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टीबी के पूर्ण उपचार पर चिकित्सक को छह सौ रुपए प्रोत्साहन
Updated Sun, 17 Dec 2017 03:01 AM IST
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टीबी के सफल उपचार पर चिकित्सक को छह सौ रुपये प्रोत्साहन
ललितपुर। प्राइवेट डॉक्टर्स एसोसिएशन की टीबी नोटिफिकेशन संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन शुक्रवार को मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में किया गया। इसमें बताया गया कि स्वास्थ्य मंत्रालय की योजना के तहत टीबी का पूर्ण उपचार कराने वाले प्राइवेट चिकित्सकों को छह सौ रुपये प्रोत्साहन दिया जाएगा।
कार्यशाला में जिला क्षय रोग अधिकारी डा. हुसैन खान ने कहा कि केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने निर्णय लिया है कि टीबी के मरीजों का उपचार कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग में पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण मरीज प्राइवेट चिकित्सकों के पास इलाज के लिए चले जाते हैं। इसके कारण रोगी के सही होने का आंकड़ा स्वास्थ्य विभाग में दर्ज नहीं हो पाता है। लेकिन अब सभी प्राइवेट चिकित्सकों को टीबी रोगियों के बारे में पूरी जानकारी सूची बनाकर मुख्य चिकित्साधिकारी/जिला क्षय रोग अधिकारी को देनी होगी। इससे विभाग के कर्मचारियों द्वारा ऐसे रोगी जो बीच में उपचार छोड़ते हैं, उन्हें पूर्ण उपचार हेतु प्रोत्साहित किया जाएगा और उनका फॉलोअप किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार एक मरीज का उपचार शुरू होने से उपचार पूर्ण होने तक प्राइवेट चिकित्सक को छह सौ रुपये दिए जाएंगे। जिला क्षय रोग अधिकारी ने सभी प्राइवेट चिकित्सकों सेे (जो टीबी के मरीजों का उपचार कर रहे है) कहा कि वह सभी अपना खाता संख्या और आधार नंबर क्षय रोग विभाग में जमा करा दें, जिससे उन्हें शासन की मंशानुसार डीबीटी (डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर) योजना का लाभ दिया जा सके। आगे बताया गया कि अभी तक वर्तमान में डा. राज कुमार जैन, डा. आरके अग्रवाल, डा. अनुराग चौधरी, डा. एके दिवाकर, डा. सुधीर नजा, डा. आलोक जैन, डा. अक्षय टड़ैया, केके जैन हॉस्पिटल, एचबीएम हॉस्पिटल, अर्चित हॉस्पटिल, डा. अमर चंद, डा. सुनील कुमार और तालबेहट के डा. सुनील कुमार अग्निहोत्री द्वारा ही उपचार प्राप्त कर रहे क्षय रोगियों की जानकारी विभाग को प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त उक्त संबंध में अन्य चिकित्सकों से भी संपर्क किया जा रहा है। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. प्रताप सिंह ने कहा किश प्राइवेट चिकित्सक शासन की मंशानुसार टीबी रोगियों की जानकारी का विवरण विभाग को उपलब्ध कराएं अन्यथा की स्थिति में शासन से प्राप्त आदेशों के अनुसार उक्त प्राइवेट चिकित्सकों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है। जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि क्षयरोग विभाग में एक निक्षय सॉफ्टवेयर है, जिसमें सभी प्राइवेट और सरकारी चिकित्सकों से प्राप्त टीबी मरीजों का विवरण ऑनलाइन पंजीकृत किया जाता है। इसके पता चल सके कि जनपद, राज्य एवं राष्ट्रीयस्तर पर कुल कितने टीबी के रोगी उपचार प्राप्त कर रहे हैं।
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ललितपुर। प्राइवेट डॉक्टर्स एसोसिएशन की टीबी नोटिफिकेशन संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन शुक्रवार को मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में किया गया। इसमें बताया गया कि स्वास्थ्य मंत्रालय की योजना के तहत टीबी का पूर्ण उपचार कराने वाले प्राइवेट चिकित्सकों को छह सौ रुपये प्रोत्साहन दिया जाएगा।
कार्यशाला में जिला क्षय रोग अधिकारी डा. हुसैन खान ने कहा कि केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने निर्णय लिया है कि टीबी के मरीजों का उपचार कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग में पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण मरीज प्राइवेट चिकित्सकों के पास इलाज के लिए चले जाते हैं। इसके कारण रोगी के सही होने का आंकड़ा स्वास्थ्य विभाग में दर्ज नहीं हो पाता है। लेकिन अब सभी प्राइवेट चिकित्सकों को टीबी रोगियों के बारे में पूरी जानकारी सूची बनाकर मुख्य चिकित्साधिकारी/जिला क्षय रोग अधिकारी को देनी होगी। इससे विभाग के कर्मचारियों द्वारा ऐसे रोगी जो बीच में उपचार छोड़ते हैं, उन्हें पूर्ण उपचार हेतु प्रोत्साहित किया जाएगा और उनका फॉलोअप किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार एक मरीज का उपचार शुरू होने से उपचार पूर्ण होने तक प्राइवेट चिकित्सक को छह सौ रुपये दिए जाएंगे। जिला क्षय रोग अधिकारी ने सभी प्राइवेट चिकित्सकों सेे (जो टीबी के मरीजों का उपचार कर रहे है) कहा कि वह सभी अपना खाता संख्या और आधार नंबर क्षय रोग विभाग में जमा करा दें, जिससे उन्हें शासन की मंशानुसार डीबीटी (डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर) योजना का लाभ दिया जा सके। आगे बताया गया कि अभी तक वर्तमान में डा. राज कुमार जैन, डा. आरके अग्रवाल, डा. अनुराग चौधरी, डा. एके दिवाकर, डा. सुधीर नजा, डा. आलोक जैन, डा. अक्षय टड़ैया, केके जैन हॉस्पिटल, एचबीएम हॉस्पिटल, अर्चित हॉस्पटिल, डा. अमर चंद, डा. सुनील कुमार और तालबेहट के डा. सुनील कुमार अग्निहोत्री द्वारा ही उपचार प्राप्त कर रहे क्षय रोगियों की जानकारी विभाग को प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त उक्त संबंध में अन्य चिकित्सकों से भी संपर्क किया जा रहा है। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. प्रताप सिंह ने कहा किश प्राइवेट चिकित्सक शासन की मंशानुसार टीबी रोगियों की जानकारी का विवरण विभाग को उपलब्ध कराएं अन्यथा की स्थिति में शासन से प्राप्त आदेशों के अनुसार उक्त प्राइवेट चिकित्सकों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है। जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि क्षयरोग विभाग में एक निक्षय सॉफ्टवेयर है, जिसमें सभी प्राइवेट और सरकारी चिकित्सकों से प्राप्त टीबी मरीजों का विवरण ऑनलाइन पंजीकृत किया जाता है। इसके पता चल सके कि जनपद, राज्य एवं राष्ट्रीयस्तर पर कुल कितने टीबी के रोगी उपचार प्राप्त कर रहे हैं।
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