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विधायक निजी से हरित पट्टी में बना दी सड़क
Updated Fri, 22 Dec 2017 01:41 AM IST
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विधायक निधि से हरित पट्टी में बना दी सड़क
इसी क्षेत्र में भाजपा कार्यालय भी है प्रस्तावित
ललितपुर।
योगी सरकार प्रदेश में भू-माफियों व अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए हैं, वहीं जनपद में सत्ता के ही लोग शासन की मंशा के विपरीत अवैध निर्माण को बढ़ावा देने का काम कर रहे हैं। लोगों का आरोप है कि भाजपा के सदर विधायक ने एक निजी व्यक्ति को लाभ पहुंचाने की मंशा से हरित पट्टी में जनता कीलाखों रुपए की राशि से सड़क डलवा दी है और भाजपा ने अपने कार्यालय के लिए भी यहीं पर प्लाट खरीदा है। इससे हरित पट्टी में अवैध निर्माण को कहीं न कहीं बढ़ावा मिल रहा है। वहीं, दूसरी ओर शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में कई स्थानों पर सड़क के अभाव में स्थानीय जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है।
नवीन गल्ला मंडी के पीछे नेशनल हाइवे के किनारे राजकीय महाविद्यालय की ओर का पूरा क्षेत्र हरित पट्टी में है। करीब दो वर्ष पूर्व भू-माफियों द्वारा यहां हरित पट्टी में प्लाटिंग की गई थी। इसके बाद यहां पर कुछ लोगों द्वारा अवैध तरीके से भवनों का निर्माण कर लिया गया था। इनमें से कुछ के खिलाफ नियत प्राधिकरण में कार्रवाई भी चल रही है। प्रदेश में सत्ता बदलने के कुछ ही दिनों बाद से यहां पर अवैध निर्माण कार्य ने काफी तेजी पकड़ी है और प्राधिकरण विभाग भी इस ओर नजर नहीं डाल रहा है। सात-आठ माह पूर्व इसी हरित पट्टी में भाजपा के कार्यालय के लिए भी जमीन ली गई है। सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने अपनी विधायक निधि से इसी हरित पट्टी में जनता के 8.20 लाख रुपए से पेवर ब्रिक्स सड़क का निर्माण कराया है, जो रघुवीर सिंह महाविद्यालय से भारत गैस गोदाम के पास से एक व्यक्ति के मकान तक बनाई गई है। यह सड़क निर्माण कार्य सदर विधायक की निधि का पहला काम है, जो जनता की सुविधा व क्षेत्र के विकास की जगह एक निजी व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के लिए कराया गया है, क्योंकि यह सड़क यहां बने एक मकान के पास जाकर खत्म होती है, सड़क पर बड़ा गेट भी लगा हुआ है और वह मकान यहां पर प्लाटिंग करने वाले ही व्यक्ति का है। गौरतलब है कि यहां पर भाजपा कार्यालय के लिए जमीन उपलब्ध होने और विधायक के द्वारा सड़क का निर्माण करा देने के बाद यहां पर एक वर्ष से खाली पड़े प्लाटों पर लोगों ने तेजी से निर्माण कार्य शुरू कर दिया है।
सड़क के अभाव में जनता हो रही परेशान
विधायक निधि का उपयोग जनता की सुविधा व विकास कार्य के लिए किया जाता है। एक निजी व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के लिए लाखों रुपए से हरित पट्टी में सड़क का निर्माण करा दिया है, जबकि शहर में ही क्षेत्र के कई गांवों में स्थानीय लोग सड़क के अभाव में वर्षों से परेशानी झेल रहे हैं। जिला मुख्यालय पर ही मुहल्ला पिसनारी बाग में पांच सौ से अधिक परिवार बिना सड़क के पिछले पांच-छह वर्षों से कठिनाई झेल रहे हैं, यही हालात नेहरु नगर क्षेत्र के मुहल्ला जुगपुरा की भी है। इसी तरह नेहरु नगर, सिद्वनपुरा, रावतयाना, गोविंद नगर, रामनगर आदि मुहल्लों में पक्की सड़कें नहीं है। इसी तरह दर्जनों गांव व मजरा है जहां पर पक्की सड़कें नहीं हैं। इन इलाकों में विकास की जगह हरित पट्टी में सड़क का निर्माण कराना कहीं न कहीं जनता के धन का दुरुपयोग है और यह जनता के साथ छलावा भी है।
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सड़क के दोनों ओर हैं प्लाट
केवल निजी व्यक्ति को लाभ पहुंचने के लिए यह सड़क नहीं बनाई गई है, रोड के दोनों ओर प्लाट हैं जहां मकान बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा हरित पट्टी की जानकारी नहीं है, आवेदन स्वीकृति के बाद भी सड़क बनाई गई है।
