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फार्मासिस्ट के सहारे चल रहा मुख्यालय का होम्योपैथी चिकित्सालय
Updated Wed, 10 Oct 2018 02:32 AM IST
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फार्मासिस्ट के सहारे चल रहा मुख्यालय का होम्योपैथी चिकित्सालय
ललितपुर। जिला चिकित्सालय में संचालित होम्योपैथी अस्पताल चिकित्सक की कमी का दंश झेल रहा है। वर्तमान में यह अस्पताल फार्मासिस्ट के सहारे हो गया है। जब ये हाल जनपद मुख्यालय का है तो ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति उपचार के प्रति लोगों का रुझान बढ़ रहा है। जिससे अब होम्योपैथी अस्पतालों में मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। लेकिन चिकित्सकों की कमी आड़े आ रही है। जिससे मरीजों को उचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। ऐसी ही स्थिति जिला मुख्यालय पर स्थित इकलौते अस्पताल में भी चिकित्सक की तैनाती नहीं है। ऐसी स्थिति में फार्मासिस्ट के सहारे अस्पताल में मरीजों को उपचार मुहैया कराया जा रहा है। जिस कारण आने वाले मरीजों को चिकित्सालय में चिकित्सक की खमी खल रही है। वहीं, बीते माह पूर्व इस अस्पताल में एक चिकित्सक को जिला मुख्यालय के अस्पताल में चार दिन के लिए तैनात किया गया था। लेकिन बीते लगभग एक माह में चिकित्सक का अटैचमेंट रद्द कर दिया गया है। साथ ही संबंधित चिकित्सक को मूल तैनाती पर भेज दिया गया है। जिससे मुख्यालय के पर आने वाले मरीजों को चिकित्सक के बगैर ही उपचार कराना पड़ रहा है। लोगों का मानना है कि होम्योपैथी उपचार से किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है। और न ही दवाओं के सेवन के कोई साईड एफैक्ट नहीं होता है। साथ ही रोग जड़ से खत्म हो जाता है। लेकिन चिकित्सकों की कमी के चलते उपचार कराने में परेशान होना पड़ता है। मुख्यालय पर यह स्थिति है तो ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति और भी बदतर होगी।
कोई व्यवस्था नहीं है
जिला अस्पताल में स्थित होम्योपैथी अस्पताल में चिकित्सक को कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है। शासन व्यवस्था कर रहा है। चिकित्सक आएंगे तो नियुक्त किया जाएगा।
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डा. लक्ष्मीकांत पांडेय, जिला होम्योपैथिक चिकित्सकाधिकारी
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ललितपुर। जिला चिकित्सालय में संचालित होम्योपैथी अस्पताल चिकित्सक की कमी का दंश झेल रहा है। वर्तमान में यह अस्पताल फार्मासिस्ट के सहारे हो गया है। जब ये हाल जनपद मुख्यालय का है तो ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति उपचार के प्रति लोगों का रुझान बढ़ रहा है। जिससे अब होम्योपैथी अस्पतालों में मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। लेकिन चिकित्सकों की कमी आड़े आ रही है। जिससे मरीजों को उचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। ऐसी ही स्थिति जिला मुख्यालय पर स्थित इकलौते अस्पताल में भी चिकित्सक की तैनाती नहीं है। ऐसी स्थिति में फार्मासिस्ट के सहारे अस्पताल में मरीजों को उपचार मुहैया कराया जा रहा है। जिस कारण आने वाले मरीजों को चिकित्सालय में चिकित्सक की खमी खल रही है। वहीं, बीते माह पूर्व इस अस्पताल में एक चिकित्सक को जिला मुख्यालय के अस्पताल में चार दिन के लिए तैनात किया गया था। लेकिन बीते लगभग एक माह में चिकित्सक का अटैचमेंट रद्द कर दिया गया है। साथ ही संबंधित चिकित्सक को मूल तैनाती पर भेज दिया गया है। जिससे मुख्यालय के पर आने वाले मरीजों को चिकित्सक के बगैर ही उपचार कराना पड़ रहा है। लोगों का मानना है कि होम्योपैथी उपचार से किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है। और न ही दवाओं के सेवन के कोई साईड एफैक्ट नहीं होता है। साथ ही रोग जड़ से खत्म हो जाता है। लेकिन चिकित्सकों की कमी के चलते उपचार कराने में परेशान होना पड़ता है। मुख्यालय पर यह स्थिति है तो ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति और भी बदतर होगी।
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कोई व्यवस्था नहीं है
जिला अस्पताल में स्थित होम्योपैथी अस्पताल में चिकित्सक को कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है। शासन व्यवस्था कर रहा है। चिकित्सक आएंगे तो नियुक्त किया जाएगा।
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डा. लक्ष्मीकांत पांडेय, जिला होम्योपैथिक चिकित्सकाधिकारी