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तेरह वर्षीय बालक से भी बारौन गांव की शांति को खतरा
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महरौनी। थाना सौजना पुलिस ने ग्राम बारौन में जमीन के विवाद के मामले में शिकायत होने पर तेरह वर्षीय बालक पर शांति भंग की कार्रवाई कर दी है। नोटिस पहुंचने पर परिजनों ने बालक को एसडीएम कोर्ट में पेश किया।
ग्राम बारौन निवासी विजय पुत्र स्व. छंदी अहिरवार से शांति भंग का खतरा पैदा हो गया। इस कारण सौजना पुलिस ने बालक के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई करते हुए एसडीएम कोर्ट में रिपोर्ट दे दी। एसडीएम कोर्ट से जब बालक के घर नोटिस पहुंचा तो शनिवार को परिजन बच्चे को लेकर एसडीएम कोर्ट महरौनी में पेशी के लिए पहुंच गए। इसके बाद मामला संज्ञान में आया।
एसडीएम कोर्ट में बालक के परिजनों ने उसके जन्म प्रमाण पत्र व स्कूली प्रमाण पत्र दिखाए। यह बालक सातवीं कक्षा में गांव में पढ़ता है और अपनी मां के साथ रहता है। मां मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करती है। बालक की मां हल्ली ने बताया कि उसकी जमीन की रजिस्ट्री उसके पति के दो भाइयों ने करा ली है और दोनों उसे जमीन से बेदखल करना चाह रहे हैं। इसके संबंध में मुकदमा चल रहा है। इसी के चलते उक्त लोग उसे परेशान करते हैं और शिकायतें करते रहते हैं।
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थाना सौजना पुलिस ने विपक्षियों ने उसके पुत्र की आयु 40 वर्ष बताकर यह कार्रवाई कर दी, जिसके चलते उसे कोर्ट में पेशी पर पहुंचना पड़ा।
जिसके बाद यह इस पूरे मामले में सोजना थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे कि यह बड़ी चूक कैसे कर दी।
यह कार्रवाई भूल से हो गई है। ग्रामीणों ने आईजीआरएस पर शिकायत की थी, जिसमें विजय की उम्र चालीस वर्ष लिखवा दी थी। उसी के आधार पर कार्रवाई कर दी गई है। एसडीएम कोर्ट में उक्त कार्रवाई को समाप्त कराने की प्रक्रिया की जा रही है।
- बृषभान सिंह, थानाध्यक्ष सौजना
उनके संज्ञान में इस तरह की कोई शिकायत नहीं आई है। यदि शिकायत आएगी तो निमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- ज्ञानेश्वर प्रसाद, एसडीएम
कोर्ट ने इस मामले में बच्चे पर कार्रवाई समाप्त करने को कहा है।
- प्रकाश सोनी, अधिवक्ता
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ग्राम बारौन निवासी विजय पुत्र स्व. छंदी अहिरवार से शांति भंग का खतरा पैदा हो गया। इस कारण सौजना पुलिस ने बालक के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई करते हुए एसडीएम कोर्ट में रिपोर्ट दे दी। एसडीएम कोर्ट से जब बालक के घर नोटिस पहुंचा तो शनिवार को परिजन बच्चे को लेकर एसडीएम कोर्ट महरौनी में पेशी के लिए पहुंच गए। इसके बाद मामला संज्ञान में आया।
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एसडीएम कोर्ट में बालक के परिजनों ने उसके जन्म प्रमाण पत्र व स्कूली प्रमाण पत्र दिखाए। यह बालक सातवीं कक्षा में गांव में पढ़ता है और अपनी मां के साथ रहता है। मां मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करती है। बालक की मां हल्ली ने बताया कि उसकी जमीन की रजिस्ट्री उसके पति के दो भाइयों ने करा ली है और दोनों उसे जमीन से बेदखल करना चाह रहे हैं। इसके संबंध में मुकदमा चल रहा है। इसी के चलते उक्त लोग उसे परेशान करते हैं और शिकायतें करते रहते हैं।
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थाना सौजना पुलिस ने विपक्षियों ने उसके पुत्र की आयु 40 वर्ष बताकर यह कार्रवाई कर दी, जिसके चलते उसे कोर्ट में पेशी पर पहुंचना पड़ा।
जिसके बाद यह इस पूरे मामले में सोजना थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे कि यह बड़ी चूक कैसे कर दी।
यह कार्रवाई भूल से हो गई है। ग्रामीणों ने आईजीआरएस पर शिकायत की थी, जिसमें विजय की उम्र चालीस वर्ष लिखवा दी थी। उसी के आधार पर कार्रवाई कर दी गई है। एसडीएम कोर्ट में उक्त कार्रवाई को समाप्त कराने की प्रक्रिया की जा रही है।
- बृषभान सिंह, थानाध्यक्ष सौजना
उनके संज्ञान में इस तरह की कोई शिकायत नहीं आई है। यदि शिकायत आएगी तो निमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- ज्ञानेश्वर प्रसाद, एसडीएम
कोर्ट ने इस मामले में बच्चे पर कार्रवाई समाप्त करने को कहा है।
- प्रकाश सोनी, अधिवक्ता