रामरतन कुशवाहा
सदर विधायक, ललितपुर।
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इसी क्षेत्र में भाजपा कार्यालय भी है प्रस्तावित
ललितपुर।
योगी सरकार प्रदेश में भू-माफियों व अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए हैं, वहीं जनपद में सत्ता के ही लोग शासन की मंशा के विपरीत अवैध निर्माण को बढ़ावा देने का काम कर रहे हैं। लोगों का आरोप है कि भाजपा के सदर विधायक ने एक निजी व्यक्ति को लाभ पहुंचाने की मंशा से हरित पट्टी में जनता कीलाखों रुपए की राशि से सड़क डलवा दी है और भाजपा ने अपने कार्यालय के लिए भी यहीं पर प्लाट खरीदा है। इससे हरित पट्टी में अवैध निर्माण को कहीं न कहीं बढ़ावा मिल रहा है। वहीं, दूसरी ओर शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में कई स्थानों पर सड़क के अभाव में स्थानीय जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है।
नवीन गल्ला मंडी के पीछे नेशनल हाइवे के किनारे राजकीय महाविद्यालय की ओर का पूरा क्षेत्र हरित पट्टी में है। करीब दो वर्ष पूर्व भू-माफियों द्वारा यहां हरित पट्टी में प्लाटिंग की गई थी। इसके बाद यहां पर कुछ लोगों द्वारा अवैध तरीके से भवनों का निर्माण कर लिया गया था। इनमें से कुछ के खिलाफ नियत प्राधिकरण में कार्रवाई भी चल रही है। प्रदेश में सत्ता बदलने के कुछ ही दिनों बाद से यहां पर अवैध निर्माण कार्य ने काफी तेजी पकड़ी है और प्राधिकरण विभाग भी इस ओर नजर नहीं डाल रहा है। सात-आठ माह पूर्व इसी हरित पट्टी में भाजपा के कार्यालय के लिए भी जमीन ली गई है। सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने अपनी विधायक निधि से इसी हरित पट्टी में जनता के 8.20 लाख रुपए से पेवर ब्रिक्स सड़क का निर्माण कराया है, जो रघुवीर सिंह महाविद्यालय से भारत गैस गोदाम के पास से एक व्यक्ति के मकान तक बनाई गई है। यह सड़क निर्माण कार्य सदर विधायक की निधि का पहला काम है, जो जनता की सुविधा व क्षेत्र के विकास की जगह एक निजी व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के लिए कराया गया है, क्योंकि यह सड़क यहां बने एक मकान के पास जाकर खत्म होती है, सड़क पर बड़ा गेट भी लगा हुआ है और वह मकान यहां पर प्लाटिंग करने वाले ही व्यक्ति का है। गौरतलब है कि यहां पर भाजपा कार्यालय के लिए जमीन उपलब्ध होने और विधायक के द्वारा सड़क का निर्माण करा देने के बाद यहां पर एक वर्ष से खाली पड़े प्लाटों पर लोगों ने तेजी से निर्माण कार्य शुरू कर दिया है।
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सड़क के अभाव में जनता हो रही परेशान
विधायक निधि का उपयोग जनता की सुविधा व विकास कार्य के लिए किया जाता है। एक निजी व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के लिए लाखों रुपए से हरित पट्टी में सड़क का निर्माण करा दिया है, जबकि शहर में ही क्षेत्र के कई गांवों में स्थानीय लोग सड़क के अभाव में वर्षों से परेशानी झेल रहे हैं। जिला मुख्यालय पर ही मुहल्ला पिसनारी बाग में पांच सौ से अधिक परिवार बिना सड़क के पिछले पांच-छह वर्षों से कठिनाई झेल रहे हैं, यही हालात नेहरु नगर क्षेत्र के मुहल्ला जुगपुरा की भी है। इसी तरह नेहरु नगर, सिद्वनपुरा, रावतयाना, गोविंद नगर, रामनगर आदि मुहल्लों में पक्की सड़कें नहीं है। इसी तरह दर्जनों गांव व मजरा है जहां पर पक्की सड़कें नहीं हैं। इन इलाकों में विकास की जगह हरित पट्टी में सड़क का निर्माण कराना कहीं न कहीं जनता के धन का दुरुपयोग है और यह जनता के साथ छलावा भी है।
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सड़क के दोनों ओर हैं प्लाट
केवल निजी व्यक्ति को लाभ पहुंचने के लिए यह सड़क नहीं बनाई गई है, रोड के दोनों ओर प्लाट हैं जहां मकान बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा हरित पट्टी की जानकारी नहीं है, आवेदन स्वीकृति के बाद भी सड़क बनाई गई है।
रामरतन कुशवाहा
सदर विधायक, ललितपुर।