद की गई थी।
विज्ञापन
सहकारी समितियों का कमीशन, सुख सुविधा और भाड़ा का भुगतान कराने के लिए पीसीएफ को पत्र लिखा है। इस पूरे मामले से डीएम को अवगत कराया जा रहा है।
- रमेश गुप्ता, सहायक निबंधक, सहकारिता