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नहीं आएगी ओटीएस, किस्तों में ही करना होगा बिलों का भुगतान
Updated Tue, 27 Feb 2018 02:05 AM IST
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नहीं होगा एकमुश्त समाधान, किस्तों में ही होगा बिल का भुगतान
ललितपुर। उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन इस बार एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) शुरू नहीं करेगा, लेकिन अब ओटीएस के स्थान पर ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं की सुविधा और बकाया वसूली बढ़ाने के लिए छह किस्तों में विद्युत बिल बकाया जमा करने की योजना लागू की है, ताकि ग्रामीणों को अधिक बकाया होने पर परेशान न होना पड़े, हालांकि इसमें सरचार्ज या अन्य प्रकार का कोई कर माफ नहीं किया जाएगा।
फसल आने के दौरान ग्रामीण घरेलू व खासकर नलकूप संयोजनधारी उपभोक्ताओं को रबी की फसल आने के दौरान शासन द्वारा प्रतिवर्ष लागू की जाने वाली एक मुश्त समाधान योजना या फिर नाम परिवर्तन करते हुए एमनेस्टी योजना लागूू की जाती रही है, इसमें उपभोक्ताओं को विद्युत बिलों में कभी पचास प्रतिशत या फिर सौ फीसदी सरचार्ज माफ करने की योजना लागू की जाती थी, इसका लाभ लेने के लिए पावर कार्पोरेशन द्वारा तय राशि देकर रजिस्ट्रेशन कराना होता था और उक्त रजिस्ट्रेशन फीस को बिल की राशि में जोड़कर भुगतान कराया जाता था। इस बार शासन द्वारा उक्त ओटीएस योजना को लागू नहीं किया जा रहा है। इसके बाद शासन द्वारा विद्युत बकाया राशि की ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं से दस प्रतिशत और नलकूप उपभोक्ताओं से बीस प्रतिशत शुरुआती राशि जमा कराने के बाद छह किस्तों में विद्युत बकाया जमा कराने की राहत देने की योजना शुरू की है।
बता दें कि अभी तक शहर में चार किस्तों में बिल जमा कराने का प्रावधान है, इसमें पहली किस्त में कम से कम चालीस प्रतिशत और इसके बाद दस हजार रुपये से अधिक होने पर पोस्ट डेटेड चेक देना होता था, लेकिन अब नॉन-आरएपीडीआरपी क्षेत्र के घरेलू बत्ती पंखा एवं निजी नलकूप संयोजन के उपभोक्ताओं से एरियर राशि का 10 व 20 प्रतिशत एवं करंट बिल ऑनलाइन बिलिंग सिस्टम पर स्वत:स्वीकार करने और बकाया राशि की छह माह एक समान किस्तों की व्यवस्था लागू की गई है। यदि उपभोक्ता एक माह किस्त जमा करने के बाद अगले माह में भुगतान नहीं करता है तो जितने माह बाद भी भुगतान करने के लिए कार्यालय पहुंचेगा, उतने माह की बकाया किस्त शामिल करते हुए भुगतान कराया जाएगा। इस प्रकार भुगतान लेने में उपभोक्ता द्वारा देय सरचार्ज यथावत लगेगा, जिसे उपभोक्ता को चुकाना होगा। प्रबंधन निदेशक ने किस्तों में भुगतान जमा कराने की योजना से वसूली करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं और इस योजना के प्रचार प्रसार कर हर उपभोक्ता को सुविधा पहुंचाने के निर्देश जारी किए।
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ललितपुर। उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन इस बार एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) शुरू नहीं करेगा, लेकिन अब ओटीएस के स्थान पर ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं की सुविधा और बकाया वसूली बढ़ाने के लिए छह किस्तों में विद्युत बिल बकाया जमा करने की योजना लागू की है, ताकि ग्रामीणों को अधिक बकाया होने पर परेशान न होना पड़े, हालांकि इसमें सरचार्ज या अन्य प्रकार का कोई कर माफ नहीं किया जाएगा।
फसल आने के दौरान ग्रामीण घरेलू व खासकर नलकूप संयोजनधारी उपभोक्ताओं को रबी की फसल आने के दौरान शासन द्वारा प्रतिवर्ष लागू की जाने वाली एक मुश्त समाधान योजना या फिर नाम परिवर्तन करते हुए एमनेस्टी योजना लागूू की जाती रही है, इसमें उपभोक्ताओं को विद्युत बिलों में कभी पचास प्रतिशत या फिर सौ फीसदी सरचार्ज माफ करने की योजना लागू की जाती थी, इसका लाभ लेने के लिए पावर कार्पोरेशन द्वारा तय राशि देकर रजिस्ट्रेशन कराना होता था और उक्त रजिस्ट्रेशन फीस को बिल की राशि में जोड़कर भुगतान कराया जाता था। इस बार शासन द्वारा उक्त ओटीएस योजना को लागू नहीं किया जा रहा है। इसके बाद शासन द्वारा विद्युत बकाया राशि की ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं से दस प्रतिशत और नलकूप उपभोक्ताओं से बीस प्रतिशत शुरुआती राशि जमा कराने के बाद छह किस्तों में विद्युत बकाया जमा कराने की राहत देने की योजना शुरू की है।
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बता दें कि अभी तक शहर में चार किस्तों में बिल जमा कराने का प्रावधान है, इसमें पहली किस्त में कम से कम चालीस प्रतिशत और इसके बाद दस हजार रुपये से अधिक होने पर पोस्ट डेटेड चेक देना होता था, लेकिन अब नॉन-आरएपीडीआरपी क्षेत्र के घरेलू बत्ती पंखा एवं निजी नलकूप संयोजन के उपभोक्ताओं से एरियर राशि का 10 व 20 प्रतिशत एवं करंट बिल ऑनलाइन बिलिंग सिस्टम पर स्वत:स्वीकार करने और बकाया राशि की छह माह एक समान किस्तों की व्यवस्था लागू की गई है। यदि उपभोक्ता एक माह किस्त जमा करने के बाद अगले माह में भुगतान नहीं करता है तो जितने माह बाद भी भुगतान करने के लिए कार्यालय पहुंचेगा, उतने माह की बकाया किस्त शामिल करते हुए भुगतान कराया जाएगा। इस प्रकार भुगतान लेने में उपभोक्ता द्वारा देय सरचार्ज यथावत लगेगा, जिसे उपभोक्ता को चुकाना होगा। प्रबंधन निदेशक ने किस्तों में भुगतान जमा कराने की योजना से वसूली करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं और इस योजना के प्रचार प्रसार कर हर उपभोक्ता को सुविधा पहुंचाने के निर्देश जारी किए।
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