फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   उमा भारती को मिली सरकारी अस्पताल में कमियां

उमा भारती को मिली सरकारी अस्पताल में कमियां

Tue, 10 Oct 2017 01:47 AM IST
Updated Tue, 10 Oct 2017 01:47 AM IST
विज्ञापन
उमा भारती को मिली सरकारी अस्पताल में कमियां
फोटो- 07
विज्ञापन

कैप्सन-ट्रामा सेंटर में मरीजों का हालचाल जानती केंद्रीय मंत्री उमा भारती।
दुर्घटना होने पर प्राइवेट अस्पताल भी करेंगे इलाज
उमा ने पूछा रेडियो लॉजिस्ट, सीटी स्कैन की सुविधा क्यों नहीं
सीएमएस बोले चार-पांच करोड़ में आएगी मशीन, पत्राचार किया है
केंद्रीय मंत्री ने कहा केंद्र सरकार ने बनाई नई हेल्थ पॉलिसी
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। टीकाकरण कार्यक्रम का शुभारंभ करने के बाद केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने जिला अस्पताल पहुंचकर गत तीन दिन पूर्व सागर हाईवे पर दुर्घटना में घायल हुए मरीजों का हालचाल जाना। उन्होंने मरीजों के इलाज के लिए सीटी स्कैन की व्यवस्था नहीं होने, रेडियो लॉजिस्ट नहीं होने या अन्य जरूरी व्यवस्थाओं के अभाव की जानकारी सीएमएस और जिलाधिकारी से ली और शीघ्र व्यवस्था के लिए शासन को पत्राचार के लिए कहा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने नई हेल्थ पॉलिसी बनाई है, जिसमें दुर्घटनाएं होने पर अब प्राइवेट अस्पतालों को भी ऐसे मरीजों का इलाज करना होगा।

केंद्रीय मंत्री उमाभारती ने जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर पहुंचकर गत दिनों ट्रैक्टर और ट्रक की टक्कर में घायल मरीजों का हालचाल जाना। उन्होंने मरीजों के इलाज की सुविधाओं और दवाओं की जानकारी भी मरीजों से ली और सिर पर चोट वाले मरीजों की सीटी स्कैन कराने की बात सीएमएस से पूूछी तो सीएमएस द्वारा बताया गया कि यहां इस जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इस पर उन्होंने पूछा कि यह मशीन कहां से और कितने की आती है, तो बताया गया कि यह मशीन करीब चार से पांच करोड़ रुपये की आती है, जबकि यह मशीन जापान से मंगानी है। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने भी बताया कि इसके लिए शासन को पत्र लिखा गया है। इतना बताने के साथ ही रेडियो लॉजिस्ट के नहीं होने पर अन्य एक्सरे आदि जांच भी प्रभावित होना बताया गया, जिस पर उन्होंने सीएमएस और जिलाधिकारी को जिला अस्पताल में जरूरी जांच और स्टॉफ की कमी दूर करने के लिए शासन स्तर पर डिमांड रखने की बात कही। इस दौरान कई अन्य मरीजों ने भी अपनी व्यथा सुनाई। इसके बाद केंद्रीय मंत्री ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि गत दिवस गुजरात के बडनगर में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि पिछले सत्तर साल में हेल्थ पॉलिसी नहीं बन सकी है और अब सरकार ने नई हेल्थ पॉलिसी बनाई है। अब तक हेल्थ पॉलिसी नहीं होने परिणाम में ही ललितपुर में रेडियोलॉजिस्ट नहीं है, जबकि यह जिला हेड क्वार्टर है। सीटी स्कैन की कोई व्यवस्था नहीं है। जिससे मरीजों को सरकारी अस्पतालों में व्यवस्थाओं के अभाव के कारण दिक्कतें हो रही हैं। अब नई हेल्थ पॉलिसी में ऐसी सभी जरूरतों को पूरा करेंगे। नई हेल्थ पॉलिसी लागू करने के लिए योगी सरकार प्रयासरत हैं और नई हेल्थ पॉलिसी में जो तय हुआ है कि किसी आवश्यक तात्कालिक निदान के लिए जरूरी साधन होते हैं, वे सरकारी अस्पतालों में मौजूद हों, लेकिन दूसरी बात भी है कि किसी दुर्घटना होने पर प्राइवेट अस्पताल को भी मरीज का इलाज करना चाहिए। कोर्ट का भी आर्डर हो चुका है और सरकार ने भी कहा कि प्राईवेट अस्पताल के ट्रीटमेंट में आपत्ति नहीं करेंगे और बयानों के लिए भी नहीं बुलाएंगे। कई बार देखा गया कि प्राइवेट अस्पताल ऐसी स्थिति में घायलों का इलाज करने से मना कर देते हैं, लेकिन अब उन्हें भी इस मर्यादा का पालन करना होगा, अन्यथा कार्रवाई भी होगी। केंद्र सरकार ने नई हेल्थ पॉलिसी जो लागू कर दी है, उसे साल छह महीने में परिणाम दिखने लगेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed